Sealing Action: न्यू अशोक नगर में सीलिंग के विरोध में दुकानदारों का प्रदर्शन, 24 सितंबर के नोटिस से बढ़ी चिंता
नई दिल्ली। पूर्वी दिल्ली के न्यू अशोक नगर इलाके में दुकानों की प्रस्तावित सीलिंग को लेकर व्यापारियों और स्थानीय लोगों में नाराजगी बढ़ गई है। दुकानदारों के अनुसार, उन्हें एक बार फिर नोटिस देकर 24 सितंबर 2026 को सीलिंग कार्रवाई किए जाने की जानकारी दी गई है। नोटिस सामने आने के बाद कई दुकानदारों ने अपनी दुकानें खाली करना शुरू कर दिया है, जबकि कुछ लोग शटर हटाकर दुकानों के सामने दीवारें खड़ी करने में जुटे हुए हैं।
दुकानदारों का कहना है कि सीलिंग की आशंका इलाके में पहले से बनी हुई है। करीब चार महीने पहले भी कई व्यापारियों को इसी तरह की कार्रवाई का नोटिस मिलने की बात सामने आई थी। उस समय कुछ दुकानदारों ने अपनी दुकानों के शटर हटाकर वहां पक्की दीवारें खड़ी कर दी थीं। व्यापारियों के मुताबिक, उस दौरान स्थानीय जनप्रतिनिधियों और नेताओं ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया था और दुकानदारों को राहत दिलाने का भरोसा दिया गया था।
व्यापारियों का कहना है कि अब कई महीने बाद दोबारा सीलिंग की कार्रवाई की सूचना मिलने से उनकी चिंता बढ़ गई है। उनका कहना है कि कारोबार पहले से ही कई तरह की परेशानियों से गुजर रहा है और अगर दुकानें सील कर दी गईं तो उनकी आय का मुख्य साधन बंद हो जाएगा। इससे उनके परिवारों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो सकता है।
सीलिंग के विरोध में दुकानदारों ने इलाके में प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान कई व्यापारियों ने प्रशासन से मामले का स्थायी समाधान निकालने की मांग की। दुकानदारों का कहना है कि वे नियमों और प्रशासनिक कार्रवाई के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन उनकी परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए ऐसा रास्ता निकाला जाना चाहिए जिससे कारोबार पूरी तरह बंद न हो।
प्रदर्शन के बीच न्यू अशोक नगर के निगम पार्षद संजीव भी दुकानदारों के बीच पहुंचे। उन्होंने व्यापारियों से बातचीत की और उनकी समस्याएं सुनीं। पार्षद के मुताबिक, उनकी ओर से संबंधित अधिकारियों से लगातार बातचीत की जा रही है और वह अधिकारियों से मुलाकात भी कर चुके हैं।
पार्षद ने बताया कि अधिकारियों की ओर से यह संकेत दिया गया है कि किसी न किसी रूप में कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, उनके अनुसार स्थानीय सांसद हर्ष मल्होत्रा भी अधिकारियों के साथ बातचीत कर रहे हैं और सीलिंग की कार्रवाई को रोकने या दुकानदारों को राहत दिलाने की कोशिश की जा रही है।
स्थानीय व्यापारियों और न्यू अशोक नगर एसोसिएशन का कहना है कि उन्हें पहले भी कई बार आश्वासन दिए गए हैं, लेकिन अभी तक समस्या का स्थायी समाधान नहीं निकला है। एसोसिएशन से जुड़े लोगों का कहना है कि दुकानदार लंबे समय से इन्हीं कारोबारों के माध्यम से अपने परिवारों का पालन-पोषण कर रहे हैं। ऐसे में दुकानों के बंद या सील होने से उनके सामने गंभीर आर्थिक चुनौती पैदा हो सकती है।
प्रदर्शन में शामिल कुछ महिलाओं ने भी अपनी परेशानी बताई। उनका कहना है कि मौजूदा समय में परिवार का खर्च सिर्फ एक व्यक्ति की कमाई से चलाना मुश्किल हो गया है। कई महिलाएं दुकानों पर काम करके परिवार की आय में योगदान देती हैं। अगर दुकानें बंद हो जाती हैं या सील हो जाती हैं तो घर का राशन, बच्चों की पढ़ाई और स्कूल की फीस जैसी जरूरी जरूरतों पर भी असर पड़ सकता है।
व्यापारियों ने प्रशासन से मांग की है कि कार्रवाई से पहले उनकी समस्या पर गंभीरता से विचार किया जाए। उनका कहना है कि यदि किसी प्रकार की कमी या नियमों से जुड़ा विवाद है तो उसके समाधान के लिए उन्हें उचित समय और व्यावहारिक विकल्प दिया जाना चाहिए। व्यापारी चाहते हैं कि ऐसा रास्ता निकाला जाए जिसमें नियमों का पालन भी हो और उनकी आजीविका भी प्रभावित न हो।
एसोसिएशन की ओर से यह भी कहा गया है कि यदि सीलिंग की कार्रवाई की जाती है तो विरोध प्रदर्शन जारी रखा जाएगा। व्यापारियों का कहना है कि वे अपनी रोजी-रोटी बचाने के लिए लगातार प्रशासन के सामने अपनी बात रखते रहेंगे।
इस बीच व्यापारियों के बीच यह आशंका भी चर्चा में है कि बड़ी संख्या में लोगों के धरने पर बैठने के कारण कार्रवाई तय तारीख 24 सितंबर से पहले भी हो सकती है। हालांकि, यह आशंका फिलहाल एसोसिएशन की ओर से व्यक्त की गई है और इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
न्यू अशोक नगर और आसपास के इलाकों में पिछले कुछ दिनों से एमसीडी की प्रवर्तन कार्रवाई भी जारी है। 21 सितंबर को दिल्ली के सभी 12 जोन में 44 ध्वस्तीकरण कार्रवाई और 11 संपत्तियों को सील किए जाने की जानकारी दी गई थी। न्यू अशोक नगर भी उन इलाकों में शामिल बताया गया जहां प्रवर्तन कार्रवाई हुई थी। इसके बाद 24 सितंबर की प्रस्तावित कार्रवाई को लेकर स्थानीय व्यापारियों की चिंता और बढ़ गई है।
फिलहाल न्यू अशोक नगर के दुकानदार धरने पर बैठे हैं और प्रशासन से सीलिंग रोकने या कोई वैकल्पिक समाधान निकालने की मांग कर रहे हैं। दूसरी ओर जनप्रतिनिधियों की ओर से अधिकारियों से बातचीत जारी रखने की बात कही जा रही है। अब सभी की नजर 24 सितंबर को प्रस्तावित कार्रवाई और उससे पहले होने वाली प्रशासनिक बातचीत पर है।



