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JSSC CGL: परीक्षा रद्द होने पर छात्रों में खुशी, 2,250 अभ्यर्थियों की नौकरी गई तो पास उम्मीदवारों में आक्रोश

JSSC CGL: परीक्षा रद्द होने पर छात्रों में खुशी, 2,250 अभ्यर्थियों की नौकरी गई तो पास उम्मीदवारों में आक्रोश

रांची। झारखंड में पिछले 24 दिनों से JSSC CGL परीक्षा को लेकर आंदोलन कर रहे छात्रों को 17 अगस्त की रात बड़ी राहत मिली। झारखंड सरकार ने प्रदर्शनकारी छात्रों की मांगों के बीच JSSC CGL समेत TDPL द्वारा आयोजित सभी परीक्षाओं को रद्द करने का ऐलान किया। सरकार के फैसले के बाद आंदोलन कर रहे छात्रों में खुशी की लहर दौड़ गई, लेकिन परीक्षा पास कर चुके और विभिन्न पदों पर नौकरी कर रहे अभ्यर्थियों के सामने रोजगार जाने का संकट खड़ा हो गया।

JSSC CGL परीक्षा रद्द किए जाने के फैसले का सीधा असर SO, ASO समेत अलग-अलग पदों पर कार्यरत करीब 2,250 अभ्यर्थियों पर पड़ा है। परीक्षा पास करने के बाद नियुक्त होकर काम कर रहे इन कर्मचारियों की नौकरी अब खत्म हो गई है। सरकार के फैसले के बाद इन अभ्यर्थियों में भारी नाराजगी देखने को मिली।

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के ऐलान के बाद परीक्षा पास कर चुके और नौकरी कर रहे अभ्यर्थियों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। अभ्यर्थियों ने पहले मानव श्रृंखला बनाकर अपना विरोध जताया और इसके बाद देर रात तक बारिश के बीच मंत्रालय के बाहर डटे रहे। बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों ने प्रोजेक्ट भवन के बाहर धरना-प्रदर्शन किया।

प्रदर्शन कर रहे नौकरी कर रहे अभ्यर्थियों का कहना है कि वे एक दिन पहले तक प्रोजेक्ट भवन और सचिवालय में कर्मचारी के तौर पर काम कर रहे थे, लेकिन सरकार के फैसले के बाद अचानक उनकी नौकरी चली गई। उनका कहना है कि उन्होंने JSSC CGL परीक्षा पास करने के बाद दूसरी नौकरियों और अवसरों को छोड़कर अपने राज्य में नौकरी करने का फैसला किया था।

एक अभ्यर्थी ने अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि कल तक वे सचिवालय कर्मी थे और आज सड़क पर खड़े हैं। अभ्यर्थियों का आरोप है कि परीक्षा रद्द करने से पहले सरकार ने उनका पक्ष नहीं सुना और सीधे नौकरी खत्म करने का आदेश जारी कर दिया।

वहीं, लंबे समय से परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर आंदोलन कर रहे छात्रों ने सरकार के फैसले का स्वागत किया है। प्रदर्शनकारी छात्रों का कहना है कि परीक्षा प्रक्रिया को लेकर उनकी आपत्तियों को गंभीरता से लिया गया और इसी वजह से परीक्षा रद्द करने का फैसला हुआ।

इस फैसले के बाद झारखंड में एक तरफ आंदोलनरत छात्रों के बीच उत्साह है, तो दूसरी तरफ परीक्षा पास कर नौकरी हासिल कर चुके 2,250 अभ्यर्थियों के भविष्य को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। प्रोजेक्ट भवन के बाहर अभ्यर्थियों का विरोध इस बात का संकेत है कि परीक्षा रद्द किए जाने के फैसले के बाद सरकार के सामने एक नई चुनौती खड़ी हो गई है।

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