CJP Protest: ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग पर मुंबई में प्रदर्शन की तैयारी, अभिजीत दीपके बोले- नहीं रुकेगा आंदोलन
मुंबई। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर 2 अक्टूबर से मुंबई में प्रदर्शन शुरू करने का ऐलान किया है। इसके बाद संगठन ने देश के अन्य राज्यों में भी आंदोलन करने की बात कही है। दीपके ने कहा है कि प्रदर्शन का सिलसिला तब तक जारी रहेगा, जब तक उनकी ओर से रखी गई मांगों पर कार्रवाई नहीं होती।
CJP की ओर से मुख्य मांग ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की है। संगठन ने इसके अलावा मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को रोकने और जनवरी 2025 की मतदाता सूची को बहाल करने की मांग भी रखी है। पार्टी ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और मुख्य चुनाव आयुक्त की नियुक्ति प्रक्रिया में बदलाव की मांग भी उठाई है।
अभिजीत दीपके ने 2 अक्टूबर को मुंबई के शिवाजी पार्क में प्रदर्शन की घोषणा की है। हालांकि मुंबई पुलिस ने इस आयोजन के लिए अनुमति देने से इनकार किया है। पुलिस के मुताबिक शिवाजी पार्क में सभा के लिए अनुमति देने की उसकी शक्तियां सीमित हैं और आयोजन से जुड़े यातायात, ध्वनि तथा अन्य नियमों को भी ध्यान में रखा जाना है। इसके बावजूद CJP ने प्रदर्शन जारी रखने की बात कही है।
दीपके ने कहा है कि यदि प्रदर्शन के कारण उन्हें गिरफ्तार किया जाता है तो भी आंदोलन नहीं रुकेगा। उन्होंने सरकार को लेकर कहा कि उन्हें तीन दिन के बजाय तीन महीने तक जेल में रखा जाए, तब भी वह आंदोलन जारी रखने के लिए तैयार हैं। इससे पहले महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की ओर से प्रदर्शन के दौरान गिरफ्तारी और जमानत को लेकर टिप्पणी सामने आई थी।
CJP ने अपने आंदोलन को मुंबई तक सीमित नहीं रखने की बात कही है। अभिजीत दीपके के मुताबिक गोवा, कर्नाटक, पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश, बिहार और झारखंड में भी विरोध प्रदर्शन किए जाएंगे। इसके बाद दिल्ली के जंतर-मंतर पर अक्टूबर के अंत में प्रदर्शन करने की योजना बताई गई है।
मुख्य चुनाव आयुक्त की नियुक्ति को लेकर भी दीपके ने अपनी मांग रखी है। उनका कहना है कि CEC की नियुक्ति प्रक्रिया अधिक पारदर्शी होनी चाहिए और इसमें सिविल सोसाइटी की भागीदारी भी होनी चाहिए। यह मांग ऐसे समय सामने आई है जब CEC और अन्य चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति से जुड़े मौजूदा कानूनी ढांचे को लेकर भी सार्वजनिक बहस चल रही है।
CJP की ओर से SIR और मतदाता सूची को लेकर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। पार्टी का दावा है कि चुनावी सूची की प्रक्रिया के जरिए बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम प्रभावित हुए हैं। हालांकि ये CJP के आरोप हैं। निर्वाचन आयोग ने आयोग के भीतर किसी तरह के आंतरिक टूट या मतभेद की धारणा को खारिज किया है और कहा है कि SIR सहित उसके फैसलों को तीनों चुनाव आयुक्तों की मंजूरी प्राप्त थी।
मुंबई में प्रस्तावित प्रदर्शन को लेकर स्थानीय स्तर पर भी आपत्तियां सामने आई हैं। शिवाजी पार्क के आसपास रहने वाले लोगों ने यातायात, शोर और आपातकालीन सेवाओं की आवाजाही को लेकर चिंता जताई है। पुलिस ने भी अनुमति नहीं दिए जाने के पीछे नियमों और संभावित सार्वजनिक असुविधा से जुड़े कारणों का उल्लेख किया है।
इस बीच दिल्ली में भी 2 अक्टूबर को CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रस्तावित प्रदर्शन को लेकर पुलिस की अनुमति की स्थिति स्पष्ट नहीं है। रिपोर्टों के अनुसार दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर पर प्रस्तावित कार्यक्रम को अभी अनुमति नहीं दी है और इलाके में बैरिकेडिंग की गई है।
अब CJP के 2 अक्टूबर के मुंबई प्रदर्शन पर सभी की नजर रहेगी। संगठन की ओर से आंदोलन को कई राज्यों तक ले जाने की घोषणा की गई है, जबकि पुलिस ने मुंबई के प्रस्तावित कार्यक्रम को अनुमति नहीं दी है। ऐसे में प्रदर्शन किस रूप में होता है और प्रशासन की ओर से क्या कदम उठाए जाते हैं, यह आगे स्पष्ट होगा।



