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Fake Currency: दिल्ली पुलिस ने मुंबई-दिल्ली अंतरराज्यीय नकली नोट गिरोह का किया भंडाफोड़, तीन आरोपी गिरफ्तार

Fake Currency: दिल्ली पुलिस ने मुंबई-दिल्ली अंतरराज्यीय नकली नोट गिरोह का किया भंडाफोड़, तीन आरोपी गिरफ्तार

राजधानी दिल्ली की बाहरी उत्तरी जिला पुलिस ने नकली नोटों के एक बड़े अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जांच में खुलासा हुआ है कि यह गिरोह मुंबई में अत्याधुनिक तरीके से नकली नोट छापकर उन्हें दिल्ली में सप्लाई करता था, जहां उन्हें बाजार में खपाया जाता था। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से बड़ी मात्रा में 100 और 500 रुपये के नकली नोट, नकली नोट छापने के उपकरण तथा भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) से जुड़े फर्जी दस्तावेज बरामद किए हैं। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है।

पुलिस के अनुसार, मामले की शुरुआत 29 जून को बाहरी उत्तरी जिले के भलस्वा डेरी थाना क्षेत्र से हुई। एक पान की दुकान पर एक व्यक्ति ने नकली नोट देकर सिगरेट खरीदने की कोशिश की। दुकानदार पंकज को नोट पर संदेह हुआ, जिसके बाद उसने तुरंत बीट अधिकारी हेड कांस्टेबल प्रतीक को सूचना दी। सूचना मिलते ही भलस्वा डेरी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और संदिग्ध व्यक्ति को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की।

पूछताछ में आरोपी की पहचान नटराज मोहन कंचन निवासी नवी मुंबई, महाराष्ट्र के रूप में हुई। उसने पुलिस को बताया कि वह मुंबई में नकली नोट छापने के काम से जुड़ा हुआ है और दिल्ली में रहने वाले अपने साथी सुभाष चंद्र के पास नकली नोटों की खेप लेकर आया था। सुभाष चंद्र का काम इन नकली नोटों को दिल्ली के बाजारों में खपाना और सप्लाई करना था।

पुलिस ने आगे की कार्रवाई करते हुए सुभाष चंद्र को भी गिरफ्तार कर लिया। दोनों आरोपियों की तलाशी के दौरान उनके कब्जे से 100 और 500 रुपये के करीब 300 नकली नोट बरामद किए गए। इस कार्रवाई की जानकारी बाहरी उत्तरी जिला के पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) शोबित डी. सक्सेना ने प्रेस वार्ता के दौरान दी।

पूछताछ के दौरान आरोपियों ने खुलासा किया कि मुंबई में विनोद जायसवाल नाम का एक व्यक्ति नकली नोट छापने में माहिर है। उसी की मदद से नकली करेंसी तैयार की जाती थी और फिर उसे दिल्ली भेजा जाता था। इस खुलासे के बाद संयुक्त पुलिस आयुक्त विजय कुमार के निर्देश पर अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त अमित कौशिक के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया। इस टीम में एसीपी स्वरूप नगर विजय कुमार वत्स, एसएचओ भलस्वा डेरी राकेश राणा, एसआई विशाल, एसआई महेश, हेड कांस्टेबल प्रतीक, हेड कांस्टेबल महिपाल और महिला कांस्टेबल प्रकाश को शामिल किया गया।

दिल्ली पुलिस की टीम मुंबई पहुंची, जहां मुंबई पुलिस के सहयोग से नटराज मोहन कंचन की निशानदेही पर छापेमारी की गई। कार्रवाई के दौरान नकली नोट छापने में इस्तेमाल होने वाले उपकरण, प्रिंटिंग सामग्री और भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) से जुड़े फर्जी दस्तावेज बरामद किए गए। पुलिस का कहना है कि इन मशीनों और दस्तावेजों का इस्तेमाल नकली करेंसी को असली जैसा दिखाने के लिए किया जाता था।

जांच में इस गिरोह से जुड़े तीन से चार अन्य लोगों के नाम भी सामने आए हैं। पुलिस उनकी तलाश में दिल्ली, मुंबई और अन्य संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी कर रही है। अधिकारियों का मानना है कि यह गिरोह लंबे समय से सक्रिय था और देश के विभिन्न हिस्सों में नकली नोटों की सप्लाई कर रहा था।

दिल्ली पुलिस गिरफ्तार आरोपियों को अदालत में पेश कर उनकी पुलिस रिमांड लेने की तैयारी कर रही है। रिमांड के दौरान पुलिस यह पता लगाने का प्रयास करेगी कि इस नेटवर्क का दायरा कितना बड़ा है, अब तक कितनी मात्रा में नकली करेंसी बाजार में पहुंचाई गई और इस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की क्या भूमिका रही है।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि नकली मुद्रा के नेटवर्क पर प्रभावी कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। साथ ही आम नागरिकों और व्यापारियों से अपील की गई है कि यदि उन्हें किसी नोट पर संदेह हो तो तुरंत पुलिस या संबंधित अधिकारियों को इसकी सूचना दें, ताकि समय रहते ऐसे संगठित अपराधों पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।

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