Auto Lifter Arrest: नॉर्थ-ईस्ट दिल्ली में AATS का बड़ा एक्शन, शातिर वाहन चोर गिरफ्तार; 12 चोरी की बाइक बरामद
नई दिल्ली। नॉर्थ-ईस्ट दिल्ली में लगातार सामने आ रही वाहन चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए चलाए जा रहे अभियान के बीच AATS टीम ने एक कथित शातिर ऑटो लिफ्टर को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक आरोपी की गिरफ्तारी के बाद उसके कब्जे और निशानदेही पर कुल 12 चोरी के दोपहिया वाहन बरामद किए गए हैं। इन वाहनों की बरामदगी के आधार पर दिल्ली के अलग-अलग पुलिस थाना क्षेत्रों में दर्ज मोटर व्हीकल चोरी के 12 मामलों को सुलझाने का दावा किया गया है।
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी की पहचान 22 वर्षीय सलमान के रूप में हुई है, जो पुराना मुस्तफाबाद इलाके का रहने वाला है। जांच में पुलिस को उसके खिलाफ पहले से चोरी, स्नैचिंग और आर्म्स एक्ट से जुड़े 17 आपराधिक मामले दर्ज होने की जानकारी मिली है। हालांकि पुलिस का कहना है कि आरोपी को अभी तक बीसी यानी Bad Character घोषित नहीं किया गया है।
नॉर्थ-ईस्ट डिस्ट्रिक्ट में वाहन चोरी की वारदातों को देखते हुए AATS की टीम सक्रिय अपराधियों के बारे में लगातार जानकारी जुटा रही थी। पुलिस की टीमें पुराने मामलों और वाहन चोरी में शामिल रहे संदिग्धों की गतिविधियों पर भी नजर रख रही थीं। इसी अभियान के दौरान पुलिस को सलमान के संबंध में महत्वपूर्ण सूचना मिली।
पुलिस के मुताबिक 1 सितंबर 2026 को AATS टीम को एक विशेष सूचना मिली थी। सूचना में एक संदिग्ध व्यक्ति और वाहन के बारे में जानकारी दी गई। इसके बाद इंस्पेक्टर दीपक पांडेय, इंचार्ज AATS नॉर्थ-ईस्ट डिस्ट्रिक्ट के नेतृत्व में टीम गठित कर भागीरथी विहार इलाके में निगरानी बढ़ाई गई।
पुलिस टीम ने सूचना के आधार पर इलाके में जाल बिछाया। इसी दौरान एक युवक मोटरसाइकिल के साथ वहां पहुंचा। पुलिस ने उसे रोककर पूछताछ की और बाइक से संबंधित दस्तावेज दिखाने के लिए कहा। पुलिस का दावा है कि युवक वाहन के स्वामित्व से संबंधित कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सका।
इसके बाद पुलिस ने मोटरसाइकिल का रिकॉर्ड जांचा। जांच में सामने आया कि बाइक चोरी की थी और इसके संबंध में भजनपुरा पुलिस स्टेशन में ई-एफआईआर दर्ज थी। इसके बाद पुलिस ने युवक को हिरासत में लेकर उससे विस्तृत पूछताछ शुरू की। उसकी पहचान पुराना मुस्तफाबाद निवासी सलमान के रूप में हुई।
पुलिस के अनुसार पूछताछ आगे बढ़ने पर आरोपी ने कथित रूप से वाहन चोरी की दूसरी वारदातों में भी अपनी संलिप्तता के बारे में जानकारी दी। पुलिस ने उसके बताए स्थानों की जांच की और अलग-अलग जगहों पर दबिश दी। इस कार्रवाई में 11 अन्य चोरी के दोपहिया वाहन बरामद किए गए।
पहले आरोपी के पास मिली मोटरसाइकिल और बाद में उसकी निशानदेही पर बरामद 11 वाहनों को मिलाकर पुलिस ने कुल 12 चोरी के दोपहिया वाहन बरामद किए हैं। सभी वाहनों के रिकॉर्ड की जांच करने के बाद उन्हें दिल्ली के विभिन्न पुलिस थानों में दर्ज चोरी के मामलों से जोड़ा गया।
पुलिस के मुताबिक बरामद किए गए वाहन नॉर्थ-ईस्ट दिल्ली तक सीमित नहीं थे। जांच में इनका संबंध दयालपुर, भजनपुरा, मधु विहार, फर्श बाजार, मानसरोवर पार्क, सीमापुरी, सिविल लाइंस और शकरपुर पुलिस थाना क्षेत्रों में हुई वाहन चोरी की घटनाओं से सामने आया है।
इस बरामदगी के आधार पर पुलिस ने मोटर व्हीकल चोरी के कुल 12 मामलों को सुलझाने का दावा किया है। अब पुलिस प्रत्येक वाहन से संबंधित मामले के रिकॉर्ड और अन्य साक्ष्यों का मिलान कर रही है, ताकि चोरी से लेकर वाहन की बरामदगी तक की पूरी कड़ी स्पष्ट की जा सके।
आरोपी के पुराने रिकॉर्ड की जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि उसके खिलाफ पहले भी कई आपराधिक मामले दर्ज किए जा चुके हैं। पुलिस के मुताबिक सलमान की कथित संलिप्तता वाले पुराने मामलों की संख्या 17 है। इनमें वाहन या अन्य चोरी के साथ स्नैचिंग और आर्म्स एक्ट से जुड़े मामले भी शामिल बताए गए हैं।
इसके बावजूद आरोपी अभी तक पुलिस रिकॉर्ड में Bad Character घोषित नहीं किया गया था। मौजूदा गिरफ्तारी के बाद उसके पुराने मामलों और वर्तमान कार्रवाई से जुड़े रिकॉर्ड का भी परीक्षण किया जा रहा है।
AATS टीम अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि बरामद किए गए वाहनों को चोरी करने के बाद कहां ले जाया जाता था और उनका इस्तेमाल किस उद्देश्य से किया जाना था। पुलिस इस पहलू की भी जांच कर रही है कि आरोपी अकेले वाहन चोरी की वारदातों को अंजाम देता था या उसके साथ दूसरे लोग भी सक्रिय थे।
जांच में किसी संगठित वाहन चोरी गिरोह से उसका संबंध सामने आता है या नहीं, इस पर भी पुलिस की नजर है। इसके लिए आरोपी से पूछताछ के साथ उसके संपर्कों और पूर्व गतिविधियों की जांच की जा रही है। चोरी के वाहनों को आगे बेचने, उनके पुर्जे अलग करने या किसी अन्य अपराध में इस्तेमाल करने जैसी संभावनाओं की भी जांच की जा सकती है।
फिलहाल पुलिस ने सलमान के खिलाफ संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि जांच अभी जारी है और आगे मिलने वाली जानकारी के आधार पर अन्य आरोपियों या चोरी के अतिरिक्त वाहनों तक पहुंचने का प्रयास किया जाएगा।
नॉर्थ-ईस्ट दिल्ली पुलिस के लिए यह कार्रवाई वाहन चोरी के खिलाफ चल रहे अभियान में महत्वपूर्ण मानी जा रही है। एक आरोपी की गिरफ्तारी के साथ 12 चोरी के दोपहिया वाहनों की बरामदगी और इतने ही मामलों को सुलझाने का दावा किया गया है। अब जांच का फोकस इस बात पर है कि आरोपी के पीछे किसी बड़े नेटवर्क की भूमिका थी या वह स्वतंत्र रूप से इन वारदातों को अंजाम दे रहा था।



