Captain Smit Machchhar: पीएम मोदी ने UPSC समारोह में कहा- एक हिंदुस्तानी ने 9/11 जैसी त्रासदी होने से बचाई, कैप्टन स्मित की बहादुरी को किया सलाम
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फ्लाईदुबई के भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार की बहादुरी की एक बार फिर तारीफ की है। संघ लोक सेवा आयोग यानी UPSC के शताब्दी समारोह में बोलते हुए पीएम मोदी ने कहा कि कैप्टन स्मित ने गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद धैर्य, सूझबूझ और साहस का परिचय दिया। उन्होंने इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के बयान का हवाला देते हुए कहा कि एक हिंदुस्तानी ने 9/11 जैसी त्रासदी होने से बचा लिया।
पीएम मोदी ने कहा कि कैप्टन स्मित ने अपनी जान की परवाह किए बिना स्थिति का सामना किया। प्रधानमंत्री के मुताबिक, उनकी बहादुरी और सूझबूझ ने विमान में सवार लोगों की जान बचाने में अहम भूमिका निभाई। इससे पहले भी पीएम मोदी ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए कैप्टन स्मित को ‘हीरो’ बताते हुए कहा था कि गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद उन्होंने दूसरों की जान बचाने का दृढ़ संकल्प दिखाया और एक बड़ी त्रासदी को टालने में मदद की।
यह पूरा मामला फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 से जुड़ा है, जो दुबई से तेल अवीव जा रही थी। उड़ान के दौरान कॉकपिट में कैप्टन स्मित मच्छार और उनके को-पायलट के बीच कथित तौर पर हिंसक घटना हुई। रिपोर्टों के अनुसार, कैप्टन स्मित गंभीर रूप से घायल हुए, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने कॉकपिट का दरवाजा खोलने में सफलता हासिल की, जिसके बाद अन्य क्रू सदस्यों और यात्रियों को हस्तक्षेप करने का मौका मिला। विमान को बाद में सऊदी अरब के तबूक एयरपोर्ट की ओर डायवर्ट किया गया और वहां सुरक्षित लैंडिंग हुई।
प्रधानमंत्री मोदी ने UPSC के शताब्दी समारोह में यह भी बताया कि उन्होंने कैप्टन स्मित के परिवार से बातचीत की है। उन्होंने कैप्टन के पिता, मां और पत्नी से बात कर उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली और कहा कि इस समय उनका इलाज चल रहा है। पीएम ने देशवासियों से कैप्टन स्मित के जल्द स्वस्थ होने और लंबे जीवन के लिए प्रार्थना करने की अपील भी की।
कैप्टन स्मित की बहादुरी की चर्चा केवल भारत तक सीमित नहीं रही है। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी घटना के बाद भारतीय पायलट के साहस का उल्लेख किया था। प्रधानमंत्री मोदी ने UPSC समारोह में उसी संदर्भ का हवाला देते हुए कहा कि कैप्टन स्मित की सूझबूझ ने एक संभावित बड़ी त्रासदी को टालने में मदद की।
रिपोर्टों के मुताबिक, कैप्टन स्मित मच्छार को घटना के दौरान गंभीर चोटें आईं और फिलहाल उनका सऊदी अरब के तबूक स्थित अस्पताल में इलाज चल रहा है। भारतीय मिशन भी उनके परिवार और सऊदी अधिकारियों के संपर्क में है।
कैप्टन स्मित मच्छार के विमानन करियर को लेकर सामने आई जानकारी के मुताबिक उन्होंने फ्लाईदुबई से पहले स्पाइसजेट में करीब 11 साल काम किया था। वह बोइंग 737 विमान उड़ाते रहे हैं और उनके पास हजारों घंटे का उड़ान अनुभव है। रॉयटर्स के अनुसार उनके कुल उड़ान अनुभव करीब 9,750 घंटे का है और उन्होंने 2022 में फ्लाईदुबई ज्वाइन किया था।
UPSC के शताब्दी समारोह के मंच से प्रधानमंत्री मोदी द्वारा कैप्टन स्मित का उल्लेख किए जाने के बाद यह घटना एक बार फिर राष्ट्रीय चर्चा के केंद्र में आ गई है। पीएम मोदी ने उनके साहस को देश के लिए गर्व का विषय बताते हुए उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना की है।



