Muharram Meeting: पूर्वी जिला पुलिस ने मोहर्रम को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण ढंग से मनाने की अपील की
पूर्वी दिल्ली में आगामी मोहर्रम पर्व को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के उद्देश्य से पूर्वी जिला पुलिस द्वारा एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता पूर्वी जिला अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त आईपीएस विपुल अमेकांत ने की। इस अवसर पर जिले के सभी एसीपी, एसएचओ, विभिन्न विभागों के अधिकारी, ताजियेदार, अखाड़ा आयोजक, पुलिस मित्र, अमन कमेटी के सदस्य, आरडब्ल्यूए, एमडब्ल्यूए प्रतिनिधि तथा विभिन्न धर्मों के धर्मगुरु उपस्थित रहे।
बैठक में मोहर्रम के जुलूस, ताजियों और अखाड़ों के आयोजन को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए। अधिकारियों ने आयोजकों से प्रशासन के साथ समन्वय बनाकर कार्यक्रमों का संचालन करने और कानून व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करने की अपील की।
अमन कमेटी के अध्यक्ष डॉ. परवेज मिया और कोषाध्यक्ष रियाजुद्दीन सैफी ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि हर वर्ष की तरह इस बार भी मोहर्रम के अवसर पर ताजियों की ऊंचाई निर्धारित मानकों के अनुरूप रखी जाए, ताकि किसी प्रकार की असुविधा या दुर्घटना की संभावना न रहे। उन्होंने आयोजकों से अपील की कि सभी कार्यक्रम प्रशासन के दिशा-निर्देशों के अनुसार आयोजित किए जाएं।
बैठक में यह भी स्पष्ट किया गया कि अखाड़ों और जुलूसों के दौरान किसी प्रकार के उत्तेजक नारे, भड़काऊ भाषण, तेज आवाज वाले डीजे, धारदार हथियारों का प्रदर्शन या ऐसे किसी भी कार्यक्रम की अनुमति नहीं होगी जिससे कानून व्यवस्था प्रभावित हो सकती हो। इसके अलावा मिट्टी के तेल, आग, कांच की ट्यूब लाइट या अन्य खतरनाक वस्तुओं से जुड़े करतब और प्रदर्शन न करने की भी सलाह दी गई।
कमेटी के संगठन सचिव हरीश गोला ने उपस्थित लोगों से पुलिस प्रशासन के साथ मिलकर कार्य करने और भाईचारे तथा आपसी सद्भाव के साथ मोहर्रम मनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि सामाजिक और धार्मिक आयोजनों की सफलता तभी संभव है जब सभी समुदाय मिलकर शांति और सौहार्द बनाए रखें।
बैठक में पिंकी त्यागी, चंद्रशेखर, मंडावली क्षेत्र के रईश खान, लज्जा कौर, बिलाल अंसारी सहित अनेक समाजसेवियों और गणमान्य नागरिकों ने भी अपने विचार व्यक्त किए। सभी वक्ताओं ने मोहर्रम के अवसर पर सामाजिक एकता, सांप्रदायिक सौहार्द और कानून व्यवस्था बनाए रखने पर जोर दिया।
कार्यक्रम के दौरान मुमताज सैफी ने मोहर्रम के इतिहास, ताजियों और अखाड़ों की परंपरा तथा उनके धार्मिक महत्व पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने लोगों से अपील की कि मोहर्रम के अवसर पर शांति, अनुशासन और भाईचारे का संदेश समाज तक पहुंचाया जाए।
बैठक के अंत में पुलिस अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि मोहर्रम के दौरान सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए जाएंगे और सभी आयोजनों की निगरानी की जाएगी, ताकि पर्व शांतिपूर्ण और सुरक्षित वातावरण में संपन्न हो सके।



