Rohini Jail Murder: रोहिणी जेल में विचाराधीन कैदी की धारदार हथियार से हत्या, दो साथी कैदियों पर आरोप; परिवार ने उठाए सवाल
नई दिल्ली की रोहिणी सेंट्रल जेल नंबर-10 में 21 सितंबर को एक विचाराधीन कैदी पर धारदार हथियार से हमला कर दिया गया। गंभीर रूप से घायल कैदी को बीएसए अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक की पहचान 31 वर्षीय प्रदीप उर्फ मोहिंदर के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक, वह जेल की बैरक नंबर 203 में न्यायिक हिरासत में बंद था।
प्रारंभिक जांच के अनुसार, प्रदीप सोमवार को जेल परिसर में अपने परिजनों से मुलाकात के बाद बैरक की ओर लौट रहा था। इसी दौरान दो साथी कैदियों ने कथित तौर पर उस पर धारदार हथियार से हमला कर दिया। हमले में उसकी गर्दन पर गंभीर चोट आई। जेलकर्मियों और सुरक्षाकर्मियों ने घायल कैदी को तत्काल अस्पताल पहुंचाया, लेकिन उसकी जान नहीं बचाई जा सकी।
पुलिस के मुताबिक, इस मामले में दो कैदियों की भूमिका सामने आई है और उनकी पहचान तथा हमले के पीछे की वजह की जांच की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि वारदात में इस्तेमाल किया गया हथियार जेल के भीतर आरोपियों तक कैसे पहुंचा। कुछ रिपोर्टों में जेल की खिड़की से निकाली गई धातु की पट्टी को धारदार बनाकर इस्तेमाल किए जाने की बात सामने आई है, हालांकि जांच में इसकी पूरी पुष्टि होना बाकी है।
प्रदीप के खिलाफ पहले से कई आपराधिक मामले दर्ज होने की जानकारी सामने आई है। वह वर्ष 2024 से जेल में बंद था और उसके खिलाफ हत्या, हत्या के प्रयास, लूट और आर्म्स एक्ट समेत विभिन्न मामलों का रिकॉर्ड बताया गया है। वह रोहिणी जेल की बैरक नंबर 203 में रखा गया था।
पुलिस ने घटना के बाद जेल परिसर में लगे CCTV कैमरों की फुटेज की जांच शुरू कर दी है। साथ ही घायल कैदी से संबंधित मेडिकल-लीगल केस रिपोर्ट भी हासिल की गई है। समयपुर बादली थाना पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू की है और हमले की पूरी परिस्थितियों तथा आरोपियों की भूमिका का पता लगाया जा रहा है।
हमले की वजह को लेकर भी अलग-अलग पहलुओं की जांच की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या आरोपियों और प्रदीप के बीच पहले से कोई विवाद था। जांच में जेल के भीतर वर्चस्व को लेकर विवाद और अन्य संभावित कारणों को भी देखा जा रहा है।
घटना के बाद मृतक के परिवार ने जेल प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। परिजनों ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। परिवार की ओर से जेल प्रशासन से जुड़े कुछ आरोप भी लगाए गए हैं, हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। पुलिस सभी उपलब्ध साक्ष्यों और CCTV फुटेज के आधार पर घटना की परिस्थितियों की जांच कर रही है।
पुलिस और जेल प्रशासन की जांच के बाद यह स्पष्ट हो सकेगा कि हमला किस वजह से हुआ, इसमें कितने लोग वास्तव में शामिल थे और वारदात में इस्तेमाल हथियार जेल के अंदर कैसे पहुंचा। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच में सामने आने वाले अन्य साक्ष्यों से भी मौत की परिस्थितियों को लेकर स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है।



