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Cyber Fraud Network: द्वारका पुलिस ने साइबर ठगी नेटवर्क का किया भंडाफोड़, म्यूल बैंक अकाउंट सप्लाई करने वाले तीन आरोपी गिरफ्तार

Cyber Fraud Network: द्वारका पुलिस ने साइबर ठगी नेटवर्क का किया भंडाफोड़, म्यूल बैंक अकाउंट सप्लाई करने वाले तीन आरोपी गिरफ्तार

नई दिल्ली के द्वारका जिले की स्पेशल स्टाफ टीम ने साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए म्यूल बैंक अकाउंट उपलब्ध कराने वाले एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जो साइबर ठगों को बैंक खाते उपलब्ध कराकर करोड़ों रुपये की ठगी के नेटवर्क को संचालित करने में मदद कर रहे थे। आरोपियों की गिरफ्तारी दिल्ली और उत्तर प्रदेश से की गई है।

द्वारका जिले के पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) कुशल पाल सिंह के निर्देश पर चलाए गए विशेष अभियान के तहत यह कार्रवाई की गई। एसीपी ऑपरेशन सेल सुभाष मलिक और स्पेशल स्टाफ के इंस्पेक्टर कमलेश कुमार के नेतृत्व में गठित टीम ने लंबे समय तक तकनीकी और मानव स्रोतों के माध्यम से जानकारी जुटाने के बाद इस गिरोह तक पहुंच बनाई।

जांच के दौरान पुलिस को सूचना मिली थी कि कुछ लोग साइबर अपराधियों को बैंक खाते उपलब्ध कराने का काम कर रहे हैं। इन खातों का इस्तेमाल देशभर में ऑनलाइन ठगी से प्राप्त धनराशि को ट्रांसफर करने और उसके स्रोत को छिपाने के लिए किया जा रहा था। सूचना के आधार पर पुलिस ने उत्तम नगर क्षेत्र में छापेमारी कर मुख्य आरोपी कपिल कुमार को गिरफ्तार किया।

कपिल कुमार से पूछताछ के बाद पुलिस ने उसकी निशानदेही पर गिरोह के दो अन्य सदस्यों शिशुपाल और पुरु कुमार को भी गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार तीनों आरोपी मिलकर आर्थिक रूप से कमजोर और बेरोजगार लोगों को लालच देकर उनके नाम पर बैंक खाते खुलवाते थे। इसके बाद इन खातों को कमीशन के बदले साइबर ठगों को सौंप दिया जाता था।

पुलिस जांच में सामने आया है कि ये बैंक खाते साइबर अपराधियों के लिए बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाते थे। ठगी की रकम पहले इन खातों में जमा कराई जाती थी और फिर विभिन्न माध्यमों से उसे आगे ट्रांसफर कर दिया जाता था, जिससे जांच एजेंसियों के लिए वास्तविक अपराधियों तक पहुंचना कठिन हो जाता था।

छापेमारी और तलाशी के दौरान पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 2 लाख 19 हजार रुपये नकद, विभिन्न बैंकों के 9 एटीएम कार्ड, 8 चेक बुक, 5 पासबुक, 4 मोबाइल फोन और 8 रबर स्टांप बरामद किए हैं। इसके अलावा एक बैंक खाते में जमा 2 लाख 4 हजार रुपये की संदिग्ध राशि को भी पुलिस ने होल्ड करवा दिया है।

जांच एजेंसियों ने जब इन बैंक खातों का रिकॉर्ड खंगाला तो चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) पर इन खातों के खिलाफ अब तक 15 शिकायतें दर्ज मिली हैं। ये शिकायतें बिहार, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, तेलंगाना, हिमाचल प्रदेश, कर्नाटक, महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल सहित कई राज्यों से संबंधित हैं।

प्रारंभिक जांच में इन खातों के माध्यम से 50 लाख रुपये से अधिक की साइबर ठगी का पता चला है। पुलिस का मानना है कि नेटवर्क का दायरा इससे भी बड़ा हो सकता है और आगे की जांच में ठगी की रकम बढ़ सकती है।

पुलिस अब इस गिरोह से जुड़े अन्य साइबर अपराधियों, बैंक खातों के नेटवर्क और ठगी के पैसों के पूरे वित्तीय ट्रेल की जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।

द्वारका जिला पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी व्यक्ति को अपना बैंक खाता, एटीएम कार्ड, चेक बुक या अन्य बैंकिंग दस्तावेज इस्तेमाल करने के लिए न दें। ऐसा करना गंभीर अपराधों में शामिल होने का कारण बन सकता है। पुलिस ने कहा कि साइबर अपराध के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और ऐसे नेटवर्क को जड़ से खत्म करने के लिए सख्त कार्रवाई की जाएगी।

 

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