NCERT New Modules: NCERT की नई पहल, ऑपरेशन सिंदूर को स्कूली पाठ्यक्रम में शामिल, कक्षा 3 से 12 तक विशेष मॉड्यूल जारी
राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) ने इतिहास और समकालीन भारत की सुरक्षा नीतियों को समझने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। परिषद ने अपनी पुस्तकों में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को जगह दी है और इसके लिए कक्षा 3 से लेकर 12 तक के छात्रों के लिए दो अलग-अलग विशेष मॉड्यूल तैयार किए गए हैं।
जानकारी के अनुसार, प्राथमिक और माध्यमिक स्तर यानी कक्षा 3 से 8 के लिए मॉड्यूल का शीर्षक “ऑपरेशन सिंदूर – वीरता की गाथा” रखा गया है, जबकि कक्षा 9 से 12 के लिए तैयार मॉड्यूल को “ऑपरेशन सिंदूर – सम्मान और बहादुरी का मिशन” नाम दिया गया है। दोनों मॉड्यूल का मुख्य उद्देश्य छात्रों में भारत की सैन्य शक्ति, रणनीति और बलिदान की समझ विकसित करना है।
एनसीईआरटी द्वारा जारी इन मॉड्यूल में कहा गया है कि भले ही पाकिस्तान ने पहलगाम आतंकी हमले में अपनी संलिप्तता से इनकार किया हो, लेकिन यह हमला सीधे पाकिस्तान के सैन्य और राजनीतिक नेतृत्व के आदेश पर अंजाम दिया गया था। इसी संदर्भ में ऑपरेशन सिंदूर का विवरण प्रस्तुत किया गया है, जिसमें इसे केवल एक सैन्य अभियान नहीं बल्कि शांति की रक्षा और शहीदों के सम्मान का प्रतीक बताया गया है।
मॉड्यूल में विशेष रूप से उल्लेख किया गया है कि भारत की वायु रक्षा प्रणाली, जैसे S-400 एयर डिफेंस सिस्टम, ने इस अभियान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। लंबी दूरी तक दुश्मन के विमानों को मार गिराने और ड्रोन हमलों को विफल करने में इस तकनीक की अहमियत को विस्तार से समझाया गया है।
एनसीईआरटी ने बताया कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ नाम चुनने के पीछे भी एक विशेष संदेश छिपा है। यह नाम शहीदों की विधवाओं के प्रति श्रद्धांजलि और सहानुभूति का प्रतीक है। यह अभियान भारत की बहादुरी, रणनीतिक क्षमता और नवाचार की विजय के रूप में दर्ज किया गया है।
इन मॉड्यूल में केवल ऑपरेशन सिंदूर ही नहीं, बल्कि उससे पहले पाकिस्तान द्वारा भारत की शांति भंग करने के प्रयासों का भी जिक्र किया गया है। 2016 के उरी हमले और 2019 के पुलवामा आतंकी हमले जैसे उदाहरणों को शामिल कर छात्रों को यह बताया गया है कि भारत ने आतंकवाद के खिलाफ किस तरह से रणनीतिक और निर्णायक कार्रवाई की है।



