Mann Ki Baat: प्रधानमंत्री मोदी बोले- गर्मी में देशी पेय पिएं, 100 मीटर रेस में भारतीय एथलीट्स ने रचा नया इतिहास
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ में देशवासियों को संबोधित करते हुए गर्मी, भारतीय खानपान, खेल जगत और भारत की ऐतिहासिक धरोहरों से जुड़े कई अहम विषयों पर चर्चा की। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत में गर्मी से राहत पाने के पारंपरिक तरीके केवल जीवनशैली का हिस्सा नहीं बल्कि हमारी सांस्कृतिक विरासत भी हैं। उन्होंने लोगों से गर्मी के मौसम में देशी पेय पदार्थों का सेवन करने की अपील की।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि जैसे-जैसे गर्मी बढ़ती है, वैसे-वैसे भारतीय रसोई का स्वाद भी बदल जाता है। उन्होंने कहा कि देश के अलग-अलग हिस्सों में गर्मी से राहत पाने के लिए अलग-अलग पारंपरिक पेय पदार्थों का इस्तेमाल किया जाता है। उन्होंने उत्तर भारत के आम पन्ना, पंजाब और हरियाणा की लस्सी, राजस्थान और गुजरात की छाछ, बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश के सत्तू शरबत, कोंकण और गोवा के कोकम शरबत और सोल कढ़ी का विशेष उल्लेख किया।
प्रधानमंत्री ने दक्षिण भारत के पारंपरिक पेय पदार्थ पानकम, नीर मोर और सम्बारम का भी जिक्र किया। वहीं ओडिशा के बेल पना को भी उन्होंने भारत की समृद्ध परंपरा का हिस्सा बताया। पीएम मोदी ने कहा कि ये पेय केवल गर्मी से राहत नहीं देते बल्कि भारतीय संस्कृति और स्थानीय परंपराओं को भी दर्शाते हैं।
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने आम के मौसम और भारत की प्रसिद्ध आम किस्मों का भी जिक्र किया। उन्होंने महाराष्ट्र और कोंकण के हापुस और अल्फांसो, गुजरात के केसर, उत्तर प्रदेश के दशहरी और लंगड़ा, दक्षिण भारत के बंगनपल्ली, तोतापुरी, नीलम और मलगोवा आम की चर्चा की। उन्होंने कहा कि भारत का आम अब गांवों से निकलकर वैश्विक बाजार तक पहुंच चुका है और इसमें किसानों की बड़ी भूमिका है। प्रधानमंत्री ने आम उत्पादक किसानों की सराहना करते हुए कहा कि वे देश की कृषि अर्थव्यवस्था के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं।
कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने भारतीय एथलेटिक्स की बड़ी उपलब्धि का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि देश में इन दिनों 100 मीटर रेस की काफी चर्चा हो रही है क्योंकि महज दो दिनों के भीतर पुरुषों की 100 मीटर दौड़ का राष्ट्रीय रिकॉर्ड तीन बार टूटा। पीएम मोदी ने एथलीट गुरिंदरवीर सिंह और अनिमेष कुजूर की जमकर तारीफ की।
प्रधानमंत्री ने बताया कि गुरिंदरवीर सिंह ने 23 मई को रांची के बिरसा मुंडा स्टेडियम में आयोजित फेडरेशन कप सीनियर नेशनल एथलेटिक्स टूर्नामेंट में 10.09 सेकेंड का समय निकालकर नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाया। इस प्रदर्शन के साथ वह भारत के सबसे तेज धावक बन गए। उन्होंने अनिमेष कुजूर को पीछे छोड़ दिया, जिनके नाम पहले यह रिकॉर्ड दर्ज था।
पीएम मोदी ने अपने हालिया नीदरलैंड दौरे का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि वहां एक विशेष समारोह में चोल काल की प्राचीन ताम्र पट्टिकाएं भारत को वापस सौंपी गईं। उन्होंने कहा कि इन ताम्र पट्टिकाओं को लेकर देश-विदेश से लोगों के संदेश मिल रहे हैं और लोगों में इनके प्रति काफी उत्सुकता है।
प्रधानमंत्री के अनुसार इन ताम्र पट्टिकाओं में 21 बड़ी और तीन छोटी पट्टिकाएं शामिल हैं, जो करीब 1000 साल पुरानी मानी जाती हैं। ये पट्टिकाएं प्राचीन ब्राह्मी लिपि और पाली भाषा में लिखी गई हैं। इनमें राजा राजेंद्र चोल प्रथम द्वारा अपने पिता राजा राजराजा चोल के एक वचन को पूरा करने का उल्लेख मिलता है। साथ ही इनमें उस समय की शासन व्यवस्था, धर्म और संस्कृति की महत्वपूर्ण जानकारी भी दर्ज है।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत की ऐतिहासिक धरोहरों को वापस लाना देश के लिए गर्व की बात है और इससे आने वाली पीढ़ियों को अपने समृद्ध इतिहास को समझने का अवसर मिलेगा।



