Maujpur Play School Case: साढ़े 3 साल के बच्चे से कथित मारपीट, केयरटेकर गिरफ्तार; CCTV सामने आने के बाद स्कूल पर कार्रवाई
नई दिल्ली। उत्तर-पूर्वी दिल्ली के मौजपुर स्थित एक प्ले स्कूल में साढ़े तीन साल के बच्चे के साथ कथित मारपीट और प्रताड़ना का गंभीर मामला सामने आया है। परिजनों का आरोप है कि स्कूल में बच्चे को कुर्सी से बांधकर रखा गया, उसके कान खींचे गए और उसके साथ मारपीट की गई। मामला सामने आने के बाद पुलिस ने POCSO एक्ट समेत संबंधित धाराओं में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मामले में एक केयरटेकर को गिरफ्तार किए जाने की जानकारी भी सामने आई है।
बताया जा रहा है कि यह घटना 18 अगस्त की है। बच्चा रोज की तरह प्ले स्कूल गया था, लेकिन घर लौटने के बाद उसकी तबीयत खराब होने लगी। परिवार के मुताबिक, बच्चे को उल्टी और चक्कर की शिकायत हुई। उसके कानों में सूजन भी दिखाई दी। बच्चे की हालत देखकर परिवार को संदेह हुआ कि स्कूल में उसके साथ कुछ गलत हुआ है।
परिजनों ने बच्चे से जानकारी लेने के साथ स्कूल प्रबंधन से भी संपर्क किया। इसके बाद परिवार ने स्कूल में लगे CCTV कैमरों की फुटेज देखने की मांग की। आरोप है कि फुटेज देखने के दौरान परिवार को बच्चे के साथ कथित ज्यादती से जुड़ी तस्वीरें दिखाई दीं। इसके बाद मामले ने गंभीर रूप ले लिया।
परिवार का आरोप है कि बच्चे को स्कूल में एक कुर्सी से बांधकर रखा गया था। उसके कान खींचे गए और उसके साथ मारपीट भी की गई। साढ़े तीन साल के बच्चे के साथ इस तरह के व्यवहार के आरोप सामने आने के बाद परिवार ने पुलिस से संपर्क करने का फैसला किया।
घटना 18 अगस्त की बताई जा रही है, जबकि परिवार ने 27 अगस्त को पुलिस में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू की। बच्चे की कम उम्र और लगाए गए आरोपों को देखते हुए POCSO एक्ट समेत संबंधित कानूनी धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
पुलिस जांच में स्कूल का CCTV फुटेज महत्वपूर्ण साक्ष्य माना जा रहा है। जांच अधिकारी फुटेज की बारीकी से पड़ताल कर रहे हैं, ताकि घटना के समय की पूरी गतिविधि और वहां मौजूद लोगों की भूमिका का पता लगाया जा सके। फुटेज के आधार पर यह जानने का प्रयास किया जा रहा है कि बच्चे के साथ वास्तव में क्या हुआ और घटना के समय कौन-कौन कर्मचारी मौजूद थे।
मामले में पुलिस ने एक केयरटेकर को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार केयरटेकर की कथित भूमिका की जांच की जा रही है। इसके साथ ही यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि क्या घटना में किसी अन्य कर्मचारी या स्कूल से जुड़े व्यक्ति की भी भूमिका थी।
पुलिस बच्चे की मेडिकल रिपोर्ट को भी जांच का हिस्सा बना रही है। परिवार ने बच्चे के कान में सूजन के साथ उल्टी और चक्कर आने की शिकायत बताई थी। ऐसे में मेडिकल जांच और डॉक्टरों की रिपोर्ट से बच्चे को लगी चोटों तथा उसकी शारीरिक स्थिति के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिलने की उम्मीद है।
27 अगस्त को शिकायत दर्ज होने के बाद मामले में पुलिस की जांच चल रही थी, लेकिन 31 अगस्त से यह घटना व्यापक रूप से चर्चा में आ गई। बच्चे के साथ कथित मारपीट से जुड़े CCTV फुटेज की जानकारी सामने आने के बाद मामले ने तूल पकड़ लिया और स्कूल की कार्यप्रणाली तथा छोटे बच्चों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठने लगे।
मामले की गंभीरता को देखते हुए दिल्ली सरकार ने भी इसका संज्ञान लिया। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के निर्देश पर प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई शुरू की गई। जिलाधिकारी की ओर से संबंधित प्ले स्कूल को सील करने की प्रक्रिया शुरू किए जाने की जानकारी सामने आई है।
सरकार की ओर से कहा गया है कि बच्चों की सुरक्षा के साथ किसी भी तरह की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी और जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। पुलिस जांच के साथ प्रशासन भी स्कूल से संबंधित नियमों और व्यवस्थाओं की पड़ताल कर रहा है।
इस घटना के बाद प्ले स्कूलों में छोटे बच्चों की सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। साढ़े तीन साल जैसे बेहद कम उम्र के बच्चे अपनी परेशानी या उनके साथ हुए व्यवहार के बारे में हमेशा स्पष्ट रूप से नहीं बता पाते। ऐसे में स्कूल प्रबंधन और कर्मचारियों पर बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की विशेष जिम्मेदारी होती है।
CCTV फुटेज इस मामले में जांच की महत्वपूर्ण कड़ी बन गया है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि फुटेज में दिखाई देने वाली गतिविधियों का पूरा घटनाक्रम क्या था। इसके अलावा फुटेज के समय, बच्चे की मेडिकल रिपोर्ट और स्कूल में मौजूद कर्मचारियों के बयानों का भी मिलान किया जा रहा है।
जांच के दौरान पुलिस स्कूल प्रबंधन और अन्य कर्मचारियों से भी पूछताछ कर सकती है। घटना के समय बच्चे की देखरेख की जिम्मेदारी किसके पास थी, स्कूल में बच्चों की निगरानी के लिए क्या व्यवस्था थी और कथित घटना की जानकारी प्रबंधन को कब मिली, इन सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।
इस मामले में घटनाक्रम की टाइमलाइन भी महत्वपूर्ण है। कथित घटना 18 अगस्त को हुई, परिवार ने 27 अगस्त को पुलिस में शिकायत दर्ज कराई और इसके बाद 31 अगस्त से मामला व्यापक रूप से सामने आया। अब पुलिस और प्रशासन दोनों स्तर पर कार्रवाई आगे बढ़ रही है।
मौजपुर प्ले स्कूल में साढ़े तीन साल के बच्चे के साथ कथित मारपीट के आरोपों ने अभिभावकों की चिंता बढ़ा दी है। एक केयरटेकर की गिरफ्तारी और स्कूल के खिलाफ प्रशासनिक कार्रवाई के बाद अब जांच का फोकस पूरे घटनाक्रम और जिम्मेदार लोगों की भूमिका तय करने पर है।
फिलहाल पुलिस CCTV फुटेज, बच्चे की मेडिकल रिपोर्ट, परिवार की शिकायत और स्कूल से जुड़े लोगों के बयानों के आधार पर जांच कर रही है। प्रशासनिक स्तर पर भी स्कूल के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद ही घटना की पूरी परिस्थितियां और इसमें शामिल लोगों की जिम्मेदारी स्पष्ट हो सकेगी।



