Hookah Bar Action: साहिबाबाद के क्लबों में कथित हुक्का संचालन और देर रात तक गतिविधियों पर उठे सवाल
गाजियाबाद के साहिबाबाद थाना क्षेत्र में संचालित कुछ क्लबों को लेकर कथित हुक्का संचालन और निर्धारित समय के बाद भी गतिविधियां जारी रहने के आरोप सामने आए हैं। स्थानीय स्तर पर कुछ प्रतिष्ठानों के संचालन को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं और मांग की जा रही है कि संबंधित विभाग इनके लाइसेंस, अनुमतियों और संचालन की शर्तों की जांच करें।
स्थानीय लोगों की ओर से लगाए जा रहे आरोपों में कहा गया है कि साहिबाबाद क्षेत्र में करीब चार क्लब ऐसे हैं, जहां कथित तौर पर हुक्का परोसे जाने की गतिविधियां होती हैं। याराना क्लब, About Drink and Bar और The Black House समेत कुछ अन्य प्रतिष्ठानों के नाम इस संबंध में चर्चा में हैं। हालांकि, इन क्लबों के खिलाफ लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि संबंधित प्रतिष्ठानों के पास हुक्का संचालन के लिए आवश्यक वैध अनुमति या अन्य जरूरी लाइसेंस मौजूद हैं या नहीं। इस संबंध में वास्तविक स्थिति आबकारी विभाग, स्थानीय प्रशासन और अन्य संबंधित विभागों के आधिकारिक रिकॉर्ड की जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकती है।
स्थानीय लोगों का यह भी आरोप है कि कुछ क्लब निर्धारित समय सीमा समाप्त होने के बाद भी कथित तौर पर खुले रहते हैं। शिकायतों में देर रात तक और कुछ मामलों में सुबह करीब चार से पांच बजे तक गतिविधियां संचालित होने की बात कही गई है। यदि ये आरोप सही पाए जाते हैं तो निर्धारित संचालन समय और अन्य नियमों के पालन को लेकर संबंधित विभागों की जिम्मेदारी पर सवाल उठना स्वाभाविक है।
याराना क्लब को लेकर भी स्थानीय स्तर पर अलग-अलग आरोप और चर्चाएं सामने आने की बात कही जा रही है। हालांकि, किसी भी प्रतिष्ठान के खिलाफ लगाए गए आरोपों को आधिकारिक जांच के बिना तथ्य के रूप में नहीं माना जा सकता। ऐसे में यह जरूरी है कि पुलिस और संबंधित विभाग उपलब्ध शिकायतों की जांच कर वास्तविक स्थिति सामने रखें।
क्लबों के संचालन को लेकर केवल हुक्का गतिविधियों का मुद्दा ही नहीं है, बल्कि उनके पास मौजूद लाइसेंस और अन्य अनुमतियों की स्थिति भी जांच के दायरे में आनी चाहिए। इनमें आबकारी लाइसेंस, फायर सेफ्टी से जुड़े प्रमाणपत्र, स्थानीय निकाय की अनुमति, संचालन समय और अन्य आवश्यक दस्तावेज शामिल हो सकते हैं। इन सभी शर्तों के पालन की जिम्मेदारी संबंधित विभागों की निगरानी व्यवस्था से जुड़ी होती है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि किसी क्लब में बिना आवश्यक अनुमति हुक्का संचालन किया जा रहा है या निर्धारित समय के बाद व्यावसायिक गतिविधियां जारी हैं, तो विभागों को जांच कर नियमों के मुताबिक कार्रवाई करनी चाहिए। वहीं यदि जांच में आरोप निराधार पाए जाते हैं तो प्रशासन को स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए, ताकि किसी प्रतिष्ठान के बारे में गलत जानकारी या धारणा आगे न फैले।
इस पूरे मामले में अब पुलिस और आबकारी विभाग की भूमिका महत्वपूर्ण हो जाती है। साहिबाबाद थाना क्षेत्र में संचालित क्लबों की जांच कर यह स्पष्ट किया जा सकता है कि किन प्रतिष्ठानों के पास वैध लाइसेंस और आवश्यक अनुमतियां हैं, कौन निर्धारित समय के अनुसार संचालन कर रहा है और कहीं नियमों का उल्लंघन तो नहीं हो रहा है।
फिलहाल साहिबाबाद क्षेत्र में कथित हुक्का संचालन और देर रात तक क्लबों के खुले रहने को लेकर सवाल उठ रहे हैं। इन आरोपों की वास्तविकता जांच के बाद ही स्पष्ट होगी। यदि किसी क्लब में नियमों का उल्लंघन मिलता है तो संबंधित संचालक के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जा सकती है, जबकि नियमों का पालन करने वाले प्रतिष्ठानों के संबंध में प्रशासन की स्पष्ट जानकारी से स्थिति भी साफ हो सकेगी।



