Harsh Vihar Theft Case: हर्ष विहार थाना पुलिस ने शातिर चोर को दबोचा, ₹94,800 नकद समेत चोरी का मोबाइल और बाइक बरामद
नई दिल्ली। उत्तर-पूर्वी दिल्ली के हर्ष विहार थाना पुलिस ने घर में हुई लाखों रुपये की चोरी के मामले का खुलासा करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे और उसकी निशानदेही पर चोरी की रकम में से कुल ₹94,800 नकद, चोरी का एक मोबाइल फोन, कथित तौर पर चोरी के पैसों से खरीदी गई Hero Splendor Plus मोटरसाइकिल और ताला तोड़ने में इस्तेमाल किया गया पाइप रिंच बरामद किया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान 28 वर्षीय फिरोज के रूप में हुई है।
पुलिस के मुताबिक, 19 अगस्त 2026 को हर्ष विहार थाने में ई-एफआईआर नंबर 80068947/26 दर्ज की गई थी। शिकायतकर्ता प्रवीन कुमार ने पुलिस को बताया था कि उनके घर से करीब ₹13 लाख की नकदी चोरी हो गई है। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
चोरी की बड़ी रकम और वारदात की गंभीरता को देखते हुए आरोपी की पहचान और गिरफ्तारी के लिए विशेष पुलिस टीम गठित की गई। टीम में ASI आशीष, HC रोहित, HC अंकित, HC विकास और W/Ct अमन कौर को शामिल किया गया। टीम ने हर्ष विहार थाना प्रभारी इंस्पेक्टर तेज दत्त गौर के नेतृत्व और ACP नंद नगरी विजय कुमार की निगरानी में मामले की जांच आगे बढ़ाई।
पुलिस टीम ने आरोपी तक पहुंचने के लिए अलग-अलग स्रोतों से जानकारी जुटाई। जांच के दौरान मिले सुरागों के आधार पर संदिग्ध की पहचान फिरोज के रूप में हुई। इसके बाद पुलिस ने उसकी गतिविधियों पर नजर रखते हुए 25 अगस्त को उसे गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस के मुताबिक, आरोपी की तलाशी और जांच के दौरान उसके पास से Hero Splendor Plus मोटरसाइकिल, एक Realme मोबाइल फोन और पाइप रिंच बरामद किया गया। पुलिस का दावा है कि पाइप रिंच का इस्तेमाल घर का ताला तोड़ने के लिए किया गया था।
पूछताछ के दौरान आरोपी ने कथित तौर पर खुलासा किया कि उसने चोरी की रकम में से ₹96,000 खर्च कर Hero Splendor Plus मोटरसाइकिल खरीदी थी। इसके बाद पुलिस ने मोटरसाइकिल को भी मामले से जुड़ी संपत्ति के रूप में कब्जे में ले लिया।
आरोपी के पास से बरामद Realme मोबाइल फोन की जांच करने पर पुलिस को एक और मामले का सुराग मिला। मोबाइल के IMEI नंबर की जांच में सामने आया कि यह फोन भी कथित तौर पर चोरी का था। पुलिस के अनुसार, मोबाइल फोन हर्ष विहार थाना क्षेत्र में दर्ज घर में चोरी के एक अन्य मामले से जुड़ा मिला है।
इसके बाद पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर उसके घर पर छापेमारी की। यहां तलाशी के दौरान ₹49,800 की नकदी बरामद की गई। पुलिस का दावा है कि यह रकम भी चोरी की गई नकदी का हिस्सा थी।
मामले में और रकम की बरामदगी तथा अन्य तथ्यों की जांच के लिए आरोपी को पुलिस रिमांड पर लिया गया। रिमांड के दौरान पूछताछ के आधार पर पुलिस टीम न्यू सीमापुरी के ए-पॉकेट स्थित फूल पार्क पहुंची। यहां आरोपी की निशानदेही पर ₹45,000 की अतिरिक्त नकदी बरामद की गई।
दोनों जगहों से हुई बरामदगी को मिलाकर पुलिस ने कुल ₹94,800 नकद बरामद करने का दावा किया है। इसके साथ ही चोरी की रकम से खरीदी गई बताई जा रही मोटरसाइकिल, चोरी का मोबाइल फोन और वारदात में कथित तौर पर इस्तेमाल पाइप रिंच भी पुलिस ने बरामद किया है।
जांच के दौरान आरोपी फिरोज का पिछला आपराधिक रिकॉर्ड भी सामने आया है। पुलिस के अनुसार, फिरोज इससे पहले चोरी, सेंधमारी और आर्म्स एक्ट से जुड़े 12 मामलों में शामिल रहा है। उसके पुराने मामलों की जानकारी भी जुटाई जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि हाल के दिनों में हुई अन्य वारदातों में उसकी कोई भूमिका रही है या नहीं।
पुलिस अब आरोपी के संभावित आपराधिक नेटवर्क की भी जांच कर रही है। यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि उसने वारदात को अकेले अंजाम दिया था या उसके साथ अन्य लोग भी शामिल थे। इसके अलावा चोरी की बाकी रकम के संबंध में भी जांच आगे बढ़ाई जा रही है।
पुलिस के सामने अब चोरी की शेष रकम का पता लगाना भी महत्वपूर्ण है। शिकायत में करीब ₹13 लाख चोरी होने की बात कही गई थी, जबकि अब तक ₹94,800 नकद और कथित तौर पर चोरी की रकम से खरीदी गई मोटरसाइकिल बरामद की गई है। ऐसे में बाकी रकम कहां गई और उसका इस्तेमाल किस तरह किया गया, इसकी जांच की जा रही है।
हर्ष विहार थाना पुलिस आरोपी के संपर्कों, पिछले आपराधिक रिकॉर्ड और अन्य संभावित वारदातों में उसकी भूमिका की पड़ताल कर रही है। बरामद मोबाइल फोन के एक अन्य चोरी के मामले से जुड़े होने के बाद पुलिस को आशंका है कि पूछताछ और जांच आगे बढ़ने पर अन्य मामलों से संबंधित जानकारी भी सामने आ सकती है।
फिलहाल आरोपी पुलिस की गिरफ्त में है और मामले में आगे की जांच जारी है। पुलिस बरामद सामान को संबंधित मामलों से जोड़ने के साथ चोरी की शेष रकम और संभावित सहयोगियों का पता लगाने का प्रयास कर रही है। जांच पूरी होने के बाद आरोपी की अन्य कथित वारदातों में भूमिका को लेकर स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।



