Delhi Cyber Crime: शाहदरा साइबर थाना की बड़ी कार्रवाई, ₹1.56 करोड़ के ऑनलाइन निवेश घोटाले का भंडाफोड़, दो आरोपी गिरफ्तार
दिल्ली पुलिस की शाहदरा जिला साइबर थाना टीम ने ऑनलाइन निवेश धोखाधड़ी के एक बड़े रैकेट का पर्दाफाश करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार आरोपी साइबर ठगों को बैंक खातों की सुविधा उपलब्ध कराकर ठगी की रकम को इधर-उधर ट्रांसफर करने में मदद करते थे। जांच में इस नेटवर्क का संबंध करीब 1.56 करोड़ रुपये की साइबर धोखाधड़ी से जुड़ा पाया गया है।
मामले की शुरुआत 9 अप्रैल 2026 को दर्ज एक ई-एफआईआर से हुई थी। जीटीबी एन्क्लेव निवासी एक महिला ने शिकायत दी थी कि उसके साथ 21 लाख रुपये की ऑनलाइन निवेश ठगी की गई है। शिकायतकर्ता ने बताया कि अप्रैल 2026 में उसे टेलीग्राम पर शेयर बाजार निवेश से जुड़ा एक विज्ञापन दिखाई दिया। लिंक पर क्लिक करने के बाद उसे एक टेलीग्राम ग्रुप में जोड़ा गया, जहां खुद को निवेश विशेषज्ञ बताने वाले लोगों ने अधिक मुनाफे और सुरक्षित निवेश का लालच दिया।
झांसे में आकर महिला ने कुल 21 लाख रुपये निवेश कर दिए, लेकिन जब उसने अपनी रकम वापस लेने और मुनाफा मांगने की कोशिश की तो ठगों ने न तो पैसा लौटाया और न ही कोई जवाब दिया। बाद में उसे टेलीग्राम ग्रुप से ब्लॉक कर दिया गया, जिसके बाद उसे अपने साथ हुई ठगी का पता चला।
मामले की गंभीरता को देखते हुए शाहदरा साइबर थाना की एक विशेष टीम गठित की गई। इंस्पेक्टर अश्वनी कुमार के नेतृत्व में हेड कांस्टेबल धनेश, अनुज, विकास और महिपाल की टीम ने तकनीकी जांच और डिजिटल सर्विलांस के आधार पर उत्तर प्रदेश के अमरोहा और मुरादाबाद में छापेमारी की।
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। उनकी पहचान मुरादाबाद निवासी 32 वर्षीय मोहम्मद सादिक और अमरोहा निवासी 34 वर्षीय जावेद अंसारी के रूप में हुई है। तकनीकी साक्ष्यों और पूछताछ के आधार पर दोनों की भूमिका की पुष्टि होने के बाद उन्हें औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया गया।
पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि वे जानबूझकर साइबर ठगों को बैंक खाते उपलब्ध कराते थे और उन्हीं खातों के माध्यम से ठगी की रकम को विभिन्न खातों में ट्रांसफर किया जाता था। आरोपी व्हाट्सएप के जरिए अपने साथियों के संपर्क में रहते थे और ऑनलाइन निवेश घोटालों सहित कई साइबर अपराधों में उपयोग होने वाले म्यूल अकाउंट संचालित करते थे। इन खातों का इस्तेमाल ठगी की रकम की असली ट्रेल छिपाने के लिए किया जाता था।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से दो मोबाइल फोन, व्हाट्सएप चैट्स, बैंक खातों से जुड़े दस्तावेज और अन्य डिजिटल साक्ष्य बरामद किए हैं। जांच में एक बड़े अंतरराज्यीय साइबर फ्रॉड नेटवर्क के संकेत भी मिले हैं।
फिलहाल पुलिस पूरे मनी ट्रेल की जांच कर रही है और गिरोह के अन्य सदस्यों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं। साथ ही ठगी गई रकम की रिकवरी के लिए भी कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।



