Delhi Drug Bust दिल्ली पुलिस ने इंटर-स्टेट ड्रग नेटवर्क का भंडाफोड़ किया, हिमाचल से दिल्ली-NCR तक चल रही सप्लाई चेन ध्वस्त
पूर्वी दिल्ली पुलिस की स्पेशल स्टाफ टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए हिमाचल प्रदेश से दिल्ली-एनसीआर तक फैले एक इंटर-स्टेट ड्रग तस्करी नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। इस ऑपरेशन में पुलिस ने हाई क्वालिटी मालाना चरस की सप्लाई करने वाले गिरोह के पांच आरोपियों को गिरफ्तार और चिन्हित किया है। कार्रवाई के दौरान कुल 480.4 ग्राम प्रीमियम क्वालिटी मालाना चरस और सात मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं।
यह कार्रवाई गाजीपुर थाना क्षेत्र में दर्ज एनडीपीएस एक्ट के एक मामले की जांच के दौरान की गई। पुलिस के अनुसार, यह गिरोह हिमाचल प्रदेश के कुख्यात मलाणा गांव से चरस लाकर दिल्ली-एनसीआर में सप्लाई करता था।
ईस्ट डिस्ट्रिक्ट पुलिस के मुताबिक, “जीरो टॉलरेंस पॉलिसी” के तहत स्पेशल स्टाफ लगातार ड्रग तस्करी में शामिल नेटवर्क पर नजर रख रही थी। इस अभियान के लिए एसआई अमन सिंह, हेड कांस्टेबल हिमांशु, हेड कांस्टेबल नरेश, कांस्टेबल हिमांशु, कांस्टेबल राजीव और कांस्टेबल सानोज की विशेष टीम गठित की गई थी।
9 अप्रैल 2026 को पुलिस टीम शर्मानाथ बांध के पास गश्त कर रही थी। इसी दौरान दो युवक पुलिस को देखकर बचने की कोशिश करने लगे। शक होने पर पुलिस ने दोनों को पकड़कर तलाशी ली, जिसमें उनके पास से 115 ग्राम चरस बरामद हुई। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान शुभम जैन और राहुल कुमार के रूप में हुई।
पूछताछ और तकनीकी जांच के दौरान पुलिस को पूरे नेटवर्क की अहम जानकारी मिली। इसके बाद 18 अप्रैल 2026 को आरोपी विशाल भारद्वाज को गिरफ्तार किया गया। उसके पास से 101.4 ग्राम प्रीमियम मालाना चरस बरामद हुई। साथ ही गुरुग्राम स्थित उसके ठिकाने पर छापेमारी कर अतिरिक्त 264 ग्राम चरस भी जब्त की गई।
आगे की जांच में सामने आया कि इस पूरे नेटवर्क का मुख्य सप्लायर उर्मेश है, जो हिमाचल प्रदेश के मलाणा गांव का रहने वाला है। पुलिस टीम ने हिमाचल प्रदेश में विशेष ऑपरेशन चलाकर उसे भी गिरफ्तार कर लिया।
जांच में यह भी पता चला कि हरदीप नाम का आरोपी मलाणा से दिल्ली तक चरस पहुंचाने का काम करता था। वह पहले से ही एक अन्य एनडीपीएस मामले में न्यायिक हिरासत में बंद है और अब इस केस में भी उसकी गिरफ्तारी की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
पुलिस के मुताबिक, गिरोह के सदस्य मोबाइल फोन और निजी संपर्कों के जरिए सप्लाई, ट्रांसपोर्ट और डिलीवरी का पूरा नेटवर्क चलाते थे। हर आरोपी की अलग भूमिका तय थी, जिससे यह ड्रग नेटवर्क लंबे समय से सक्रिय था।
गिरफ्तार आरोपियों में शुभम जैन, राहुल कुमार, विशाल भारद्वाज, उर्मेश और हरदीप शामिल हैं। पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश कर रही है और सप्लाई चेन के बाकी लिंक खंगाले जा रहे हैं।
ईस्ट डिस्ट्रिक्ट पुलिस ने कहा कि राजधानी में नशे के कारोबार के खिलाफ लगातार सख्त अभियान जारी रहेगा। पुलिस ने लोगों से भी अपील की है कि नशे या आपराधिक गतिविधियों से जुड़ी किसी भी जानकारी को तुरंत साझा करें ताकि समाज को ड्रग फ्री बनाया जा सके।



