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Crime Crackdown: मयूर विहार पुलिस ने स्नैचर-कम-ऑटो लिफ्टर गिरोह पर कसा शिकंजा, दो आरोपी गिरफ्तार

Crime Crackdown: मयूर विहार पुलिस ने स्नैचर-कम-ऑटो लिफ्टर गिरोह पर कसा शिकंजा, दो आरोपी गिरफ्तार

नई दिल्ली। पूर्वी दिल्ली के मयूर विहार थाना पुलिस ने स्नैचिंग और दोपहिया वाहन चोरी के मामलों में कथित तौर पर सक्रिय गिरोह के दो सदस्यों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों की पहचान 22 वर्षीय अर्श उर्फ नाटा और 25 वर्षीय शोएब उर्फ जुनैद उर्फ सुहेब के रूप में हुई है। दोनों त्रिलोकपुरी इलाके के रहने वाले बताए गए हैं। पुलिस का दावा है कि आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद चोरी के छह दोपहिया वाहन और एक चोरी का मोबाइल फोन बरामद किया गया है।

पुलिस के मुताबिक, बरामद छह वाहनों में पांच स्कूटर और एक मोटरसाइकिल शामिल हैं। जांच में एक वाहन का इस्तेमाल उस मोबाइल स्नैचिंग की वारदात में किए जाने की बात सामने आई, जिसकी जांच के दौरान पुलिस आरोपियों तक पहुंची। बरामदगी के बाद पुलिस अब आरोपियों से जुड़े अन्य मामलों की भी जांच कर रही है।

मामले की शुरुआत 18 सितंबर 2026 को मयूर विहार थाना क्षेत्र में हुई मोबाइल स्नैचिंग की घटना से हुई। पुलिस को घटना को लेकर पीसीआर कॉल मिली थी। सूचना मिलने पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची तो वहां मेटैलिक ब्लू रंग की एक होंडा एक्टिवा लावारिस हालत में मिली। जांच के दौरान पता चला कि यह स्कूटर कथित तौर पर घटना से एक दिन पहले त्रिलोकपुरी इलाके से चोरी किया गया था।

पुलिस के अनुसार, शिकायतकर्ता मोहम्मद इनजामुल अपने कार्यालय की ओर जा रहे थे। वह सद्भावना रोड से गुजर रहे थे, तभी स्कूटर पर सवार दो लोगों ने कथित तौर पर उनका मोबाइल फोन झपट लिया। भागने की कोशिश के दौरान आरोपियों का स्कूटर असंतुलित होकर सड़क पर फिसल गया। इसी दौरान झपटा गया मोबाइल फोन भी उनके हाथ से गिर गया। इसके बाद दोनों आरोपी स्कूटर को मौके पर छोड़कर फरार हो गए।

घटना की शिकायत के आधार पर मयूर विहार थाने में एफआईआर दर्ज की गई और पुलिस ने जांच शुरू की। जांच टीम ने आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। पुलिस ने आरोपियों के आने-जाने के रास्तों, वाहन की गतिविधियों और घटनास्थल के आसपास की रिकॉर्डिंग का विश्लेषण किया। इसके साथ ही तकनीकी और मैदानी जांच के जरिए संदिग्धों की पहचान करने की कोशिश की गई।

पुलिस के मुताबिक, जांच के दौरान दोनों संदिग्धों की पहचान अर्श उर्फ नाटा और शोएब उर्फ जुनैद के तौर पर हुई। इसके बाद दोनों को गिरफ्तार कर पूछताछ की गई। पुलिस का दावा है कि पूछताछ में आरोपियों ने मयूर विहार की स्नैचिंग के अलावा दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में दोपहिया वाहन चोरी और मोबाइल स्नैचिंग की अन्य वारदातों में भी अपनी कथित संलिप्तता के बारे में जानकारी दी।

पुलिस के अनुसार, आरोपियों की निशानदेही पर एक चोरी का रियलमी मोबाइल फोन और पांच अन्य चोरी के दोपहिया वाहन बरामद किए गए। पुलिस ने इन वाहनों का विभिन्न थाना क्षेत्रों में दर्ज मामलों से संबंध होने की जानकारी दी है। बरामद वाहनों में एक होंडा एक्टिवा शाहदरा इलाके, एक सुजुकी एक्सेस लक्ष्मी नगर, एक होंडा एक्टिवा विवेक विहार और दो अन्य वाहन फर्श बाजार थाना क्षेत्र के मामलों से जुड़े बताए गए हैं।

इसके अलावा मयूर विहार की घटना के बाद मौके पर मिली होंडा एक्टिवा भी जांच में चोरी की निकली। पुलिस के मुताबिक, यह स्कूटर वारदात से पहले त्रिलोकपुरी से चोरी किया गया था। बरामद मोबाइल फोन को भी मयूर विहार थाने में दर्ज एक मामले से जोड़कर देखा जा रहा है।

पुलिस का कहना है कि वर्तमान स्नैचिंग केस के अलावा आरोपियों की कथित संलिप्तता से जुड़े छह अन्य मामलों का भी पता चला है। इन मामलों की अलग-अलग थानों में जांच चल रही है। पुलिस अब यह भी पता लगा रही है कि आरोपियों ने चोरी के वाहनों का इस्तेमाल कितनी अन्य वारदातों में किया और उनके साथ गिरोह में कोई और लोग शामिल थे या नहीं।

जांच में पुलिस ने आरोपियों के कथित काम करने के तरीके के बारे में भी जानकारी दी है। पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपी पहले आसपास के इलाकों से मोटरसाइकिल और स्कूटर चोरी करते थे। इसके बाद इन्हीं चोरी के वाहनों का इस्तेमाल मोबाइल स्नैचिंग और दूसरी वारदातों के लिए किया जाता था। पुलिस का दावा है कि आरोपी बस स्टैंड, कैब का इंतजार कर रहे लोगों और दोपहिया वाहनों पर सफर कर रहे लोगों को निशाना बनाते थे।

वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी चोरी के वाहनों को अलग-अलग जगहों पर सड़क किनारे छोड़ देते थे। पुलिस के अनुसार, ऐसा करने का उद्देश्य चोरी के वाहन को तुरंत अपने पास रखने से बचना और पुलिस की नजर से दूर रहना था। मयूर विहार की घटना में भी आरोपी कथित तौर पर स्कूटर छोड़कर मौके से फरार हो गए थे।

पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, दोनों आरोपियों के खिलाफ पहले से भी आपराधिक मामले दर्ज होने की जानकारी सामने आई है। अर्श उर्फ नाटा के खिलाफ मयूर विहार, लक्ष्मी नगर और पटपड़गंज इंडस्ट्रियल एरिया थाना क्षेत्रों में चोरी और चोरी की संपत्ति से जुड़े मामलों का रिकॉर्ड बताया गया है।

वहीं, शोएब उर्फ जुनैद के खिलाफ मयूर विहार और पांडव नगर समेत अन्य थाना क्षेत्रों में स्नैचिंग, चोरी और लूट से जुड़े पुराने मामलों का जिक्र पुलिस रिकॉर्ड में किया गया है। पुलिस अब यह सत्यापित कर रही है कि पुराने मामलों में भी दोनों की भूमिका क्या रही है और क्या नई बरामदगी का संबंध उन घटनाओं से है।

पुलिस की जांच फिलहाल जारी है। अधिकारियों का कहना है कि बरामद वाहनों और मोबाइल फोन से जुड़े मामलों की कड़ियां जोड़ी जा रही हैं। साथ ही यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि गिरोह में और कितने लोग शामिल हो सकते हैं और चोरी की संपत्ति को आगे कहां खपाया जाता था।

मयूर विहार पुलिस की इस कार्रवाई के बाद इलाके में स्नैचिंग और वाहन चोरी की घटनाओं की जांच को भी नई दिशा मिली है। पुलिस का कहना है कि आगे की पूछताछ और तकनीकी जांच के आधार पर अन्य घटनाओं का खुलासा हो सकता है और अतिरिक्त चोरी की संपत्ति की बरामदगी भी संभव है।

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