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Delhi Drug Racket: ईस्ट जिला पुलिस का बड़ा एक्शन, अंतरराज्यीय गांजा तस्करी गिरोह का भंडाफोड़, 6 आरोपी गिरफ्तार

Delhi Drug Racket: ईस्ट जिला पुलिस का बड़ा एक्शन, अंतरराज्यीय गांजा तस्करी गिरोह का भंडाफोड़, 6 आरोपी गिरफ्तार

दिल्ली के ईस्ट जिले में एंटी नारकोटिक्स स्क्वाड (ANS) ने नशे के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एक अंतरराज्यीय ड्रग सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया है। इस ऑपरेशन में कुल 6 ड्रग तस्करों को गिरफ्तार किया गया है, जो दिल्ली-एनसीआर और बिहार के बीच गांजा सप्लाई का नेटवर्क चला रहे थे। पुलिस ने इनके कब्जे से करीब 58.7 किलो गांजा, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लगभग 30 लाख रुपये बताई जा रही है, और 5.31 लाख रुपये नकद बरामद किए हैं।

यह कार्रवाई NDPS एक्ट के तहत दर्ज एक मामले की जांच के दौरान सामने आई, जिसमें पहले दो आरोपियों नदीम और मोनू उर्फ अभिषेक को गिरफ्तार किया गया था। इनके पास से 45 किलो से ज्यादा गांजा, कैश और पैकेजिंग सामग्री बरामद हुई थी। इसके बाद पुलिस ने इस गिरोह के पूरे नेटवर्क को तोड़ने के लिए सप्लाई चेन और डिस्ट्रीब्यूशन लिंक पर काम शुरू किया।

जांच के दौरान पुलिस ने तकनीकी सर्विलांस और खुफिया जानकारी के आधार पर गाजियाबाद के लोनी इलाके से मुख्य सप्लायर शेर खान को गिरफ्तार किया, जो पुलिस से बचने के लिए अपना मोबाइल बंद कर फरार हो गया था। इसके अलावा कल्याणपुरी इलाके से पिंकी कौर उर्फ डॉन नाम की महिला तस्कर को भी पकड़ा गया, जिसके पास से करीब 2.6 किलो गांजा और 2.66 लाख रुपये नकद बरामद हुए।

पूछताछ में खुलासा हुआ कि यह पूरा नेटवर्क बिहार से संचालित हो रहा था। इसके बाद पुलिस ने जाल बिछाकर दिल्ली के संजय झील के पास से बिहार के वैशाली जिले के रहने वाले दीपक पटेल और विकास राय को गिरफ्तार किया। इनके पास से करीब 10 किलो गांजा बरामद किया गया। पुलिस के अनुसार, यही दोनों आरोपी बिहार से दिल्ली में गांजा सप्लाई करने का काम करते थे।

जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी बड़े पैमाने पर गांजा बिहार से लाकर दिल्ली के रिहायशी इलाकों में स्टोर करते थे और फिर उसे छोटे-छोटे पैकेट में बांटकर स्थानीय नेटवर्क के जरिए बेचते थे। इसके लिए इलेक्ट्रॉनिक वजन मशीन, प्लास्टिक पाउच, स्टेपलर और टेप जैसी चीजों का इस्तेमाल किया जाता था, ताकि आसानी से रिटेल सप्लाई की जा सके।

पुलिस के मुताबिक, इस गिरोह के सभी सदस्य आपस में जुड़े हुए थे और एक संगठित तरीके से काम कर रहे थे। इनका मुख्य मकसद जल्दी पैसा कमाना था और इसके लिए उन्होंने नशे के अवैध कारोबार को चुना। हालांकि अब तक इनके खिलाफ कोई पुराना आपराधिक रिकॉर्ड सामने नहीं आया है।

इस पूरे ऑपरेशन में एएनएस की टीम ने लगातार तकनीकी निगरानी और जमीनी कार्रवाई के जरिए इस नेटवर्क को तोड़ा है। पुलिस का कहना है कि आगे भी इस मामले में जांच जारी है और गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की तलाश की जा रही है।

दिल्ली पुलिस ने स्पष्ट किया है कि नशे के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति के तहत ऐसी कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी और शहर में ड्रग तस्करी करने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।

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