Trilokpuri Drainage: विधानसभा में रविकांत ने नालियों की सफाई और जलभराव का मुद्दा उठाया, MCD पर लापरवाही का आरोप
दिल्ली विधानसभा में त्रिलोकपुरी से विधायक रविकांत ने अपने क्षेत्र में नालियों की सफाई, कचरे के PWD नालों और सीवर में जाने तथा जल निकासी से जुड़ी समस्याओं का मुद्दा सदन में उठाया। उन्होंने लोक निर्माण विभाग (PWD) मंत्री प्रवेश साहिब सिंह वर्मा के समक्ष क्षेत्र की स्थिति रखते हुए कहा कि त्रिलोकपुरी में MCD के अधीन आने वाली छोटी नालियों की नियमित और उचित सफाई नहीं होने के कारण समस्या लगातार गंभीर होती जा रही है।
विधायक रविकांत ने सदन में कहा कि त्रिलोकपुरी विधानसभा क्षेत्र में नागरिक सुविधाओं से जुड़ी कई समस्याएं सामने आ रही हैं। उन्होंने आम आदमी पार्टी के स्थानीय नेतृत्व और पार्षदों पर क्षेत्र की व्यवस्थाओं को लेकर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया। रविकांत ने कहा कि निगम स्तर के काम और स्थानीय नागरिक सुविधाओं से जुड़ी छोटी-बड़ी समस्याओं के समाधान के लिए लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने विशेष रूप से नालियों और जल निकासी की समस्या का जिक्र किया। रविकांत के मुताबिक, PWD की ओर से लगातार नालों की डीसिल्टिंग की जा रही है और लोगों को जल निकासी की समस्या से राहत देने के लिए प्रीकास्ट तथा कास्ट-इन-सीटू के माध्यम से निर्माण कार्य भी किए जा रहे हैं। हालांकि, उनका कहना है कि MCD के अधीन आने वाली गलियों और छोटी नालियों की सही तरीके से सफाई नहीं होने के कारण इन प्रयासों के बावजूद समस्या पूरी तरह खत्म नहीं हो पा रही है।
रविकांत ने कहा कि छोटी नालियों से निकलने वाला सिल्ट और कचरा कई जगह सीधे बड़े PWD नालों और सीवर व्यवस्था तक पहुंच जाता है। उन्होंने दावा किया कि क्षेत्र की कई गलियों में नालियों की व्यवस्था खत्म या खराब हो चुकी है, जिसके कारण पानी और कचरे की निकासी का दबाव मुख्य नालों पर बढ़ रहा है। इससे नालों में गंदगी जमा होने और जल निकासी व्यवस्था प्रभावित होने की समस्या पैदा होती है।
विधायक ने कहा कि जब संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के सामने इस समस्या को रखा जाता है, तब भी अपेक्षित स्तर पर कार्रवाई नहीं हो रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि MCD के अधीन आने वाली छोटी नालियों की सफाई नहीं होने का सीधा असर PWD और दिल्ली जल बोर्ड की व्यवस्थाओं पर पड़ रहा है। उनका कहना था कि एक विभाग द्वारा किए जा रहे काम का लाभ तभी पूरी तरह मिल सकता है, जब दूसरे संबंधित विभाग भी अपनी जिम्मेदारी प्रभावी तरीके से निभाएं।
रविकांत ने सदन में केवल समस्या और कमियों को गिनाने के बजाय इसका समाधान भी सुझाया। उन्होंने कहा कि नालियों के आउटफॉल वाले स्थानों पर जालियां लगाने की व्यवस्था की जानी चाहिए। उनका कहना है कि यदि नालियों में उचित स्थानों पर जालियां लगाई जाएंगी तो पानी की निकासी जारी रहेगी, जबकि कचरा और ठोस सामग्री बड़े नालों तथा सीवर में जाने से रोकी जा सकेगी।
विधायक ने बताया कि इस संबंध में जिला विकास समिति में भी प्रस्ताव रखा गया है। उन्होंने कहा कि जालियों की व्यवस्था से नालों में जाने वाले कचरे को रोकने में मदद मिलेगी और इससे जल निकासी व्यवस्था को बेहतर तरीके से संचालित किया जा सकेगा। इसके साथ ही PWD और अन्य संबंधित एजेंसियों द्वारा की जा रही डीसिल्टिंग का प्रभाव भी अधिक प्रभावी हो सकेगा।
रविकांत ने कहा कि त्रिलोकपुरी विधानसभा क्षेत्र को साफ और सुंदर बनाने के लिए वह पूरी तरह संकल्पबद्ध हैं और इस दिशा में काम भी किया जा रहा है। उन्होंने सदन के माध्यम से मांग की कि MCD स्तर पर इस समस्या को गंभीरता से उठाया जाए और कमिश्नर स्तर पर आवश्यक निर्देश जारी किए जाएं, ताकि छोटी नालियों का कचरा सीधे सीवर या बड़े नालों में जाने से रोका जा सके।
उन्होंने कहा कि नालियों की सफाई और कचरे की उचित निकासी केवल एक क्षेत्र की समस्या नहीं है, बल्कि यह दिल्ली के कई इलाकों में नागरिक सुविधाओं से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय है। यदि छोटी नालियों की नियमित सफाई, सिल्ट की समय पर निकासी और कचरे को बड़े नालों में जाने से रोकने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए तो जल निकासी से जुड़ी कई समस्याओं को कम किया जा सकता है।
विधानसभा में रविकांत ने संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय की जरूरत पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि PWD, MCD और दिल्ली जल बोर्ड से जुड़ी व्यवस्थाओं को अलग-अलग देखने के बजाय समन्वित तरीके से काम किया जाना चाहिए, ताकि एक विभाग द्वारा किया गया काम दूसरे विभाग की लापरवाही के कारण प्रभावित न हो। अब देखना होगा कि विधायक की ओर से सदन में उठाए गए इस मुद्दे पर MCD और संबंधित विभाग किस तरह की कार्रवाई करते हैं।



