Krishna Nagar Cab Driver Murder: कृष्णा नगर में कैब ड्राइवर की चाकू मारकर हत्या का 24 घंटे में खुलासा, तीन आरोपी गिरफ्तार; चौथा चिन्हित
नई दिल्ली। शाहदरा जिले की स्पेशल स्टाफ टीम और कृष्णा नगर थाना पुलिस ने कैब ड्राइवर विजय कुमार की सनसनीखेज हत्या के मामले को 24 घंटे के भीतर सुलझाने का दावा किया है। पुलिस ने वारदात में शामिल तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें एक नाबालिग भी शामिल है। वहीं, चौथे आरोपी की पहचान कर ली गई है और उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।
पुलिस के मुताबिक आरोपियों ने शराब पीने के बाद आसान पैसे कमाने के लिए कैब ड्राइवर को लूटने की साजिश रची थी। आरोपियों ने ऑनलाइन एप के जरिए कैब बुक की और उसमें सवार होकर चालक पर चाकू से हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल चालक को उसकी कार में ही छोड़कर आरोपी वाहन लेकर फरार हो गए। बाद में लोगों द्वारा पीछा किए जाने पर आरोपी कार को ईस्ट आजाद नगर मेट्रो स्टेशन के पास छोड़कर फरार हो गए।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से हत्या में इस्तेमाल चाकू, खून से सनी मारुति वैगन-आर, आरोपियों के खून से सने कपड़े, जैविक साक्ष्य, वारदात में इस्तेमाल मोबाइल फोन और अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य बरामद किए हैं।
पुलिस के अनुसार 23 जुलाई को कृष्णा नगर थाना पुलिस को रोड नंबर-57, मेट्रो पिलर नंबर-90 के पास एक व्यक्ति को कई जगह चाकू मारे जाने की PCR कॉल मिली थी। सूचना मिलते ही कृष्णा नगर थाना प्रभारी इंस्पेक्टर विजेंद्र राणा, इंस्पेक्टर महेश भार्गव, सब इंस्पेक्टर अवनीश कुमार समेत पुलिस टीम मौके पर पहुंची।
मौके पर सड़क किनारे मारुति वैगन-आर खड़ी मिली। कार के अंदर खून के निशान थे और ड्राइविंग सीट पर एक व्यक्ति गंभीर हालत में बेहोश पड़ा था। उसके शरीर पर चाकू से कई वार किए गए थे। पुलिस ने घायल व्यक्ति को तत्काल डॉ. हेडगेवार अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
मृतक की पहचान करीब 40 वर्षीय विजय कुमार के रूप में हुई, जो पश्चिम विनोद नगर, दिल्ली का रहने वाला था। घटना की गंभीरता को देखते हुए शाहदरा जिले के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी भी मौके पर पहुंचे और जांच की निगरानी की। क्राइम टीम और FSL विशेषज्ञों ने घटनास्थल की वैज्ञानिक तरीके से जांच करते हुए खून के नमूने, जैविक साक्ष्य और अन्य फोरेंसिक सबूत जुटाए।
इस मामले में कृष्णा नगर थाने में FIR नंबर 236/2026 दर्ज की गई। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1) के तहत हत्या का मामला दर्ज कर जांच इंस्पेक्टर महेश भार्गव को सौंपी।
मामले के खुलासे के लिए ACP गांधी नगर की निगरानी और DCP शाहदरा के मार्गदर्शन में कृष्णा नगर थाना और शाहदरा स्पेशल स्टाफ की दो अलग-अलग टीमें गठित की गईं। टीमों ने घटनास्थल से लेकर न्यू सीलमपुर तक CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली। इसके साथ ही तकनीकी साक्ष्यों, स्थानीय सूचना और मोबाइल फोन से जुड़े डेटा की मदद ली गई।
पुलिस ने CDR यानी कॉल डिटेल रिकॉर्ड का विश्लेषण CCTV फुटेज के साथ किया। तकनीकी सुरागों के आधार पर आरोपियों की पहचान की गई। इसके बाद दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में लगातार निगरानी और छापेमारी की गई। पुलिस के मुताबिक आरोपियों ने गिरफ्तारी से बचने की कोशिश की, लेकिन संयुक्त टीमों ने तीन आरोपियों को 24 घंटे के भीतर पकड़ लिया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान न्यू सीलमपुर निवासी 20 वर्षीय अयान, न्यू सीलमपुर के के-ब्लॉक निवासी करीब 19 वर्षीय साहिल और न्यू सीमापुरी निवासी 17 वर्षीय नाबालिग के तौर पर हुई है। पुलिस के मुताबिक अयान पहले भी लूट और झपटमारी समेत चार आपराधिक मामलों में शामिल रहा है। साहिल के खिलाफ पहले से झपटमारी का एक मामला दर्ज बताया गया है।
पुलिस ने इस मामले में चौथे आरोपी अमन की भी पहचान कर ली है। उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।
पूछताछ के दौरान आरोपियों ने पुलिस को बताया कि स्थानीय लड़कों से रंजिश के चलते अयान ने सह आरोपी अमन कुरैशी से हथियार की व्यवस्था करने को कहा था। पुलिस के मुताबिक अमन ने चाकू की व्यवस्था कर 23 जुलाई को अयान को दे दिया था।
इसके बाद उसी दिन अयान, साहिल, नाबालिग और अमन कुरैशी ने एक साथ शराब पी। पूछताछ में सामने आया कि चारों ने आसान पैसे के लिए कैब ड्राइवर को लूटने की योजना बनाई। इसके बाद अमन ने अयान के मोबाइल फोन का इस्तेमाल करते हुए V3S मॉल जाने के लिए Rapido कैब बुक की।
चारों आरोपी कैब में सवार हुए। पुलिस के मुताबिक चितरा विहार रेड लाइट के पास आरोपियों ने कैब ड्राइवर विजय कुमार पर चाकू से हमला कर दिया। ड्राइवर को कई बार चाकू मारने के बाद आरोपी उसकी कार लेकर फरार हो गए।
हालांकि, वारदात के बाद लोगों ने आरोपियों का पीछा किया। पीछा किए जाने पर आरोपी ईस्ट आजाद नगर मेट्रो स्टेशन के पास कार छोड़कर फरार हो गए। पुलिस ने बाद में इसी मारुति वैगन-आर को बरामद किया। कार के अंदर खून के निशान मिले, जिन्हें जांच का हिस्सा बनाया गया है।
जांच के दौरान पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल चाकू भी बरामद कर लिया। इसके अलावा आरोपियों के खून से सने कपड़े, जैविक साक्ष्य, वारदात के दौरान इस्तेमाल मोबाइल फोन और अन्य आपत्तिजनक सामग्री भी बरामद की गई है। पुलिस का कहना है कि जांच आगे बढ़ने के साथ अन्य बरामदगी की भी संभावना है।
पुलिस जांच में सामने आया कि चारों आरोपी न्यू सीलमपुर में रहते हैं और एक-दूसरे के करीबी सहयोगी हैं। शराब पीने के बाद उन्होंने कैब चालक को आसान निशाना मानते हुए लूट की योजना बनाई। इसके लिए हथियार की व्यवस्था की गई, ऑनलाइन एप के जरिए कैब बुक की गई और फिर चालक को निशाना बनाया गया।
पुलिस ने बताया कि मामले के खुलासे में CCTV फुटेज, फोरेंसिक जांच, तकनीकी निगरानी, स्थानीय खुफिया जानकारी और पुलिस टीमों की लगातार फील्ड कार्रवाई की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस अब चौथे आरोपी अमन की गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही है।
शाहदरा जिला पुलिस ने इस कार्रवाई को पेशेवर पुलिसिंग और विभिन्न टीमों के बीच बेहतर समन्वय का परिणाम बताया है। पुलिस का कहना है कि हत्या जैसे गंभीर अपराधों में तकनीकी और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया जा रहा है और सभी आरोपियों को कानून के दायरे में लाने के प्रयास जारी हैं।



