Vehicle Theft: प्रीत विहार पुलिस ने ऑटो लिफ्टर को किया गिरफ्तार, चोरी की एक्टिवा और मास्टर की बरामद
नई दिल्ली। ईस्ट डिस्ट्रिक्ट में वाहन चोरी और स्ट्रीट क्राइम के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत प्रीत विहार थाना पुलिस ने एक ऑटो लिफ्टर को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से चोरी की Honda Activa स्कूटर और दोपहिया वाहनों के लॉक तोड़ने में इस्तेमाल की जाने वाली विशेष रूप से तैयार मास्टर की बरामद की है।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान 27 वर्षीय इमरान उर्फ कार्लोस के रूप में हुई है। वह दिल्ली के राधू प्लेस स्थित जेजे कैंप का रहने वाला है। पुलिस के अनुसार आरोपी थाना प्रीत विहार का Bad Character (BC) है और उसके खिलाफ पहले से छह आपराधिक मामले दर्ज हैं।
पुलिस के मुताबिक वाहन चोरी की घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाने के लिए प्रीत विहार थाना क्षेत्र में लगातार गश्त की जा रही है। SHO प्रीत विहार की निगरानी और ACP प्रीत विहार सब-डिवीजन के मार्गदर्शन में पुलिस टीम क्षेत्र में संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रख रही थी।
27 जुलाई 2026 की रात करीब 9 बजे पुलिस टीम PPG रोड, कूड़ा खट्टा, प्रीत विहार के पास गश्त कर रही थी। इसी दौरान पुलिसकर्मियों ने एक संदिग्ध व्यक्ति को Honda Activa स्कूटर चलाते हुए देखा। पुलिस को देखते ही स्कूटर सवार ने मौके से भागने की कोशिश की। पुलिसकर्मियों ने तुरंत उसे रोककर पकड़ लिया।
पूछताछ के दौरान आरोपी स्कूटर के स्वामित्व से संबंधित कोई दस्तावेज पेश नहीं कर सका। पुलिस ने वाहन के रिकॉर्ड की जांच की तो पता चला कि काले रंग की Honda Activa, जिसका रजिस्ट्रेशन नंबर DL 5 SDA ** है, चोरी की गई थी। यह वाहन 27 जुलाई 2026 को दर्ज e-FIR नंबर 017309/2026 में चोरी की रिपोर्ट के तहत थाना लक्ष्मी नगर में दर्ज था।
इसके बाद पुलिस ने आरोपी की तलाशी ली। उसके पास से दोपहिया वाहनों के लॉक तोड़ने के लिए इस्तेमाल की जाने वाली एक विशेष रूप से तैयार मास्टर की बरामद हुई। पुलिस ने चोरी की स्कूटर और मास्टर की को कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है।
पुलिस के अनुसार इमरान उर्फ कार्लोस पांचवीं कक्षा तक पढ़ा है और फिलहाल बेरोजगार है। पुलिस ने बताया कि आरोपी नशे का आदी है और अपनी नशे की जरूरतों तथा आर्थिक आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए कथित तौर पर वाहन चोरी और अन्य आपराधिक गतिविधियों में शामिल हुआ।
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक आरोपी के खिलाफ पहले से छह मामले दर्ज हैं। इनमें प्रीत विहार थाने में वर्ष 2017 में दर्ज लूट और चोरी का मामला, वर्ष 2018 में झपटमारी और चोरी से संबंधित मामला तथा आबकारी अधिनियम के तहत मामले शामिल हैं। इसके अलावा वर्ष 2020 में प्रीत विहार और जगतपुरी थाने में आर्म्स एक्ट के तहत भी मामले दर्ज किए गए थे।
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी ने चोरी की अन्य कितनी वारदातों को अंजाम दिया है। साथ ही उसके साथ किसी अन्य व्यक्ति के जुड़े होने की भी जांच की जा रही है। बरामद मास्टर की के जरिए की गई संभावित अन्य वाहन चोरी की घटनाओं का रिकॉर्ड भी खंगाला जा रहा है।
ईस्ट डिस्ट्रिक्ट पुलिस का कहना है कि वाहन चोरी और अन्य स्ट्रीट क्राइम के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति के तहत अभियान लगातार जारी रहेगा। प्रीत विहार थाना पुलिस की सतर्कता और समय पर की गई कार्रवाई से एक चोरी का वाहन बरामद होने के साथ ही इलाके में होने वाली संभावित अन्य वाहन चोरी की घटनाओं को रोकने में भी मदद मिली है।



