Delhi North West foreign cell: नॉर्थ-वेस्ट जिला विदेशी सेल की बड़ी कार्रवाई, मानव तस्करी में दो बांग्लादेशी गिरफ्तार
दिल्ली के नॉर्थ-वेस्ट जिले में विदेशी सेल ने 16 मार्च 2026 को एक महत्वपूर्ण कार्रवाई अंजाम दी है। पुलिस ने थाना मुखर्जी नगर क्षेत्र में जीटीबी नगर मेट्रो स्टेशन के पास से मानव तस्करी में कथित रूप से शामिल दो बांग्लादेशी नागरिक रोबिउल मुल्ला (45) और अर्जिना खातून (38) को गिरफ्तार किया। यह कार्रवाई गुप्त सूचना के आधार पर की गई। जांच में पता चला कि रोबिउल मुल्ला पहले वर्ष 2025 में भारत से डिपोर्ट किया जा चुका था, लेकिन वह फिर से अवैध रूप से सीमा पार कर दिल्ली पहुंच गया और गैरकानूनी गतिविधियों में संलग्न था।
विदेशी सेल को मिली सूचना के अनुसार रोबिउल मुल्ला दिल्ली में मानव तस्करी के नेटवर्क से जुड़ा था और महिलाओं को अवैध रूप से भारत लाकर अपराध में शामिल कर रहा था। सूचना मिलने पर एक विशेष टीम का गठन किया गया, जिसमें एसआई सपन, एसआई श्यामबीर, एएसआई राजिंदर, हेड कांस्टेबल विक्रम, महिला हेड कांस्टेबल दीपक, कांस्टेबल निशांत और कांस्टेबल दीपक बांगड़ शामिल थे। पूरी कार्रवाई इंस्पेक्टर विपिन कुमार की निगरानी और एसीपी राजीव कुमार के पर्यवेक्षण में की गई।
टीम ने जीटीबी नगर मेट्रो स्टेशन के आसपास रणनीतिक निगरानी शुरू की। मुखबिर के संकेत पर रोबिउल मुल्ला को मौके पर पकड़ा गया। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि वह अवैध रूप से भारत में रह चुका है और महिलाओं को अवैध तरीके से लाकर अपराध में शामिल किया। आरोपी के खुलासे के आधार पर पुलिस ने अर्जिना खातून को भी गिरफ्तार किया। दोनों के पास वैध दस्तावेज नहीं थे।
गिरफ्तारियों के दौरान पुलिस ने आरोपियों के पास से दो स्मार्टफोन बरामद किए। फोन में प्रतिबंधित IMO एप्लीकेशन इंस्टॉल थी और गैलरी में बांग्लादेशी पासपोर्ट व राष्ट्रीय पहचान पत्र की तस्वीरें मिलीं। पुलिस इन डिजिटल साक्ष्यों की गहन जांच कर रही है ताकि मानव तस्करी के नेटवर्क और अन्य सहयोगियों का पता लगाया जा सके।
दिल्ली पुलिस ने बताया कि राजधानी में अवैध प्रवासियों और मानव तस्करी पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। विदेशी सेल लगातार ऐसे लोगों की पहचान कर कार्रवाई कर रही है जो अवैध रूप से भारत में प्रवेश कर आपराधिक गतिविधियों में शामिल होते हैं। जांच एजेंसियां यह पता लगा रही हैं कि रोबिउल मुल्ला ने किन-किन लोगों को भारत में प्रवेश कराया और उनके वर्तमान ठिकानों की जानकारी जुटा रही हैं।
गिरफ्तारियों के बाद दोनों आरोपियों को कानूनी प्रक्रिया के तहत संबंधित अधिकारियों के सामने पेश किया गया। पुलिस ने उनके डिपोर्टेशन के लिए विदेशी क्षेत्रीय पंजीकरण कार्यालय (FRRO) से कार्रवाई शुरू कर दी है। साथ ही, मानव तस्करी और अवैध प्रवेश से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच जारी है।
यह मामला अवैध प्रवास और मानव तस्करी जैसे गंभीर अपराधों को उजागर करता है। विशेषज्ञों का मानना है कि बड़े शहरों में रोजगार और बेहतर जीवन की तलाश में आने वाले लोग कभी-कभी आपराधिक गिरोहों के निशाने पर आते हैं। ऐसे मामलों में अंतरराज्यीय और अंतरराष्ट्रीय समन्वय की आवश्यकता होती है। पुलिस तकनीकी निगरानी, खुफिया नेटवर्क और स्थानीय सूचनाओं के माध्यम से इन गिरोहों पर नकेल कस रही है।
दिल्ली पुलिस ने जनता से अपील की है कि यदि किसी के आसपास संदिग्ध गतिविधि दिखाई दे तो तुरंत सूचना दें। समय पर दी गई सूचना कई बड़ी आपराधिक घटनाओं को रोक सकती है। नॉर्थ-वेस्ट जिला विदेशी सेल की यह कार्रवाई मानव तस्करी और अवैध प्रवेश जैसे संगठित अपराधों पर रोक लगाने के दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।



