Operation Gang Bust 2.0 दिल्ली के वेस्ट जिले में पुलिस का बड़ा एक्शन, 52 अपराधी गिरफ्तार, विदेशी पिस्टल समेत भारी हथियार बरामद
दिल्ली पुलिस ने वेस्ट जिला में “ऑपरेशन गैंग बस्ट 2.0” के तहत गैंगस्टरों और संगठित अपराधियों के खिलाफ बड़ा अभियान चलाया। 48 घंटे तक चले इस विशेष ऑपरेशन में पुलिस ने दिल्ली और एनसीआर के कई इलाकों में एक साथ छापेमारी कर 52 अपराधियों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों में कई गैंग से जुड़े बदमाश, घोषित अपराधी और गैर-जमानती वारंट वाले आरोपी शामिल हैं।
पुलिस के अनुसार इस ऑपरेशन में कुल 41 विशेष टीमों को लगाया गया था, जिन्होंने 108 अलग-अलग ठिकानों पर दबिश दी। कार्रवाई के दौरान कई बड़े आपराधिक नेटवर्क पर शिकंजा कसा गया। पुलिस का कहना है कि इस अभियान का उद्देश्य राजधानी में सक्रिय गैंगस्टरों और अपराधियों की गतिविधियों पर रोक लगाना है।
ऑपरेशन के दौरान पुलिस ने भारी मात्रा में हथियार और अन्य आपत्तिजनक सामान बरामद किया। पुलिस के कब्जे से 22 चाकू, 3 देसी पिस्टल, एक विदेशी निर्मित “पिएत्रो बेरेटा” पिस्टल और 5 जिंदा कारतूस बरामद किए गए। इसके अलावा 8.56 लाख रुपये नकद, दो चोरी की मोटरसाइकिल, तीन मोबाइल फोन, 530 क्वार्टर अवैध शराब और 3.57 ग्राम हेरोइन भी जब्त की गई।
कार्रवाई के दौरान तिलक नगर इलाके में स्पेशल स्टाफ ने अशुतोष उर्फ आशु नामक बदमाश को गिरफ्तार किया। उसके पास से विदेशी पिस्टल और कारतूस बरामद हुए। पूछताछ में सामने आया कि हथियारों की सप्लाई का कनेक्शन बिहार के मुंगेर से जुड़ा हुआ है, जो अवैध हथियारों की सप्लाई के लिए कुख्यात माना जाता है।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि ऑपरेशन के दौरान कई बड़े गैंगों को निशाना बनाया गया। इनमें सलमान त्यागी गैंग, हिमांशु भाऊ गैंग, काला जठेड़ी गैंग और नीरज बवाना गैंग जैसे कुख्यात आपराधिक नेटवर्क शामिल हैं।
वेस्ट जिला पुलिस अधिकारियों का कहना है कि “ऑपरेशन गैंग बस्ट 2.0” के जरिए राजधानी में संगठित अपराध पर कड़ी कार्रवाई की जा रही है। पुलिस के मुताबिक, अपराधियों के खिलाफ आगे भी लगातार अभियान जारी रहेगा और गैंगस्टरों के नेटवर्क को पूरी तरह खत्म करने के लिए विशेष रणनीति पर काम किया जा रहा है।
पुलिस ने कहा कि राजधानी में कानून व्यवस्था बनाए रखने और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए लगातार निगरानी, तकनीकी सर्विलांस और संयुक्त छापेमारी अभियान चलाए जा रहे हैं। अधिकारियों का मानना है कि इस तरह की कार्रवाई से अपराधियों में डर पैदा होगा और संगठित अपराध पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सकेगा।



