Cash Bag Snatching: कृष्णा नगर में 30 लाख रुपये से भरा बैग झपटने का खुलासा, दो नाबालिग समेत 4 आरोपी पकड़े; 19 लाख बरामद
नई दिल्ली। पूर्वी दिल्ली के कृष्णा नगर थाना क्षेत्र में करीब 30 लाख रुपये की नकदी से भरा बैग झपटने के मामले का पुलिस ने खुलासा किया है। पुलिस ने वारदात में कथित रूप से शामिल चार आरोपियों को पकड़ा है, जिनमें दो नाबालिग शामिल हैं। पुलिस का दावा है कि आरोपियों के कब्जे से 19 लाख रुपये नकद, तीन मोबाइल फोन और वारदात में इस्तेमाल की गई चोरी की स्कूटी बरामद की गई है। अब पुलिस बाकी रकम का पता लगाने के साथ यह जांच कर रही है कि वारदात में किसी अन्य व्यक्ति की भी भूमिका थी या नहीं।
पुलिस के मुताबिक घटना शुक्रवार सुबह करीब 11:30 बजे कृष्णा नगर के E-ब्लॉक इलाके में हुई। पीड़ित की पहचान संजय जैन के रूप में हुई है। उन्होंने पुलिस को बताया कि वह अपने घर से गांधीनगर की ओर जा रहे थे और उनके पास एक बैग था, जिसमें करीब 30 लाख रुपये नकद रखे हुए थे।
इसी दौरान स्कूटी पर सवार चार लोग कथित तौर पर उनके पास पहुंचे। आरोप है कि उन्होंने मौका देखकर संजय जैन के पास मौजूद नकदी से भरा बैग झपट लिया और वहां से फरार हो गए। अचानक हुई वारदात के बाद पीड़ित ने मामले की जानकारी पुलिस को दी।
करीब 30 लाख रुपये की नकदी से जुड़ा मामला होने के कारण कृष्णा नगर थाना पुलिस ने तत्काल जांच शुरू की। पुलिस टीम घटनास्थल पर पहुंची और पीड़ित से पूरे घटनाक्रम के बारे में जानकारी ली।
जांच के शुरुआती चरण में पुलिस ने घटनास्थल और उसके आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू की। आरोपियों के आने और वारदात के बाद भागने के संभावित रास्तों पर लगे कैमरों की रिकॉर्डिंग भी जांच में शामिल की गई।
पुलिस ने CCTV फुटेज के साथ तकनीकी जांच से मिले सुरागों को जोड़कर संदिग्धों की पहचान करने का प्रयास किया। अलग-अलग स्थानों से मिली जानकारी के आधार पर जांच आगे बढ़ाई गई।
पुलिस के मुताबिक जांच के दौरान चार आरोपियों को पकड़ लिया गया। इनमें दो आरोपी नाबालिग हैं। नाबालिगों के मामले में निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के तहत कार्रवाई की जा रही है।
आरोपियों से पूछताछ और आगे की कार्रवाई के दौरान पुलिस ने 19 लाख रुपये नकद बरामद करने का दावा किया है। यह रकम झपटे गए बैग में मौजूद नकदी का हिस्सा बताई जा रही है।
इसके अलावा पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से तीन मोबाइल फोन भी बरामद किए हैं। इन मोबाइल फोन की जांच के जरिए पुलिस आरोपियों के संपर्कों और वारदात से पहले तथा बाद की गतिविधियों के बारे में जानकारी जुटा सकती है।
मामले में एक महत्वपूर्ण बरामदगी स्कूटी की भी हुई है। पुलिस का दावा है कि वारदात में इस्तेमाल किया गया दोपहिया वाहन चोरी का था। पुलिस अब यह भी जांच रही है कि स्कूटी कब और कहां से चोरी की गई थी तथा आरोपियों तक कैसे पहुंची।
30 लाख रुपये में से फिलहाल 19 लाख रुपये बरामद होने की जानकारी है। ऐसे में बाकी करीब 11 लाख रुपये का पता लगाना पुलिस जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा बना हुआ है।
पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि बाकी रकम कहां है। यह भी जांचा जा रहा है कि रकम आरोपियों ने आपस में बांट ली थी या उसका कोई हिस्सा किसी अन्य व्यक्ति को दिया गया।
जांच का एक अहम पहलू यह भी है कि आरोपियों को संजय जैन के पास इतनी बड़ी रकम होने की जानकारी कैसे मिली। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि आरोपियों ने पीड़ित का पहले से पीछा किया था या उन्हें किसी अन्य माध्यम से नकदी के बारे में जानकारी मिली थी।
वारदात की योजना किसने तैयार की और प्रत्येक आरोपी की क्या भूमिका थी, इसकी भी जांच की जा रही है। पुलिस यह जानने की कोशिश कर रही है कि चारों आरोपी पहले से एक-दूसरे के संपर्क में थे और क्या उन्होंने पूरी वारदात को योजनाबद्ध तरीके से अंजाम दिया।
चोरी की स्कूटी का इस्तेमाल होने के कारण यह संभावना भी जांच के दायरे में है कि आरोपियों ने अपनी पहचान और वाहन की वास्तविक जानकारी छिपाने के लिए चोरी के वाहन का इस्तेमाल किया हो। हालांकि इसकी पुष्टि आगे की जांच के बाद ही हो सकेगी।
CCTV फुटेज से आरोपियों की गतिविधियों का पूरा रूट तैयार करने की कोशिश की जा रही है। पुलिस यह पता लगा रही है कि वारदात से पहले वे कहां मौजूद थे और बैग झपटने के बाद किन रास्तों से फरार हुए।
बरामद मोबाइल फोन भी इस जांच में महत्वपूर्ण साबित हो सकते हैं। कॉल रिकॉर्ड और अन्य उपलब्ध डिजिटल जानकारी के आधार पर यह पता लगाया जा सकता है कि वारदात के दौरान या उससे पहले आरोपी किन लोगों के संपर्क में थे।
पुलिस यह भी जांच रही है कि पकड़े गए आरोपियों की किसी अन्य आपराधिक घटना में संलिप्तता रही है या नहीं। चोरी की स्कूटी मिलने के बाद वाहन चोरी से जुड़े मामले की जानकारी भी जुटाई जा रही है।
दो नाबालिगों की कथित संलिप्तता सामने आने के कारण पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि उन्हें इस वारदात में किसने शामिल किया और उनकी भूमिका क्या थी।
पीड़ित के पास मौजूद करीब 30 लाख रुपये की नकदी के स्रोत के संबंध में भी जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस बरामद रकम और घटना से जुड़े सभी वित्तीय पहलुओं की जांच कर रही है।
फिलहाल पुलिस के अनुसार चार आरोपियों को पकड़ने और 19 लाख रुपये बरामद करने के बाद मामले की जांच जारी है। बाकी नकदी की बरामदगी के लिए आरोपियों से पूछताछ और संभावित स्थानों की जांच की जा रही है।
पुलिस का फोकस अब यह पता लगाने पर है कि क्या इस वारदात में इन चार आरोपियों के अलावा कोई और व्यक्ति भी शामिल था। यदि किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ भी आगे की कार्रवाई की जाएगी।
कृष्णा नगर में दिनदहाड़े करीब 30 लाख रुपये से भरा बैग झपटने की इस वारदात में CCTV फुटेज और तकनीकी जांच पुलिस के लिए महत्वपूर्ण साबित हुई। फिलहाल 19 लाख रुपये, तीन मोबाइल फोन और कथित तौर पर वारदात में इस्तेमाल चोरी की स्कूटी बरामद की गई है। बाकी रकम और पूरी साजिश से जुड़े सवालों के जवाब तलाशने के लिए पुलिस की जांच जारी है।



