Road Safety Awareness: ज्योति नगर के सरकारी स्कूल में ट्रैफिक पुलिस का जागरूकता कार्यक्रम, बच्चों को पढ़ाया सड़क सुरक्षा का पाठ
नई दिल्ली। सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों को लेकर बच्चों में जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से दिल्ली के ज्योति नगर स्थित दिल्ली नगर निगम के सरकारी स्कूल में 15 सितंबर 2026 को विशेष यातायात जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। रोड सेफ्टी सेल, ट्रैफिक मुख्यालय और नंद नगरी ट्रैफिक सर्किल के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया। इस दौरान ट्रैफिक पुलिस अधिकारियों ने बच्चों को सड़क पर सुरक्षित तरीके से चलने, यातायात संकेतों को समझने और ट्रैफिक नियमों का जिम्मेदारी से पालन करने की जानकारी दी।
कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों ने विद्यार्थियों को बताया कि सड़क सुरक्षा केवल वाहन चलाने वाले लोगों की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि पैदल यात्रियों और वाहन में सफर करने वाले प्रत्येक व्यक्ति को भी यातायात नियमों की जानकारी होनी चाहिए। बच्चों को समझाया गया कि सड़क पार करते समय जल्दबाजी करने के बजाय निर्धारित स्थान और जेब्रा क्रॉसिंग का इस्तेमाल करना चाहिए। जहां पैदल यात्रियों के लिए विशेष सुविधाएं उपलब्ध हों, वहां उन्हीं का उपयोग करना सुरक्षित रहता है।
ट्रैफिक पुलिस अधिकारियों ने विद्यार्थियों को यातायात सिग्नल और अलग-अलग सड़क संकेतों के महत्व के बारे में भी जानकारी दी। उन्हें बताया गया कि ट्रैफिक सिग्नल और सड़क संकेतों का पालन दुर्घटनाओं के जोखिम को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। सड़क पर चलते समय आसपास के यातायात पर ध्यान रखने और सुरक्षित तरीके से आवागमन करने पर विशेष जोर दिया गया।
कार्यक्रम में वाहनों के भीतर सुरक्षा से जुड़े नियमों पर भी विस्तार से चर्चा की गई। अधिकारियों ने बच्चों को बताया कि कार या अन्य चार पहिया वाहन में यात्रा करते समय सीट बेल्ट का इस्तेमाल करना बेहद जरूरी है। सीट बेल्ट दुर्घटना की स्थिति में गंभीर चोट के जोखिम को कम करने में महत्वपूर्ण सुरक्षा उपाय है। विद्यार्थियों को अपने परिवार के सदस्यों को भी सीट बेल्ट लगाने के लिए प्रेरित करने की सलाह दी गई।
दोपहिया वाहनों से संबंधित सुरक्षा नियमों की जानकारी देते हुए अधिकारियों ने BIS/ISI प्रमाणित हेलमेट के इस्तेमाल पर जोर दिया। बच्चों को बताया गया कि दोपहिया वाहन चलाने वाले व्यक्ति के साथ पीछे बैठने वाले व्यक्ति के लिए भी हेलमेट सुरक्षा का महत्वपूर्ण साधन है। केवल हेलमेट पहनना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसे सही तरीके से लगाना और उसकी स्ट्रैप को ठीक से बांधना भी जरूरी है।
ट्रैफिक पुलिस ने विद्यार्थियों को सड़क पर होने वाली उन गतिविधियों के बारे में भी बताया, जो दुर्घटनाओं का कारण बन सकती हैं। अधिकारियों ने रेड लाइट जंप करने, गलत दिशा में वाहन चलाने, निर्धारित सीमा से अधिक गति में वाहन चलाने और दोपहिया वाहन पर ट्रिपल राइडिंग जैसी गतिविधियों से बचने की सलाह दी। बच्चों को समझाया गया कि यातायात नियमों की अनदेखी स्वयं के साथ-साथ सड़क पर मौजूद अन्य लोगों की सुरक्षा के लिए भी खतरा बन सकती है।
इसके अलावा विद्यार्थियों को लेन अनुशासन के महत्व की जानकारी दी गई। अधिकारियों ने बताया कि सड़क पर निर्धारित लेन का पालन करने और सार्वजनिक मार्गों का जिम्मेदारी के साथ इस्तेमाल करने से यातायात व्यवस्था बेहतर रहती है। सड़क पर अनुशासन और नियमों का पालन दुर्घटनाओं को रोकने के साथ यातायात को सुचारू बनाए रखने में भी मदद करता है।
जागरूकता कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों से जुड़ी जानकारियों में उत्साह दिखाया। बच्चों को रोजमर्रा की जिंदगी में सामने आने वाली यातायात संबंधी परिस्थितियों के बारे में समझाया गया और सुरक्षित सड़क व्यवहार से जुड़ी महत्वपूर्ण बातों की जानकारी दी गई। कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों को केवल नियम बताना ही नहीं, बल्कि उनमें सड़क सुरक्षा के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करना भी रहा।
स्कूल प्रशासन ने ट्रैफिक पुलिस की इस पहल की सराहना की। अधिकारियों ने कहा कि बच्चों को कम उम्र से सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों के प्रति जागरूक करने से भविष्य में जिम्मेदार सड़क उपयोगकर्ता तैयार करने में मदद मिल सकती है। बच्चे स्वयं नियमों का पालन करने के साथ अपने माता-पिता, परिवार के अन्य सदस्यों और आसपास के लोगों को भी सुरक्षित यातायात व्यवहार के लिए प्रेरित कर सकते हैं।
यातायात पुलिस की ओर से आयोजित ऐसे जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से बच्चों और युवाओं के बीच सड़क सुरक्षा की समझ विकसित करने का प्रयास किया जा रहा है। इसका उद्देश्य सुरक्षित सड़क व्यवहार को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाना और यातायात नियमों के पालन के प्रति लोगों में जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करना है।



