Delhi Crime: 18 साल बाद क्राइम ब्रांच के हत्थे चढ़ा संगठित बैंक फ्रॉड का घोषित अपराधी, मनाली से गिरफ्तारी
राजधानी दिल्ली में संगठित बैंक फ्रॉड और जालसाजी के मामलों में लंबे समय से फरार चल रहे एक घोषित अपराधी को क्राइम ब्रांच ने आखिरकार 18 साल बाद गिरफ्तार कर लिया है। क्राइम ब्रांच की वेस्टर्न रेंज-II टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अमित निशचल उर्फ सनी उर्फ सोनू चौहान को हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले के मनाली इलाके से दबोच लिया। आरोपी बैंक ड्राफ्ट चोरी, फर्जी दस्तावेजों और संगठित तरीके से धोखाधड़ी करने वाले गिरोह का सक्रिय सदस्य रहा है।
क्राइम ब्रांच के अनुसार अमित निशचल वर्ष 2001 में दर्ज एक गंभीर मामले में वांछित था, जिसमें चोरी, धोखाधड़ी, जालसाजी और आपराधिक साजिश जैसी धाराएं दर्ज की गई थीं। जांच में सामने आया था कि आरोपी बैंक से जुड़े अहम दस्तावेजों और ड्राफ्ट की चोरी कर फर्जी तरीकों से बड़ी रकम निकालने वाले गिरोह में शामिल था। इस तरह के मामलों में उसका नेटवर्क कई राज्यों तक फैला हुआ था। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, इसी प्रकार के एक अन्य बैंक फ्रॉड केस में वह पहले मुंबई में भी गिरफ्तार हो चुका था।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जमानत पर रिहा होने के बाद आरोपी ने अदालत में पेश होना बंद कर दिया था। लगातार गैरहाजिर रहने के चलते वर्ष 2007 में अदालत ने उसे घोषित अपराधी करार दे दिया। इसके बाद से वह दिल्ली और आसपास के इलाकों से फरार हो गया और खुद को कानून की पकड़ से बचाने के लिए पूरी तरह नई पहचान बना ली।
गिरफ्तारी से बचने के लिए आरोपी ने हिमाचल प्रदेश के मनाली जैसे पर्यटन स्थल को अपना ठिकाना बनाया। वहां उसने “सोनू चौहान” नाम से रहना शुरू किया और खुद को एक होटल मैनेजर के रूप में स्थापित कर लिया। पर्यटन क्षेत्र में बाहरी लोगों की लगातार आवाजाही का फायदा उठाकर वह सालों तक अपनी असली पहचान छुपाने में कामयाब रहा और किसी को उस पर शक नहीं हुआ।
क्राइम ब्रांच को उसकी तलाश काफी समय से थी। तकनीकी निगरानी, पुराने रिकॉर्ड और फील्ड इंटेलिजेंस के जरिए आखिरकार उसकी लोकेशन ट्रेस की गई। पुख्ता इनपुट मिलने के बाद पुलिस टीम ने मनाली में योजनाबद्ध तरीके से दबिश दी और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में यह भी सामने आया है कि उसने जानबूझकर पर्यटन स्थल को चुना था, ताकि उसकी पहचान उजागर न हो सके।
अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि फरारी के दौरान आरोपी किन-किन लोगों के संपर्क में रहा, क्या वह इस दौरान दोबारा किसी फ्रॉड या अवैध गतिविधि में शामिल हुआ और उसके पुराने गिरोह के अन्य सदस्य फिलहाल कहां सक्रिय हैं। क्राइम ब्रांच का कहना है कि मामले से जुड़े सभी पहलुओं की गहराई से जांच की जा रही है और आने वाले दिनों में और भी अहम खुलासे हो सकते हैं।



