Nand Nagri Firing: घर पर फायरिंग कर दहशत फैलाने के मामले का खुलासा, AATS ने दो आरोपियों को किया गिरफ्तार
नई दिल्ली। उत्तर-पूर्वी दिल्ली के नंद नगरी थाना क्षेत्र में एक घर पर फायरिंग कर दहशत फैलाने के मामले का AATS/नॉर्थ-ईस्ट जिला पुलिस ने खुलासा किया है। पुलिस ने मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। उनकी पहचान 36 वर्षीय आज़िम खान और 25 वर्षीय इमरान उर्फ राहुल के रूप में हुई है। पुलिस का दावा है कि CCTV फुटेज और तकनीकी जांच के जरिए दोनों आरोपियों की पहचान की गई। मामले में आरोपियों की भूमिका और फायरिंग के पीछे की वजह को लेकर आगे की जांच जारी है।
पुलिस के मुताबिक घटना 4 सितंबर 2026 की है। नंद नगरी इलाके में स्कूटी पर सवार होकर आए दो अज्ञात बदमाशों ने एक शिकायतकर्ता के घर को निशाना बनाकर फायरिंग की थी।
अचानक हुई फायरिंग से इलाके में दहशत फैल गई थी। वारदात को अंजाम देने के बाद दोनों हमलावर स्कूटी से मौके से फरार हो गए थे।
घटना की सूचना मिलने के बाद नंद नगरी थाना पुलिस ने जांच शुरू की। शिकायत और शुरुआती जांच के आधार पर नंद नगरी थाने में FIR संख्या 485/26 दर्ज की गई।
मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) और आर्म्स एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू की गई।
घर पर फायरिंग की घटना की गंभीरता को देखते हुए मामले की जांच AATS/नॉर्थ-ईस्ट जिला पुलिस को सौंपी गई। इसके बाद आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए विशेष स्तर पर जांच शुरू हुई।
इंस्पेक्टर दीपक पांडेय, I/C AATS/NED के नेतृत्व में पुलिस टीम ने घटनास्थल और आसपास के इलाकों में लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू की।
पुलिस टीम ने केवल घटनास्थल के पास लगे कैमरों तक जांच सीमित नहीं रखी, बल्कि आरोपियों के आने और वारदात के बाद फरार होने के संभावित रास्तों से संबंधित CCTV फुटेज का भी विश्लेषण किया।
अलग-अलग कैमरों से मिली फुटेज को जोड़कर स्कूटी सवार संदिग्धों की गतिविधियों को समझने का प्रयास किया गया। इसके साथ तकनीकी साक्ष्यों का भी सहारा लिया गया।
पुलिस के मुताबिक CCTV फुटेज और तकनीकी जांच से मिले सुरागों के आधार पर दोनों संदिग्धों की पहचान करने में सफलता मिली।
जांच आगे बढ़ने पर पुलिस ने आरोपियों के संभावित ठिकानों और गतिविधियों के बारे में जानकारी जुटानी शुरू की।
पुलिस के अनुसार 12 सितंबर को AATS टीम को एक आरोपी के सुंदर नगरी इलाके में मौजूद होने की सूचना मिली। सूचना की पुष्टि के बाद पुलिस टीम ने इलाके में छापेमारी की।
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने 36 वर्षीय आज़िम खान को पकड़ लिया। इसके बाद उससे फायरिंग की घटना और उसके साथ मौजूद दूसरे व्यक्ति के बारे में पूछताछ की गई।
पुलिस का दावा है कि आज़िम से पूछताछ और जांच में मिली जानकारी के आधार पर उसके साथी इमरान उर्फ राहुल तक पहुंचने में सफलता मिली।
इसके बाद पुलिस ने 25 वर्षीय इमरान उर्फ राहुल को भी गिरफ्तार कर लिया। दोनों से घटना के संबंध में पूछताछ की जा रही है।
पुलिस अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि शिकायतकर्ता के घर पर फायरिंग करने के पीछे वास्तविक वजह क्या थी। किसी पुरानी रंजिश, आपसी विवाद या अन्य कारण से वारदात को अंजाम दिया गया था या नहीं, इसकी जांच की जा रही है।
वारदात में इस्तेमाल स्कूटी और हथियार से संबंधित जानकारी जुटाना भी जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि फायरिंग में इस्तेमाल हथियार आरोपियों को कहां से मिला था।
इसके अलावा यह भी जांच की जा रही है कि वारदात को अंजाम देने से पहले किसी तरह की योजना बनाई गई थी या घटना किसी तत्काल विवाद का परिणाम थी।
पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आज़िम खान का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड भी सामने आया है। उसके खिलाफ पहले से नौ आपराधिक मामले दर्ज बताए गए हैं।
इन मामलों में हत्या, हत्या का प्रयास, गैर इरादतन हत्या, लूट, झपटमारी, दुष्कर्म, अपहरण, चोरी और आर्म्स एक्ट से संबंधित मामले शामिल बताए गए हैं।
पुलिस का कहना है कि आज़िम खान नंद नगरी थाने का BC यानी Bad Character भी है। उसके पुराने आपराधिक रिकॉर्ड को मौजूदा जांच के साथ सत्यापित किया जा रहा है।
दूसरे आरोपी इमरान उर्फ राहुल का भी पुराना आपराधिक रिकॉर्ड होने की जानकारी सामने आई है। पुलिस के मुताबिक उसके खिलाफ चोरी के दो मामले पहले से दर्ज हैं।
दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस अब उनके आपसी संपर्क और अन्य संभावित साथियों के बारे में भी जानकारी जुटा रही है।
जांच में आरोपियों के मोबाइल और अन्य तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण महत्वपूर्ण हो सकता है। इससे वारदात से पहले और बाद में उनकी गतिविधियों तथा संपर्कों के बारे में जानकारी मिल सकती है।
पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि फायरिंग की घटना में केवल यही दोनों आरोपी शामिल थे या पर्दे के पीछे किसी अन्य व्यक्ति की भी भूमिका थी।
शिकायतकर्ता और आरोपियों के बीच किसी पुराने विवाद या संपर्क की जानकारी भी जुटाई जा रही है। फायरिंग का मकसद केवल दहशत फैलाना था या इसके पीछे कोई अन्य उद्देश्य था, यह जांच पूरी होने के बाद स्पष्ट होगा।
वारदात में इस्तेमाल हथियार की बरामदगी और उसके स्रोत का पता लगाना भी पुलिस के लिए महत्वपूर्ण है। यदि हथियार किसी दूसरे व्यक्ति से हासिल किया गया था तो उस व्यक्ति की भूमिका भी जांच के दायरे में आ सकती है।
AATS टीम घटनास्थल से मिले साक्ष्यों और CCTV फुटेज को गिरफ्तार आरोपियों से जोड़कर पूरे घटनाक्रम की कड़ियां तैयार कर रही है।
4 सितंबर को हुई फायरिंग से लेकर 12 सितंबर को पहली गिरफ्तारी तक पुलिस ने CCTV और तकनीकी जांच के आधार पर आरोपियों तक पहुंचने का दावा किया है।
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि स्कूटी किसकी थी, वारदात से पहले आरोपियों ने किन स्थानों का इस्तेमाल किया और फायरिंग के बाद वे कहां गए थे।
दोनों आरोपियों के पुराने आपराधिक रिकॉर्ड को देखते हुए पुलिस अन्य अनसुलझी घटनाओं में भी उनकी संभावित भूमिका की जांच कर सकती है।
फिलहाल नंद नगरी थाने में दर्ज मामले की आगे की जांच AATS/नॉर्थ-ईस्ट जिला पुलिस द्वारा की जा रही है। दोनों गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर फायरिंग के पीछे की वजह, हथियार के स्रोत और संभावित अन्य लोगों की भूमिका का पता लगाने का प्रयास जारी है।



