Patparganj Theft Case: दिल्ली पुलिस ने दो चोर दबोचे, चोरी के कंप्यूटर पार्ट्स बरामद
पूर्वी दिल्ली के पटपड़गंज इंडस्ट्रियल एरिया में हुई चोरी की वारदात का पुलिस ने सफलतापूर्वक खुलासा कर दिया है। ईस्ट डिस्ट्रिक्ट पुलिस की टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है और उनके कब्जे से चोरी किए गए कंप्यूटर कंपोनेंट्स भी बरामद किए हैं। यह कार्रवाई सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी इनपुट और स्थानीय खुफिया जानकारी के आधार पर की गई।
यह मामला 11 फरवरी 2026 का है, जब पटपड़गंज इंडस्ट्रियल एरिया स्थित एक कार्यालय से कंप्यूटर के महत्वपूर्ण पार्ट्स, जिनमें रैम और एसएसडी शामिल थे, चोरी हो गए थे। इस संबंध में शिकायतकर्ता संजय कुमार जैन की शिकायत पर ई-एफआईआर दर्ज की गई थी, जिसके बाद पुलिस ने तुरंत जांच शुरू कर दी।
जांच के दौरान पुलिस टीम ने घटनास्थल और आसपास के इलाकों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले। फुटेज में संदिग्ध गतिविधियों की पहचान की गई, जिसके आधार पर आगे की जांच को दिशा मिली। साथ ही स्थानीय स्तर पर पूछताछ और खुफिया तंत्र को सक्रिय कर संभावित आरोपियों के बारे में जानकारी जुटाई गई।
तकनीकी विश्लेषण और सीसीटीवी इनपुट के आधार पर पुलिस का शक दो व्यक्तियों—आलिम और कृष्णा—पर गया। दोनों के मूवमेंट और गतिविधियों की गुप्त रूप से निगरानी की गई, जिससे उनकी इस चोरी में संलिप्तता की पुष्टि हुई। इसके बाद पुलिस ने लगातार निगरानी रखते हुए मुखबिरों की मदद से दोनों की लोकेशन गाजियाबाद में ट्रेस की।
पुलिस टीम ने गाजियाबाद में छापा मारकर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। तलाशी और पूछताछ के दौरान उनके पास से चोरी किए गए कंप्यूटर कंपोनेंट्स, जिनमें रैम और एसएसडी शामिल हैं, बरामद किए गए। बरामदगी के बाद पुलिस ने पूरे मामले में आगे की जांच तेज कर दी है, ताकि इस चोरी से जुड़े अन्य पहलुओं और संभावित नेटवर्क का भी खुलासा किया जा सके।
गिरफ्तार आरोपी आलिम, जो दिल्ली के भलस्वा डेयरी इलाके का रहने वाला है, 30 वर्ष का है और 12वीं पास है। वह पेशे से लैपटॉप मैकेनिक है। वहीं दूसरा आरोपी कृष्णा, उत्तर प्रदेश के फरुख नगर असालतपुर का निवासी है, जिसकी उम्र 24 वर्ष है और वह 10वीं पास है। वह भी लैपटॉप मैकेनिक के तौर पर काम करता है। पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपियों का पहले कोई आपराधिक रिकॉर्ड सामने नहीं आया है।
दिल्ली पुलिस ने इस मामले को सुलझाने में आधुनिक तकनीक, सतर्क निगरानी और स्थानीय इंटेलिजेंस के समन्वय को अहम बताया है। अधिकारियों का कहना है कि इस तरह के मामलों में तेजी से कार्रवाई और सटीक जांच के जरिए ही अपराधियों तक पहुंचना संभव हो पाता है।



