Operation Aaghat: पूर्वी दिल्ली में चार दिन का बड़ा पुलिस अभियान, 151 आरोपी गिरफ्तार; हथियार, ड्रग्स, शराब और चोरी के वाहन बरामद
नई दिल्ली। पूर्वी दिल्ली में स्ट्रीट क्राइम, वाहन चोरी, अवैध हथियार, नशीले पदार्थ, जुआ और अवैध शराब के खिलाफ ईस्ट डिस्ट्रिक्ट पुलिस ने ‘ऑपरेशन आघात’ के तहत बड़े स्तर पर कार्रवाई की है। 17 से 20 अगस्त 2026 तक चले चार दिवसीय विशेष अभियान में पुलिस ने अलग-अलग आपराधिक मामलों और निवारक कार्रवाई के तहत कुल 151 लोगों को गिरफ्तार या हिरासत में लिया। अभियान के दौरान हथियार और नशीले पदार्थ बरामद करने के साथ चोरी के कई वाहन और मोबाइल फोन भी बरामद किए गए।
पुलिस के मुताबिक, ऑपरेशन आघात को पूर्वी जिले में सक्रिय अपराधियों और आपराधिक गतिविधियों पर एक साथ कार्रवाई करने के उद्देश्य से चलाया गया। अभियान के दौरान स्थानीय थाना पुलिस और अन्य टीमों ने इंटेलिजेंस आधारित निगरानी, सघन पेट्रोलिंग, पिकेट चेकिंग, संदिग्ध वाहनों की जांच, सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी विश्लेषण का सहारा लिया।
चार दिनों की कार्रवाई के दौरान आर्म्स एक्ट के तहत 29 मामले दर्ज किए गए और 29 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने इन मामलों में एक पिस्टल, एक सेमी-ऑटोमैटिक पिस्टल, चार देशी कट्टे, 11 जिंदा कारतूस और 21 चाकू बरामद किए। पुलिस का कहना है कि अवैध हथियार लेकर घूमने वाले लोगों की गिरफ्तारी से संभावित आपराधिक वारदातों को रोकने में भी मदद मिली है।
वाहन चोरी के खिलाफ भी अभियान के दौरान बड़े स्तर पर कार्रवाई की गई। पुलिस ने कुल 27 चोरी की मोटरसाइकिल और स्कूटर बरामद किए। इन बरामदगी और गिरफ्तारियों के आधार पर मोटर व्हीकल चोरी के 16 मामलों का खुलासा किया गया।
लूट के मामलों में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। इनके कब्जे और निशानदेही से छह चोरी की मोटरसाइकिलें बरामद की गईं। पुलिस के अनुसार, इस कार्रवाई से लूट और उससे जुड़े कुल नौ मामलों को सुलझाने में सफलता मिली।
झपटमारी के खिलाफ कार्रवाई में पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। इनके कब्जे से भी छह चोरी की मोटरसाइकिलें बरामद की गईं। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों की मदद से तीन गोल्ड स्नैचिंग मामलों सहित कुल नौ मामलों का खुलासा करने का दावा किया है।
सेंधमारी के मामलों में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। उनके पास से तीन मोबाइल फोन और एक स्कूटी बरामद की गई। चोरी और मोबाइल फोन से संबंधित अलग-अलग मामलों में पुलिस ने कुल 134 मोबाइल फोन बरामद या वर्कआउट किए।
इसके अलावा अभियान के दौरान एक मोटरसाइकिल, तीन मोबाइल फोन, पांच बंडल एल्युमिनियम वायर और दो RRU यूनिट भी बरामद किए गए। पुलिस संबंधित मामलों में आरोपियों की भूमिका और चोरी के सामान की खरीद-बिक्री से जुड़े संभावित नेटवर्क की जांच कर रही है।
नशीले पदार्थों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए पुलिस ने NDPS एक्ट के तहत चार मामले दर्ज किए और चार आरोपियों को गिरफ्तार किया। इनके कब्जे से 532 ग्राम गांजा और 1.199 किलोग्राम चरस बरामद किए जाने की जानकारी दी गई है।
अवैध शराब के खिलाफ भी पुलिस ने अभियान चलाया। आबकारी अधिनियम के तहत कुल 20 मामले दर्ज कर 20 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। कार्रवाई के दौरान 501 अवैध शराब के पाउच और 1,870 शराब की बोतलें बरामद की गईं।
जुआ गतिविधियों के खिलाफ कार्रवाई में पुलिस ने 32 मामले दर्ज किए। इन मामलों में कुल 63 लोगों को पकड़ा गया। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों के कब्जे से 23,131 रुपये की नकदी भी बरामद की गई।
ऑपरेशन आघात केवल नए आपराधिक मामलों तक सीमित नहीं रहा। पुलिस ने फरार और घोषित अपराधियों के खिलाफ भी विशेष कार्रवाई की। अभियान के दौरान नौ घोषित अपराधियों यानी Proclaimed Offenders को गिरफ्तार किया गया।
इसके अलावा एक पैरोल जंपर और दो ओवरस्टेइंग जंपर्स को भी पुलिस ने पकड़ा। चार ऐसे बैड कैरेक्टर्स को भी ट्रेस किया गया जो पुलिस रिकॉर्ड में अनुपस्थित चल रहे थे। उनके खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की गई।
पुलिस के अनुसार, अभियान के दौरान उन इलाकों पर विशेष ध्यान दिया गया जहां स्ट्रीट क्राइम, झपटमारी, लूट और वाहन चोरी की घटनाओं की आशंका अधिक रहती है। पुलिस टीमों ने संदिग्ध लोगों और वाहनों की जांच के साथ पुराने अपराधियों की गतिविधियों पर भी निगरानी रखी।
सीसीटीवी कैमरों की फुटेज और तकनीकी विश्लेषण ने कई मामलों को सुलझाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। विशेष रूप से झपटमारी, वाहन चोरी और मोबाइल फोन चोरी से जुड़े मामलों में उपलब्ध डिजिटल और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों तक पहुंचने और चोरी का सामान बरामद करने का प्रयास किया गया।
ईस्ट डिस्ट्रिक्ट पुलिस का कहना है कि ऑपरेशन आघात से लूट, झपटमारी, सेंधमारी और वाहन चोरी में सक्रिय अपराधियों पर कार्रवाई करने के साथ अवैध हथियारों की आवाजाही, नशीले पदार्थों, अवैध शराब और जुए जैसी गतिविधियों पर भी एक साथ शिकंजा कसने में मदद मिली है।
डीसीपी ईस्ट राजीव कुमार के नेतृत्व में चलाए गए इस विशेष अभियान के बाद पुलिस ने स्पष्ट किया है कि अपराधियों और संगठित आपराधिक गतिविधियों के खिलाफ इंटेलिजेंस आधारित निगरानी, सघन पेट्रोलिंग और लक्षित कार्रवाई आगे भी जारी रखी जाएगी।



