Hisar Flood: हिसार में सिंघवा राघो माइनर टूटी, खानपुर-सिंधड़ गांवों पर बाढ़ का खतरा मंडराया
हरियाणा के हिसार जिले में शुक्रवार सुबह बड़ा हादसा होते-होते टल गया। गुराना गांव के पास सिंघवा राघो माइनर अचानक टूट गई, जिससे गुराना के खेतों में भरा पानी तेजी से बहकर खानपुर और सिंधड़ गांवों की ओर फैलने लगा। कुछ ही घंटों में खेतों में करीब 2 से 3 फीट तक पानी भर गया और यह पानी रिहायशी इलाकों की तरफ बढ़ने लगा। ग्रामीणों के अनुसार यदि समय रहते प्रशासन ने कड़े कदम नहीं उठाए, तो दोनों गांवों की ढाणियां और घर पूरी तरह से डूब सकते हैं।
गांवों के लोगों ने आशंका जताई है कि यह माइनर जानबूझकर गुराना गांव के लोगों ने तोड़ी, ताकि अपने खेतों में भरे पानी का दबाव कम किया जा सके। उनका कहना है कि इससे अब खानपुर और सिंधड़ के ग्रामीणों की जान-माल पर खतरा मंडरा रहा है। कई परिवार पहले ही सतर्क होकर अपने पशुओं और जरूरी सामान को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट करने लगे हैं।
सूचना मिलते ही नारनौंद थाना प्रभारी बलवान सिंह पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। हालांकि ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासन ने अब तक माइनर को पाटने या पानी रोकने के लिए ठोस कदम नहीं उठाए, जिससे आक्रोश बढ़ गया है। लोगों का कहना है कि यदि तुरंत कार्रवाई नहीं हुई तो फसलों और मकानों को भारी नुकसान होगा।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए डीसी अनीश यादव ने मौके का दौरा किया। उन्होंने खानपुर, सिंधड़ समेत बसरसौंद, बधावड़ और लितानी गांवों का निरीक्षण किया और जल निकासी कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को राहत कार्य तेज करने, प्रभावित लोगों को सुरक्षित आश्रय दिलाने और स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। साथ ही, गलत तरीके से सड़कें और डिवाइडर तोड़कर पानी निकालने की घटनाओं पर कड़ी कार्रवाई करने की चेतावनी दी। इस दौरान बरवाला एसडीएम वेद प्रकाश बेनीवाल और कई विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
इस बीच हिसार के आर्यनगर इलाके में जल निकासी की पुरानी समस्या भी हल हो गई है। यहां लगातार बारिश से जोहड़ का पानी गलियों और घरों में भर गया था। प्रशासन ने पुलिस बल की मौजूदगी में नाले पर किए गए अवैध कब्जों को हटाया और दो जेसीबी मशीनों की मदद से रास्ता साफ कराया। अब जोहड़ का पानी मुख्य नाले से जुड़कर आसानी से बाहर निकाला जा रहा है। इस कार्रवाई से स्थानीय निवासियों ने राहत की सांस ली है।
हिसार प्रशासन ने कहा है कि ग्रामीणों को किसी भी तरह के खतरे से बचाने के लिए युद्धस्तर पर प्रयास जारी हैं और हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है।



