Road Accident: कुत्ता घुमाने निकले सतीश को तेज रफ्तार कार ने मारी टक्कर, चार दिन इलाज के बाद मौत
नई दिल्ली। पूर्वी दिल्ली के कल्याणपुरी इलाके में सुबह अपने कुत्ते को घुमाने निकले एक व्यक्ति की सड़क हादसे में मौत हो गई। मृतक की पहचान सतीश के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार, सतीश रोज की तरह घर से निकलकर सड़क किनारे अपने कुत्ते को घुमा रहे थे, तभी पीछे से तेज रफ्तार में आई एक कार ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। हादसे में गंभीर रूप से घायल सतीश ने चार दिन तक अस्पताल में उपचार के बाद दम तोड़ दिया।
हादसे का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है। फुटेज में एक कार तेज गति से सड़क पर आती दिखाई दे रही है। जानकारी के मुताबिक, कार ने सबसे पहले एक रिक्शे को टक्कर मारी और इसके बाद सड़क किनारे खड़ी एक गाड़ी से जा टकराई। इसी दौरान सतीश भी कार की चपेट में आ गए। टक्कर इतनी जोरदार थी कि वह उछलकर सड़क से काफी दूर जा गिरे।
घटना के बाद मौके पर मौजूद लोगों ने घायल सतीश की मदद की और उन्हें अस्पताल पहुंचाने की कोशिश की। गंभीर हालत में उन्हें पहले लाल बहादुर शास्त्री अस्पताल ले जाया गया। उनकी स्थिति को देखते हुए बाद में उन्हें जीटीबी अस्पताल रेफर किया गया और इसके बाद ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों ने उन्हें आईसीयू में रखा और लगातार इलाज किया, लेकिन चार दिन बाद उनकी मौत हो गई।
परिजनों का कहना है कि सतीश की जिंदगी आम दिनों की तरह ही शुरू हुई थी। वह रोज सुबह अपने कुत्ते को घुमाने के लिए घर से निकलते थे। परिवार के मुताबिक, उन्हें इस बात का जरा भी अंदाजा नहीं था कि जिस सुबह वह घर से निकले हैं, वही उनकी आखिरी सुबह साबित होगी। सतीश की मौत की खबर के बाद परिवार में मातम पसरा हुआ है।
परिजनों ने बताया कि सतीश शारीरिक रूप से दिव्यांग थे और इसी वजह से कोई नियमित काम नहीं करते थे। परिवार के अनुसार, उनकी रोजमर्रा की दिनचर्या बेहद सामान्य थी और सुबह कुत्ते को घुमाना उनका नियमित हिस्सा था। हादसे के बाद अब परिवार के सामने अपने सदस्य को खोने का गहरा दुख है और वह जिम्मेदार व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहा है।
परिवार का आरोप है कि हादसे के बाद कार चालक मौके पर रुकने और घायल सतीश की मदद करने के बजाय वहां से चला गया। परिजनों का दावा है कि बाद में चालक ने खुद को पुलिस के हवाले किया था और उसे थाने से जमानत पर छोड़ दिया गया। हालांकि, चालक के मौके से जाने, बाद में पुलिस के सामने पेश होने और जमानत से जुड़ी परिस्थितियों की स्वतंत्र पुष्टि आधिकारिक जांच और रिकॉर्ड के आधार पर ही हो सकेगी।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कार गलत दिशा से आने की बात भी सामने आई है। सीसीटीवी फुटेज में वाहन तेज गति से आता दिखाई दे रहा है, लेकिन हादसे के समय कार की वास्तविक रफ्तार कितनी थी और दुर्घटना की मुख्य वजह क्या थी, इसकी पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही होगी।
सतीश के परिवार का कहना है कि हादसे के तुरंत बाद उन्हें अगर समय पर और बेहतर चिकित्सा सहायता मिलती, तो शायद उनकी जान बचाई जा सकती थी। इसी वजह से परिजन केवल सड़क हादसे की जांच ही नहीं, बल्कि दुर्घटना के बाद हुई पूरी कार्रवाई को लेकर भी सवाल उठा रहे हैं। परिवार ने पुलिस से मामले की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार व्यक्ति के खिलाफ कानून के मुताबिक कार्रवाई की मांग की है।
हादसे के बाद सामने आया सीसीटीवी फुटेज पुलिस जांच में महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। जांच एजेंसियां फुटेज के अलावा मौके के हालात, वाहन की स्थिति, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर दुर्घटना की परिस्थितियों को समझने की कोशिश करेंगी। इसके आधार पर यह भी तय किया जाएगा कि हादसे के लिए जिम्मेदारी किसकी बनती है।
सड़क हादसों में दुर्घटना के बाद का शुरुआती समय घायल व्यक्ति के लिए बेहद अहम माना जाता है। ऐसे मामलों में समय पर चिकित्सा सहायता मिलने से गंभीर रूप से घायल लोगों की जान बचाने की संभावना बढ़ सकती है। कल्याणपुरी की यह घटना भी सड़क सुरक्षा के साथ-साथ हादसे के बाद घायल को तत्काल मदद पहुंचाने की जरूरत को सामने लाती है।
फिलहाल सतीश की मौत के बाद उनका परिवार न्याय की मांग कर रहा है। परिजनों का कहना है कि जिम्मेदार व्यक्ति के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए और पूरे मामले की जांच पारदर्शी तरीके से की जानी चाहिए। पुलिस सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर हादसे की वास्तविक परिस्थितियों और जिम्मेदारी का पता लगाने में जुटी है।



