Shahdara Firing: भीकम सिंह कॉलोनी में घर में घुसकर गोलीबारी और चाकूबाजी, कुछ घंटों में चार नाबालिग पकड़े गए
पूर्वी दिल्ली के शाहदरा जिले की भीकम सिंह कॉलोनी में घर में घुसकर युवक पर गोली चलाने और चाकू से हमला करने के मामले को पुलिस ने कुछ ही घंटों में सुलझाने का दावा किया है। शाहदरा पुलिस की एएसबी सेल ने कार्रवाई करते हुए चार नाबालिगों को पकड़ा है। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों के कब्जे से वारदात में इस्तेमाल अर्ध-स्वचालित पिस्तौल, दो कारतूस और दो चाकू बरामद किए गए हैं। घटनास्थल से पिस्तौल के चार खाली खोखे भी मिले हैं।
घटना 5 अक्टूबर की रात करीब 9:20 बजे फर्श बाजार थाना क्षेत्र की भीकम सिंह कॉलोनी की गली नंबर-2 में हुई। पुलिस को सूचना मिली थी कि कुछ लोग एक घर में घुस गए हैं और वहां कई गोलियां चली हैं। पुलिस टीम मौके पर पहुंची तो 21 वर्षीय जावेद घायल हालत में मिला। उसके बाएं हाथ में गोली लगी थी और गर्दन समेत शरीर पर चाकू के वार के निशान थे। उसकी मौसी भी हमले में घायल हुई थीं। दोनों को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया।
पुलिस के मुताबिक, हमलावरों ने पहले घर में घुसकर जावेद पर चाकू से हमला किया। जान बचाने के लिए जब वह बाहर निकलने की कोशिश करने लगा तो आरोपियों ने उस पर गोली चला दी। जावेद को बचाने के लिए उसकी मौसी आगे आईं तो हमलावरों ने उन पर भी चाकू से वार कर दिया। हमले के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए।
घटना के बाद पुलिस ने आसपास के CCTV कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू की और स्थानीय सूचना तंत्र को सक्रिय किया। क्राइम टीम और फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए। इसी दौरान पुलिस को हमलावरों की पहचान और उनके ठिकाने से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी मिली। 6 और 7 अक्टूबर की दरम्यानी रात एएसबी सेल की टीम ने कार्रवाई करते हुए चार नाबालिगों को पकड़ लिया।
जांच में पुलिस को यह भी पता चला कि घायल जावेद खुद सीमापुरी थाने में दर्ज एक हत्या के मामले में आरोपी है और काफी समय से फरार चल रहा था। पुलिस के अनुसार, उसकी गिरफ्तारी पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित था। जावेद हाल ही में अपने परिवार के साथ भीकम सिंह कॉलोनी में किराये के मकान में रहने लगा था। परिवार के इलाके बदलने के बावजूद पुराने विवाद से जुड़े लोगों ने कथित तौर पर उसका पता लगा लिया।
पुलिस पूछताछ में नाबालिगों ने कथित तौर पर बताया कि हमला पुरानी रंजिश का बदला लेने के लिए किया गया था। जांच के अनुसार, शास्त्री पार्क थाने का घोषित बदमाश वसीम, सीमापुरी में मारे गए अकबर का दोस्त था। पुलिस के मुताबिक, वसीम ने कथित तौर पर अकबर की हत्या का बदला लेने के लिए जावेद को निशाना बनाने के लिए इन नाबालिगों को कहा था।
पुलिस के अनुसार, जनवरी में वसीम की भी उसके भतीजे ने हत्या कर दी थी। इसके बाद इन नाबालिगों ने कथित तौर पर वसीम की बताई योजना को आगे बढ़ाते हुए जावेद को निशाना बनाया। वारदात से पहले जावेद के घर की रेकी की गई और उसके घर में मौजूद होने की पुष्टि की गई। इसके बाद आरोपी घर में घुसे और हमला कर दिया।
इस पूरे मामले की पृष्ठभूमि करीब एक साल पुराने अकबर हत्याकांड से जुड़ी बताई जा रही है। पुलिस जांच में सामने आया है कि 27 अक्टूबर 2025 को अकबर अली मिर्जा की हत्या हुई थी। उस मामले में जावेद और उसके परिवार के सदस्यों के नाम सामने आए थे। इसी पुरानी दुश्मनी को मौजूदा हमले की मुख्य वजह माना जा रहा है।
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि चारों नाबालिगों के अलावा इस हमले में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका थी या नहीं। साथ ही हथियारों की सप्लाई, हमले की पूरी योजना और आरोपियों के पुराने आपराधिक संपर्कों की भी जांच की जा रही है।



