Kondli Canal Bridge: सड़क उद्घाटन को लेकर कोंडली नहर पुल पर हंगामा, AAP समर्थकों की नारेबाजी से गरमाया माहौल
नई दिल्ली। पूर्वी दिल्ली के कोंडली नहर पुल के पास सड़क उद्घाटन कार्यक्रम को लेकर गुरुवार को राजनीतिक हंगामा देखने को मिला। कार्यक्रम के दौरान आम आदमी पार्टी से जुड़े कार्यकर्ताओं और समर्थकों की ओर से विरोध प्रदर्शन और नारेबाजी किए जाने की बात सामने आई। मौके पर दिल्ली सरकार, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और PWD मंत्री प्रवेश वर्मा के खिलाफ भी नारे लगाए जाने की जानकारी सामने आई है।
स्थानीय स्तर पर सामने आए वीडियो और सोशल मीडिया पोस्ट में कोंडली नहर पुल के पास कुछ लोगों को विरोध प्रदर्शन करते हुए देखा जा रहा है। प्रदर्शनकारियों की ओर से आरोप लगाया गया कि कोंडली विधानसभा क्षेत्र के विधायक कुलदीप कुमार उर्फ मोनू को सड़क और पुल के उद्घाटन कार्यक्रम में आमंत्रित नहीं किया गया। इसी बात को लेकर समर्थकों ने कार्यक्रम स्थल पर विरोध जताया और नारेबाजी की।
प्रदर्शन के दौरान मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और PWD मंत्री प्रवेश वर्मा के खिलाफ कथित तौर पर दलित विरोधी होने के आरोप लगाते हुए भी नारे लगाए गए। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। यह भी स्पष्ट नहीं है कि प्रदर्शन में शामिल सभी लोग किसी एक राजनीतिक संगठन या समूह से जुड़े थे।
कोंडली नहर पुल को लेकर पहले भी राजनीतिक बयानबाजी सामने आती रही है। हाल के दिनों में AAP विधायक कुलदीप कुमार की ओर से पुल को आम जनता के लिए खोलने की मांग को लेकर सोशल मीडिया पर पोस्ट और वीडियो साझा किए गए थे। ऐसे में सड़क और पुल के उद्घाटन कार्यक्रम को लेकर सामने आया विरोध अब स्थानीय राजनीति में चर्चा का विषय बन गया है।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि क्षेत्र के निर्वाचित विधायक को विकास कार्य के उद्घाटन कार्यक्रम में शामिल किया जाना चाहिए था। उनका आरोप है कि विधायक को कार्यक्रम से दूर रखा गया, जिसके कारण समर्थकों में नाराजगी है। हालांकि, विधायक को कार्यक्रम में आमंत्रित किए जाने या नहीं किए जाने को लेकर संबंधित विभाग या कार्यक्रम आयोजकों की ओर से फिलहाल आधिकारिक स्थिति स्पष्ट नहीं की गई है।
उद्घाटन कार्यक्रम को लेकर हुए विरोध के कारण कुछ समय के लिए कोंडली नहर पुल के आसपास राजनीतिक माहौल गर्म रहा। मौके पर मौजूद लोगों के बीच नारेबाजी और विरोध को लेकर चर्चा बनी रही। अब पूरे मामले में संबंधित पक्षों की आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है, जिसके बाद विवाद की वास्तविक स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।



