Dallupura Fire: दिल्ली के दल्लूपुरा में प्लाई गोदाम में भीषण आग, आसमान में छाया काला धुआं; दमकल की 12 गाड़ियां मौके पर
नई दिल्ली। पूर्वी दिल्ली के दल्लूपुरा इलाके में सोमवार दोपहर प्लाई के एक गोदाम में भीषण आग लग गई। आग लगते ही गोदाम से ऊंची लपटों के साथ घना काला धुआं उठने लगा, जो काफी दूर तक आसमान में दिखाई दिया। धुएं का बड़ा गुबार देखकर आसपास के लोगों में अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलने के बाद दिल्ली फायर सर्विस की करीब 12 गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग बुझाने का अभियान शुरू किया गया। शुरुआती जानकारी के मुताबिक गोदाम के अंदर किसी व्यक्ति के फंसे होने की सूचना नहीं है।
दमकल विभाग को दल्लूपुरा स्थित प्लाई गोदाम में आग लगने की सूचना सोमवार दोपहर करीब 3 बजकर 20 मिनट पर मिली। आग की जानकारी मिलते ही दमकल विभाग ने तत्काल टीमों को घटनास्थल के लिए रवाना किया।
दमकलकर्मियों के मौके पर पहुंचने तक गोदाम के एक बड़े हिस्से में आग फैल चुकी थी। प्लाई और अन्य ज्वलनशील सामग्री मौजूद होने के कारण आग की लपटें तेजी से बढ़ीं और बड़ी मात्रा में काला धुआं निकलने लगा।
आग की गंभीरता को देखते हुए अतिरिक्त दमकल वाहनों को भी घटनास्थल पर बुलाया गया। इसके बाद करीब 12 दमकल गाड़ियों की मदद से आग बुझाने का अभियान चलाया गया।
दमकलकर्मियों की प्राथमिकता आग को नियंत्रित करने के साथ उसे आसपास के हिस्सों में फैलने से रोकने की रही। गोदाम में प्लाई जैसी ज्वलनशील सामग्री होने के कारण आग के तेजी से फैलने का खतरा बना हुआ था।
मौके पर दमकलकर्मी अलग-अलग दिशाओं से पानी की बौछार कर आग पर नियंत्रण पाने का प्रयास करते रहे। गोदाम के अंदर मौजूद सामग्री के कारण कुछ हिस्सों तक पहुंचना भी चुनौतीपूर्ण रहा।
आग से उठने वाला घना काला धुआं दल्लूपुरा के आसपास के इलाकों से भी दिखाई दिया। आसमान में धुएं का बड़ा गुबार छाने के कारण स्थानीय लोगों का ध्यान घटनास्थल की तरफ गया और मौके के आसपास लोगों की भीड़ भी जुटने लगी।
भीषण आग को देखते हुए आसपास मौजूद लोगों को गोदाम से सुरक्षित दूरी बनाए रखने की सलाह दी गई। दमकलकर्मियों ने आग बुझाने के दौरान सुरक्षा का विशेष ध्यान रखा।
राहत की बात यह रही कि शुरुआती जानकारी में गोदाम के अंदर किसी व्यक्ति के फंसे होने की सूचना सामने नहीं आई। फिलहाल किसी के हताहत होने की भी जानकारी नहीं है।
हालांकि आग पूरी तरह बुझाए जाने और गोदाम की तलाशी पूरी होने के बाद ही स्थिति को लेकर अंतिम जानकारी स्पष्ट हो सकेगी।
प्लाई और लकड़ी से जुड़ी सामग्री अत्यधिक ज्वलनशील होती है। इसी कारण ऐसी जगहों पर आग लगने के बाद लपटें तेजी से फैल सकती हैं और लंबे समय तक अंदर सुलगती रह सकती हैं।
इसे देखते हुए दमकल विभाग की टीमों ने आग को केवल ऊपर से नियंत्रित करने के बजाय गोदाम के अलग-अलग हिस्सों तक पहुंचकर पानी डालने का प्रयास किया, ताकि अंदर मौजूद सामग्री में आग दोबारा न भड़के।
घटनास्थल पर दमकल विभाग की करीब 12 गाड़ियों की मौजूदगी से आग की गंभीरता का अंदाजा लगाया जा सकता है। टीमें लगातार स्थिति की निगरानी करते हुए आग पर पूरी तरह काबू पाने में जुटी रहीं।
आग लगने के बाद आसपास के इलाके में कुछ समय के लिए अफरा-तफरी की स्थिति बनी रही। स्थानीय लोगों ने गोदाम से उठते काले धुएं और आग की लपटों को देखकर संबंधित विभागों को भी जानकारी दी।
फिलहाल आग लगने की वास्तविक वजह स्पष्ट नहीं हुई है। यह पता नहीं चल पाया है कि आग बिजली के शॉर्ट सर्किट, किसी ज्वलनशील सामग्री या किसी अन्य कारण से लगी।
आग पूरी तरह बुझने के बाद दमकल विभाग और संबंधित एजेंसियां घटनास्थल का निरीक्षण कर संभावित कारणों का पता लगाने का प्रयास करेंगी।
गोदाम में आग से हुए आर्थिक नुकसान का भी अभी आकलन नहीं किया जा सका है। आग पर पूरी तरह नियंत्रण और कूलिंग ऑपरेशन पूरा होने के बाद अंदर रखे सामान और भवन को हुए नुकसान की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
जांच के दौरान यह भी देखा जाएगा कि गोदाम में अग्नि सुरक्षा से संबंधित आवश्यक व्यवस्थाएं मौजूद थीं या नहीं। आग बुझाने के उपकरण और अन्य सुरक्षा इंतजामों की स्थिति भी जांच का हिस्सा हो सकती है।
घटना के दौरान सबसे बड़ी चुनौती गोदाम में मौजूद ज्वलनशील सामग्री और उससे लगातार निकल रहा घना धुआं रहा। दमकलकर्मियों को आग बुझाने के साथ इस बात का भी ध्यान रखना पड़ा कि आग आसपास के किसी अन्य गोदाम या इमारत तक न पहुंचे।
फिलहाल दल्लूपुरा में दमकल विभाग की टीमें स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। आग पूरी तरह बुझने और घटनास्थल की जांच के बाद ही इसके वास्तविक कारण और कुल नुकसान की तस्वीर साफ हो सकेगी।
शुरुआती तौर पर किसी व्यक्ति के अंदर फंसे होने की सूचना नहीं मिलना राहत की बात है। अब प्राथमिकता आग को पूरी तरह नियंत्रित करने, कूलिंग ऑपरेशन पूरा करने और इसके बाद घटना के कारणों की जांच करने की है।



