Night Theft: एमएस पार्क पुलिस ने 24 घंटे में सुलझाई घर में हुई चोरी, 7-8 लाख की ज्वेलरी बरामद
नई दिल्ली। शाहदरा जिले के एमएस पार्क थाना पुलिस ने घर में रात के दौरान हुई चोरी के मामले को 24 घंटे के भीतर सुलझाने का दावा किया है। पुलिस ने इस मामले में करावल नगर निवासी 26 वर्षीय आसिफ को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी की निशानदेही पर चोरी की गई सोने और चांदी की ज्वेलरी बरामद की गई है, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 7 से 8 लाख रुपये बताई गई है।
पुलिस के मुताबिक, 20 सितंबर 2026 को न्यू मॉडर्न शाहदरा निवासी धीर सिंह के घर में रात के समय चोरी होने की सूचना मिली थी। सूचना मिलते ही एमएस पार्क थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण कर जांच शुरू कर दी। मामले में E-FIR नंबर 80079670/26 के तहत BNS की धारा 305 में मुकदमा दर्ज किया गया।
घटना की गंभीरता को देखते हुए एमएस पार्क थाना प्रभारी इंस्पेक्टर राजेश कुमार मिश्रा के नेतृत्व में विशेष पुलिस टीम का गठन किया गया। टीम में ASI सुनील कुमार, हेड कांस्टेबल अनुज, हेड कांस्टेबल प्रदीप, हेड कांस्टेबल सचिन और हेड कांस्टेबल देवेंद्र को शामिल किया गया। जांच एसीपी सीमापुरी मुकेश कुमार की निगरानी और DCP शाहदरा राजेंद्र प्रसाद मीणा के मार्गदर्शन में आगे बढ़ाई गई।
जांच के शुरुआती चरण में पुलिस ने घटनास्थल और उसके आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू की। पुलिस टीम ने अलग-अलग कैमरों की रिकॉर्डिंग का विस्तृत विश्लेषण किया और संदिग्ध व्यक्ति की गतिविधियों से जुड़ी तस्वीरें जुटाईं। इसके बाद संदिग्ध की पहचान के लिए स्थानीय मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया गया।
पुलिस का कहना है कि सीसीटीवी फुटेज और स्थानीय स्तर से मिली जानकारी के आधार पर संदिग्ध की पहचान आसिफ के रूप में हुई। जांच में यह भी सामने आया कि आसिफ हाल ही में जेल से बाहर आया था और उत्तर प्रदेश पुलिस ने उसे पहले एक अन्य मामले में गिरफ्तार किया था।
इसके बाद पुलिस टीम को जानकारी मिली कि आरोपी करावल नगर इलाके में शिव विहार पुलिया के पास रह रहा है। सूचना के आधार पर पुलिस ने उसके संभावित ठिकाने पर छापेमारी की और 26 वर्षीय आसिफ को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद उसे थाने लाकर पूछताछ की गई।
पुलिस के अनुसार, पूछताछ के दौरान आरोपी ने मौजूदा चोरी की वारदात में अपनी कथित संलिप्तता स्वीकार की। पुलिस का दावा है कि आरोपी ने बताया कि चोरी करने के बाद उसने ज्वेलरी को लोनी रोड पाइपलाइन के पास मीनाक्षी पैलेस के समीप एक खाली प्लॉट की झाड़ियों में छिपा दिया था।
आरोपी की निशानदेही पर पुलिस टीम बताए गए स्थान पर पहुंची और वहां तलाशी अभियान चलाया गया। पुलिस के अनुसार, झाड़ियों से चोरी की गई ज्वेलरी बरामद कर ली गई। बरामद सामान में एक सोने का हार, दो सोने के पेंडेंट, सोने की तीन जोड़ी बालियां, एक माथे का आभूषण और एक चांदी की बिछिया शामिल हैं। पुलिस ने बरामद आभूषणों की कुल अनुमानित कीमत करीब 7 से 8 लाख रुपये बताई है।
पुलिस के अनुसार, पूछताछ में आरोपी ने नशे की लत होने और कथित तौर पर नशे की जरूरत पूरी करने के लिए घरों में चोरी करने की बात कही है। हालांकि, उसके इस बयान और चोरी के पीछे की वास्तविक परिस्थितियों की जांच अभी जारी है। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आरोपी ने इस तरह की और कितनी वारदातों को अंजाम दिया है।
इस मामले की जांच के दौरान पुलिस ने एमएस पार्क थाने में दर्ज चोरी के चार अन्य मामलों को भी सुलझाने का दावा किया है। पुलिस के मुताबिक, इनमें 16 सितंबर, 1 सितंबर और 29 अगस्त 2026 को दर्ज मामले शामिल हैं। एक अन्य मामले में BNS की धारा 305 और 331(3) के तहत भी कार्रवाई दर्ज होने की जानकारी सामने आई है।
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, आरोपी आसिफ के खिलाफ उत्तर प्रदेश में पहले से कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। इनमें चोरी, आर्म्स एक्ट, हत्या के प्रयास और गैंगस्टर एक्ट से जुड़े 10 से अधिक मामले शामिल बताए गए हैं। पुलिस अब उसके पुराने आपराधिक रिकॉर्ड और दिल्ली में सामने आए मामलों के बीच संभावित संबंधों की भी जांच कर रही है।
जांच एजेंसियां यह पता लगाने में भी जुटी हैं कि आरोपी किसी अन्य व्यक्ति के साथ मिलकर चोरी की वारदातों को अंजाम देता था या अकेले ही घटनाओं को अंजाम दे रहा था। इसके अलावा चोरी की अन्य संपत्ति और दूसरे मामलों में उसकी संभावित भूमिका का पता लगाने के लिए पूछताछ जारी है।
DCP शाहदरा राजेंद्र प्रसाद मीणा के अनुसार, सीसीटीवी फुटेज के व्यवस्थित विश्लेषण, स्थानीय खुफिया तंत्र और पुलिस टीम की त्वरित कार्रवाई के कारण आरोपी की पहचान और गिरफ्तारी संभव हुई। पुलिस का कहना है कि आगे की जांच में और मामलों का खुलासा हो सकता है तथा चोरी की अन्य संपत्ति भी बरामद की जा सकती है।
फिलहाल आरोपी पुलिस की जांच के दायरे में है और बरामद ज्वेलरी को संबंधित मामले में महत्वपूर्ण साक्ष्य के रूप में देखा जा रहा है। पुलिस चोरी की पूरी घटना की कड़ियां जोड़ने के साथ-साथ आरोपी के अन्य संभावित आपराधिक मामलों की भी पड़ताल कर रही है।



