Sunday, March 1, 2026
spot_img
Homeदेश दुनियाSMS Hospital Fire Tragedy: जयपुर के SMS अस्पताल में भीषण आग, 8...

SMS Hospital Fire Tragedy: जयपुर के SMS अस्पताल में भीषण आग, 8 मरीजों की मौत से मचा हड़कंप

SMS Hospital Fire Tragedy: जयपुर के SMS अस्पताल में भीषण आग, 8 मरीजों की मौत से मचा
हड़कंप

जयपुर के सवाई मानसिंह (SMS) अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर के न्यूरो आईसीयू वार्ड में रविवार देर रात भीषण आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। इस दर्दनाक हादसे में 8 मरीजों की मौत हो गई, जिनमें तीन महिलाएं भी शामिल थीं। प्रारंभिक जांच में आग का कारण शॉर्ट सर्किट बताया गया है। आग ट्रॉमा सेंटर के स्टोर रूम में लगी थी, जहां बड़ी मात्रा में पेपर, आईसीयू उपकरण और ब्लड सैंपल ट्यूब रखे गए थे। हादसे के समय न्यूरो आईसीयू में 11 मरीज भर्ती थे, जबकि आसपास के अन्य आईसीयू वार्डों में 13 मरीज थे। आग लगने के कुछ ही मिनटों में घना धुआं पूरे वार्ड में फैल गया, जिससे मरीजों को सांस लेने में कठिनाई होने लगी।

अस्पताल के कर्मचारियों ने तत्काल मरीजों को बाहर निकालने की कोशिश की, लेकिन धुआं और आग की लपटों ने राहत कार्यों में बाधा डाली। दुखद रूप से 8 मरीजों की जान नहीं बचाई जा सकी। मृतकों में सीकर के पिंटू, आंधी के दिलीप, भरतपुर के श्रीनाथ, रुक्मणी, खुश्मा, सर्वेश, दिगंबर वर्मा और सांगानेर के बहादुर शामिल हैं। वहीं, पांच अन्य मरीज गंभीर रूप से झुलस गए हैं और उनका इलाज अस्पताल में जारी है। डॉक्टरों ने आशंका जताई है कि मृतकों की संख्या और बढ़ सकती है। इस भयावह घटना के बाद राज्य सरकार ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 6 सदस्यीय जांच समिति गठित की है। इस समिति की अध्यक्षता चिकित्सा विभाग के आयुक्त इकबाल खान करेंगे। अन्य सदस्यों में मुकेश कुमार मीणा (अतिरिक्त निदेशक, अस्पताल प्रशासन), चंदन सिंह मीणा (मुख्य अभियंता, राजमेस), अजय माथुर (मुख्य अभियंता, विद्युत, PWD), आरके जैन (अतिरिक्त प्रधानाचार्य, SMS मेडिकल कॉलेज) और जयपुर नगर निगम के मुख्य अग्निशमन अधिकारी शामिल हैं। समिति को आग लगने के कारणों की विस्तृत जांच और जिम्मेदारी तय करने का निर्देश दिया गया है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि जयपुर के SMS अस्पताल में आग लगने से हुई जनहानि अत्यंत दुखद है। मेरी संवेदनाएं शोक संतप्त परिवारों के साथ हैं। ईश्वर घायलों को शीघ्र स्वस्थ करें। राजस्थान के राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने भी इस घटना पर दुख जताते हुए मृतकों की आत्मा की शांति और घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की प्रार्थना की। गृह मंत्री अमित शाह ने भी इस दुखद घटना पर संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि स्थानीय प्रशासन मरीजों की सुरक्षा और इलाज के लिए हर संभव प्रयास कर रहा है। उन्होंने कहा कि जिन परिवारों ने अपने प्रियजनों को खोया है, उनके प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं हैं। मैं घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना करता हूं। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने घटना की गंभीरता को देखते हुए अपना दिल्ली दौरा रद्द कर दिया और रात करीब ढाई बजे अस्पताल पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर हरसंभव सहायता का भरोसा दिया और जांच समिति के गठन की घोषणा की।

उपमुख्यमंत्री प्रेमचंद बैरवा, गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढम और विधायक बालमुकुंदाचार्य भी अस्पताल पहुंचे और राहत कार्यों की निगरानी की। इस बीच अस्पताल के बाहर मृतकों के परिजनों और स्थानीय लोगों ने अस्पताल प्रशासन और राज्य सरकार के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया। लोगों ने आरोप लगाया कि यदि समय पर फायर अलार्म और सुरक्षा उपाय काम करते तो यह हादसा टाला जा सकता था। कांग्रेस विधायक रफीक खान ने प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए मृतकों के परिवारों के लिए उचित मुआवजे की मांग की। उन्होंने कहा कि प्रशासन की देरी और लापरवाही ने इस हादसे को भयावह रूप दे दिया। कांग्रेस नेता टीकाराम जूली ने इस घटना को हृदयविदारक बताया और जांच की मांग की, जबकि सचिन पायलट ने इसे प्रशासनिक लापरवाही का परिणाम बताया। इस दर्दनाक हादसे ने न केवल शहर को बल्कि पूरे राज्य को झकझोर कर रख दिया है, और अब सभी की निगाहें जांच समिति की रिपोर्ट और सरकार की कार्रवाई पर टिकी हैं।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments