JCB India: ₹50 करोड़ के कथित निवेश विवाद में JCB India के दो वरिष्ठ अधिकारियों पर FIR, आर्थिक शोषण और धमकी के आरोप
नई दिल्ली, 28 जुलाई : JCB India Ltd. से जुड़े करीब ₹50 करोड़ के कथित निवेश विवाद ने नया मोड़ ले लिया है। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले के कटघोरा थाने में कंपनी से जुड़े दो वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। सोमवार को नई दिल्ली के Le Méridien Hotel में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में शिकायतकर्ता पक्ष ने मामले को लेकर गंभीर आरोप लगाए। शिकायतकर्ता पक्ष का दावा है कि डीलरशिप कारोबार में करीब ₹50 करोड़ का निवेश करने के बावजूद उन्हें कथित आर्थिक शोषण, मानसिक उत्पीड़न और आपराधिक धमकियों का सामना करना पड़ा।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में शिकायतकर्ता गौरव मोदी की ओर से कृष्णा ऑटो राइडर्स प्राइवेट लिमिटेड (Krishna JCB) का पक्ष रख रहे वरिष्ठ अधिवक्ता ने मीडिया को पूरे मामले की जानकारी दी। अधिवक्ता ने न्यायालय के आदेश, एफआईआर और अन्य दस्तावेजों का हवाला देते हुए कहा कि यह मामला महज कारोबारी विवाद तक सीमित नहीं है, बल्कि न्यायालय के आदेश के बाद दर्ज आपराधिक प्रकरण है।
शिकायतकर्ता पक्ष के अनुसार वर्ष 2017-18 में JCB India Ltd. के साथ डीलरशिप संबंध स्थापित होने के बाद कंपनी की ओर से व्यवसाय के विस्तार के लिए बड़े पैमाने पर निवेश किया गया। आरोप है कि इस दौरान भूमि खरीदने, अत्याधुनिक शोरूम और सर्विस सेंटर तैयार करने, भवन निर्माण, मशीनरी और उपकरण खरीदने, फर्नीचर, स्पेयर पार्ट्स, कर्मचारियों की भर्ती और प्रशिक्षण सहित विभिन्न मदों में लगभग ₹50 करोड़ का निवेश किया गया।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि भारी निवेश किए जाने के बाद कंपनी के कुछ वरिष्ठ अधिकारियों की ओर से समय-समय पर अतिरिक्त धनराशि की कथित मांग की गई। शिकायतकर्ता पक्ष के अनुसार इन कथित मांगों को पूरा नहीं करने पर डीलरशिप के नवीनीकरण और विस्तार को लेकर दबाव बनाया गया। आरोप है कि इस दौरान उन्हें मानसिक उत्पीड़न और आर्थिक नुकसान के साथ कथित आपराधिक धमकियों का भी सामना करना पड़ा।
शिकायतकर्ता पक्ष ने दावा किया कि डीलरशिप समाप्त करने की चेतावनी देकर लगातार दबाव बनाया गया। इसके कारण कंपनी की ओर से किए गए भारी निवेश को लेकर आर्थिक संकट की स्थिति पैदा हुई और शिकायतकर्ता को कथित तौर पर बड़ा नुकसान उठाना पड़ा।
मामले में शिकायतकर्ता पक्ष का कहना है कि शुरुआत में पुलिस के समक्ष शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की गई थी, लेकिन जब अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई तो न्यायालय का रुख किया गया। इसके बाद न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी, कटघोरा ने उपलब्ध दस्तावेजों और तथ्यों पर विचार करने के बाद एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया।
न्यायालय के आदेश के अनुपालन में 22 मई 2026 को कटघोरा थाना, जिला कोरबा, छत्तीसगढ़ में एफआईआर संख्या 0175/2026 दर्ज की गई। शिकायतकर्ता पक्ष के अनुसार एफआईआर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318 और 3(5) के तहत दर्ज की गई है।
एफआईआर में संदीप कलरा और जसमीत सिंह को आरोपी बनाया गया है। हालांकि शिकायतकर्ता पक्ष का कहना है कि न्यायालय के समक्ष दाखिल मूल शिकायत में दीपक सेठी, संदीप कलरा, जसमीत सिंह और अनंत सिंह सहित अन्य अधिकारियों के खिलाफ भी गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान शिकायतकर्ता पक्ष ने कहा कि वह उपलब्ध दस्तावेजी साक्ष्यों के आधार पर अपनी कानूनी लड़ाई जारी रखेगा। पक्ष की ओर से जांच एजेंसियों से मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की गई है। वरिष्ठ अधिवक्ता ने कहा कि आगे की कानूनी रणनीति न्यायालय में चल रही प्रक्रिया और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर तय की जाएगी।
फिलहाल मामला जांच और न्यायिक प्रक्रिया के अधीन है। प्रेस कॉन्फ्रेंस में लगाए गए आरोप शिकायतकर्ता पक्ष के दावे हैं और इन आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी। मामले में आगे की कार्रवाई और जांच के परिणाम से यह स्पष्ट होगा कि लगाए गए आरोपों में कितनी सत्यता है।



