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Cyber Fraud: दिल्ली में ₹4.75 लाख का स्टॉक ट्रेडिंग फ्रॉड, ओडिशा से साइबर आरोपी गिरफ्तार; 2 महीने में खाते में आए ₹2.97 करोड़

Cyber Fraud: दिल्ली में ₹4.75 लाख का स्टॉक ट्रेडिंग फ्रॉड, ओडिशा से साइबर आरोपी गिरफ्तार; 2 महीने में खाते में आए ₹2.97 करोड़

नई दिल्ली। शाहदरा जिले की साइबर थाना पुलिस ने स्टॉक मार्केट और IPO में निवेश के नाम पर लोगों से ठगी करने वाले साइबर फ्रॉड नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए ओडिशा से एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान 33 वर्षीय सुब्रत कुमार साहू, निवासी भुवनेश्वर, खोरधा, ओडिशा के रूप में हुई है। पुलिस ने उसके कब्जे से एक मोबाइल फोन और सिम कार्ड बरामद किया है।

पुलिस के मुताबिक, इस मामले में शिकायतकर्ता राम चंद्र यादव को WhatsApp पर “Bull Market Dhan Club H10608” नाम के ग्रुप में जोड़ा गया था। ग्रुप में मौजूद आरोपी खुद को शेयर मार्केट एक्सपर्ट बताते थे और स्टॉक ट्रेडिंग तथा IPO में निवेश करने पर भारी और निश्चित मुनाफे का दावा करते थे।

शुरुआत में आरोपियों ने शिकायतकर्ता को एक फर्जी ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म पर निवेश की रकम और कथित मुनाफा दिखाया। इससे शिकायतकर्ता को भरोसा हो गया और उन्होंने UPI तथा नेट बैंकिंग के जरिए कुल 4.75 लाख रुपये निवेश कर दिए। कुछ समय बाद जब उन्होंने कथित मुनाफे की रकम निकालने का प्रयास किया तो आरोपियों ने 12 लाख रुपये अतिरिक्त मांगे। इसे प्रोसेसिंग और विदड्रॉल चार्ज बताया गया। इसके बाद शिकायतकर्ता को ठगी का एहसास हुआ और उन्होंने साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराई।

जांच के दौरान पुलिस ने ठगी की रकम से जुड़े बैंक खातों और वित्तीय लेनदेन की जांच शुरू की। पुलिस को करीब 3.75 लाख रुपये की रकम एक सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के खाते में पहुंचने की जानकारी मिली। यह खाता “Fusion Enterprises” नाम से कॉरपोरेट अकाउंट था, जिसमें सुब्रत कुमार साहू और संतोष कुमार लेंका के नाम दर्ज थे।

तकनीकी जांच के आधार पर पुलिस टीम ने सुब्रत कुमार साहू को भुवनेश्वर से गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपी ने कथित तौर पर बताया कि उसने साइबर अपराध से जुड़ी संदिग्ध वित्तीय गतिविधियों के लिए कई बैंक खाते खुलवाए और उपलब्ध कराए थे। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने करीब सात कॉरपोरेट और सेविंग बैंक खाते खुलवाने की बात स्वीकार की है।

जांच में सबसे बड़ा खुलासा संबंधित बैंक खाते के लेनदेन को लेकर हुआ। पुलिस के मुताबिक, इस खाते में महज दो महीने के भीतर करीब 2.97 करोड़ रुपये का लेनदेन हुआ। आरोपी के मोबाइल फोन की जांच के दौरान पुलिस को सह-आरोपियों के साथ बैंक खातों और वित्तीय लेनदेन से जुड़ी चैट भी मिली हैं।

पुलिस के अनुसार, इसी बैंक खाते का लिंक देश के अलग-अलग हिस्सों में दर्ज 17 साइबर फ्रॉड शिकायतों से भी सामने आया है। इससे पुलिस को आशंका है कि आरोपी एक बड़े साइबर ठगी नेटवर्क से जुड़ा हुआ था। अब जांच एजेंसी इस नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों और पैसों के पूरे वित्तीय ट्रेल का पता लगाने में जुटी है।

जांच में यह भी सामने आया कि साइबर ठग WhatsApp, Telegram और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए लोगों से संपर्क करते थे। वे खुद को शेयर मार्केट एक्सपर्ट या निवेश सलाहकार बताते थे। शुरुआत में कम रकम निवेश करवाकर फर्जी मुनाफा दिखाया जाता था। पीड़ित का भरोसा बनने के बाद उससे बड़ी रकम निवेश कराई जाती थी।

जब पीड़ित रकम निकालने की कोशिश करता था तो ठग टैक्स, वेरिफिकेशन, प्रोसेसिंग फीस या विदड्रॉल चार्ज के नाम पर अतिरिक्त रकम की मांग करते थे। पैसे मिलने के बाद आरोपी पीड़ित से संपर्क तोड़ देते थे।

शाहदरा साइबर थाना पुलिस ने लोगों से अपील की है कि WhatsApp, Telegram या सोशल मीडिया पर मिलने वाले गारंटीड या असामान्य रूप से अधिक रिटर्न के दावों पर भरोसा न करें। किसी अनजान व्यक्ति के साथ OTP, UPI PIN या बैंकिंग संबंधी संवेदनशील जानकारी साझा न करें। साथ ही अपने बैंक खाते का एक्सेस किसी दूसरे व्यक्ति को देने से बचें।

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