Shahdara cyber fraud: शाहदरा डबल मनी ट्रैप साइबर फ्रॉड का भंडाफोड़, ₹2 लाख की ठगी में दो आरोपी गिरफ्तार
शाहदरा जिले में साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए PS साइबर शाहदरा की टीम ने ऑनलाइन ट्रेडिंग के नाम पर लोगों से ठगी करने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस कार्रवाई में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है और उनके कब्जे से अपराध में इस्तेमाल किए गए दो मोबाइल फोन भी बरामद किए गए हैं।
मामले की शुरुआत 15 मार्च 2026 को हुई जब शिकायतकर्ता पुनीत गोयल, निवासी दिल्ली, ने NCRB पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में बताया गया कि उन्हें एक अज्ञात व्हाट्सएप नंबर से ऑनलाइन ट्रेडिंग और निवेश के लिए आकर्षक ऑफर मिला था। उन्हें एक फर्जी लिंक भेजा गया जिसके जरिए उन्हें निवेश के लिए प्रेरित किया गया।
शुरुआत में आरोपी ने विश्वास जीतने के लिए शिकायतकर्ता से ₹10,000 निवेश करवाए, जिसके बदले में ₹18,000 वापस भेजे गए। इसके बाद भरोसा बढ़ने पर पीड़ित को बड़े मुनाफे का लालच देकर ₹2,00,000 निवेश करवाया गया। अलग-अलग ट्रांजैक्शन के जरिए पैसे लेने के बाद आरोपियों ने संपर्क तोड़ दिया और पीड़ित को ब्लॉक कर दिया।
शिकायत दर्ज होने के बाद साइबर पुलिस शाहदरा की एक विशेष टीम गठित की गई। तकनीकी निगरानी और डिजिटल ट्रैकिंग के आधार पर पुलिस ने दोनों आरोपियों को ट्रेस कर गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अभिषेक (23 वर्ष), निवासी बिजनौर (उत्तर प्रदेश) और सुमित (22 वर्ष), निवासी बिजनौर (उत्तर प्रदेश) के रूप में हुई है। जांच में सामने आया कि अभिषेक उस सिम कार्ड का रजिस्ट्रेशन मालिक था जिसका इस्तेमाल बैंक अकाउंट से जुड़कर फ्रॉड में किया गया था, जबकि सुमित के बैंक खाते में ठगी की रकम का एक हिस्सा ट्रांसफर किया गया था।
पुलिस ने दोनों आरोपियों के कब्जे से दो मोबाइल फोन भी बरामद किए हैं, जिनका इस्तेमाल इस साइबर फ्रॉड को अंजाम देने में किया गया था। दोनों से पूछताछ जारी है और पूरे नेटवर्क की जांच की जा रही है।
इस मामले में इंस्पेक्टर विनीत कुमार के नेतृत्व में टीम ने कार्रवाई की, जिसमें HC धर्मेंद्र, HC बिकास और HC संदीप शामिल रहे।
पुलिस ने नागरिकों को चेतावनी दी है कि सोशल मीडिया और व्हाट्सएप पर आने वाले अनजान निवेश ऑफर्स और फर्जी ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म से सतर्क रहें। किसी भी निवेश से पहले उसकी पूरी तरह जांच करें और संदिग्ध गतिविधियों की तुरंत सूचना साइबर सेल को दें।



