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Delhi Crime: पूर्वी दिल्ली पुलिस की मानवता की मिसाल: बुजुर्ग की जान बचाकर दिया जीवनदान

Delhi Crime: पूर्वी दिल्ली पुलिस की मानवता की मिसाल: बुजुर्ग की जान बचाकर दिया जीवनदान

पूर्वी दिल्ली के गाजीपुर थाने की पुलिस ने एक बार फिर साबित कर दिया कि कानून के साथ-साथ इंसानियत की रक्षा भी उनका कर्तव्य है। मंगलवार सुबह गाजीपुर नाले के पास एक 60 वर्षीय बुजुर्ग टहलते हुए सोच के लिए पहुंचे थे। दुर्भाग्यवश, उनका पैर फिसल गया और वे फिसलकर दलदल में जा गिरे। नाले के किनारे गीली मिट्टी और गहरा पानी होने के कारण वे खुद बाहर नहीं निकल पा रहे थे। स्थिति गंभीर होती जा रही थी और किसी भी वक्त बड़ा हादसा हो सकता था।
इसी दौरान, गाजीपुर थाने का बीट स्टाफ इलाके में नियमित पेट्रोलिंग कर रहा था। उनकी नजर अचानक उस बुजुर्ग पर पड़ी, जो दलदल में बुरी तरह फंसा हुआ था और मदद के लिए आवाज लगा रहा था। बिना एक पल गंवाए, बीट स्टाफ ने तुरंत रेडियो संदेश देकर अन्य पुलिसकर्मियों को बुलाया। कुछ ही मिनटों में एएसआई सत्येंद्र, हेड कांस्टेबल अरविंद कसाना और कांस्टेबल मनीष मौके पर पहुंच गए।
हालात देखकर सभी ने तुरंत रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। एक लंबी दांडी (बांस की छड़ी) बुजुर्ग तक पहुंचाई गई, जिससे उन्होंने मजबूती से पकड़ बनाई। तीनों पुलिसकर्मी दलदल के किनारे खड़े होकर पूरे जोर से उन्हें खींचते रहे। कुछ ही क्षणों में बुजुर्ग सुरक्षित बाहर आ गए। अगर यह मदद समय पर नहीं मिलती तो बुजुर्ग दलदल में फंसकर डूब सकते थे।
स्थानीय लोगों ने इस घटना को करीब से देखा और पुलिस के इस साहसिक और मानवीय कदम की जमकर सराहना की। यह घटना एक बार फिर साबित करती है कि पुलिस सिर्फ कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए नहीं, बल्कि लोगों की जान और सम्मान की रक्षा के लिए भी हमेशा तैयार रहती है।
अब स्थानीय लोग और कई सामाजिक संगठन मांग कर रहे हैं कि एएसआई सत्येंद्र, हेड कांस्टेबल अरविंद कसाना और कांस्टेबल मनीष को दिल्ली पुलिस द्वारा सम्मानित किया जाए, ताकि ऐसे साहसिक कार्य करने वाले पुलिसकर्मियों का हौसला और बढ़े।

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