Nand Nagri Stone Pelting: आपसी विवाद ने लिया हिंसक रूप, महिला के घर समेत तीन मकानों पर भीड़ ने किया पथराव; आरोपियों की तलाश में पुलिस की कई टीमें
नई दिल्ली। उत्तर-पूर्वी दिल्ली के नंद नगरी थाना क्षेत्र में शुक्रवार रात आपसी विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। आरोप है कि अचानक बड़ी संख्या में पहुंचे लोगों ने रीटा नाम की महिला के घर को निशाना बनाते हुए जमकर पथराव किया। इस दौरान आसपास के दो अन्य मकानों पर भी पत्थर फेंके गए। अचानक हुई इस घटना से पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई और स्थानीय लोगों में दहशत फैल गई। सूचना मिलने के बाद नंद नगरी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के मुताबिक घटना शुक्रवार रात करीब आठ बजे की है। इलाके में सामान्य गतिविधियां चल रही थीं, तभी अचानक लोगों की एक भीड़ रीटा के घर के पास पहुंची। आरोप है कि कुछ ही देर में भीड़ में शामिल लोगों ने मकान की तरफ पत्थर फेंकने शुरू कर दिए।
अचानक शुरू हुए पथराव से घर में मौजूद लोगों के साथ आसपास रहने वाले लोग भी घबरा गए। पथराव के दौरान केवल महिला के मकान को ही नहीं, बल्कि उसके आसपास मौजूद दो अन्य घरों को भी निशाना बनाए जाने की बात सामने आई है।
लगातार पत्थर फेंके जाने के कारण गली में अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। स्थानीय लोगों ने सुरक्षित स्थानों पर जाने की कोशिश की और घटना की जानकारी तत्काल पुलिस को दी गई।
सूचना मिलते ही नंद नगरी थाना पुलिस की टीम घटनास्थल पर पहुंची। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने के साथ पीड़ित पक्ष और आसपास मौजूद लोगों से पूरे घटनाक्रम की जानकारी जुटानी शुरू की।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है। पथराव में शामिल लोगों की पहचान और उनकी गिरफ्तारी के लिए अलग-अलग पुलिस टीमों को लगाया गया है।
जांच में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका घटनास्थल और आसपास लगे CCTV कैमरों की हो सकती है। पुलिस इलाके में लगे कैमरों की रिकॉर्डिंग खंगाल रही है, ताकि पथराव करने वाले लोगों की पहचान की जा सके।
CCTV फुटेज में यह भी देखा जा रहा है कि भीड़ किस दिशा से आई थी और घटना को अंजाम देने के बाद लोग किस रास्ते से वहां से निकले। पुलिस पूरे घटनाक्रम का संभावित रूट तैयार करने का प्रयास कर रही है।
इसके साथ ही सर्विलांस और अन्य तकनीकी साधनों की मदद भी ली जा रही है। पुलिस का प्रयास घटना में शामिल प्रत्येक व्यक्ति की भूमिका की पहचान करने का है।
जांच अधिकारी घटनास्थल से मिले साक्ष्यों और स्थानीय लोगों के बयानों को भी एक-दूसरे से जोड़ रहे हैं। यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि पथराव पहले से बनाई गई किसी योजना का हिस्सा था या अचानक हुए विवाद के बाद बड़ी संख्या में लोग मौके पर पहुंचे थे।
पीड़ित पक्ष ने इस घटना को करीब सात साल पुराने विवाद से जोड़कर देखा है। उनका दावा है कि दोनों पक्षों के बीच लंबे समय से किसी बात को लेकर विवाद चला आ रहा था और शुक्रवार रात की घटना का संबंध उसी पुराने मामले से हो सकता है।
हालांकि पुलिस ने फिलहाल सात साल पुराने विवाद और मौजूदा पथराव के बीच संबंध की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। जांच के दौरान पुराने विवाद से जुड़े तथ्यों को भी खंगाला जा रहा है।
पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि दोनों पक्षों के बीच पुराना विवाद किस बात को लेकर था और हाल के दिनों में ऐसा क्या हुआ जिससे तनाव दोबारा बढ़ गया।
जांच का एक महत्वपूर्ण सवाल यह भी है कि इतनी बड़ी संख्या में लोग एक साथ रीटा के घर के पास कैसे पहुंचे। यदि भीड़ को पहले से एकत्र किया गया था तो इसके पीछे किसकी भूमिका थी, इसका पता लगाने की कोशिश की जा रही है।
पुलिस यह भी जांच रही है कि घटना से ठीक पहले दोनों पक्षों के बीच कोई कहासुनी, धमकी या अन्य विवाद हुआ था या नहीं। पीड़ित परिवार और आसपास रहने वाले लोगों से इस संबंध में जानकारी ली जा रही है।
घटना के समय गली में मौजूद लोगों और संभावित प्रत्यक्षदर्शियों के बयान भी महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। उनसे पथराव करने वालों की संख्या, पहचान और घटना के दौरान हुई गतिविधियों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।
CCTV कैमरों में यदि आरोपियों के चेहरे स्पष्ट दिखाई देते हैं तो उनकी पहचान के लिए स्थानीय पुलिस और अन्य उपलब्ध रिकॉर्ड की मदद ली जा सकती है। सर्विलांस तकनीक के जरिए भी संदिग्धों तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है।
पुलिस की कई टीमें संभावित आरोपियों की तलाश में जुटी हुई हैं। पहचान सुनिश्चित होने के बाद उनके संभावित ठिकानों पर दबिश देकर गिरफ्तारी की कार्रवाई की जाएगी।
पथराव में तीन मकानों को निशाना बनाए जाने की बात सामने आने के बाद पुलिस उन सभी घरों में हुए नुकसान का भी आकलन कर रही है। घटना से संबंधित शिकायतों और उपलब्ध साक्ष्यों को जांच में शामिल किया जा रहा है।
फिलहाल घटना में किसी व्यक्ति के गंभीर रूप से घायल होने की जानकारी सामने नहीं आई है। पुलिस का मुख्य फोकस पथराव में शामिल लोगों की पहचान, घटना की वास्तविक वजह और पुराने विवाद से इसके संभावित संबंध का पता लगाने पर है।
इलाके में अचानक बड़ी भीड़ के पहुंचने और मकानों पर पथराव किए जाने की घटना ने स्थानीय लोगों के बीच सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ा दी है। पुलिस पूरे मामले की परिस्थितियों को समझने के लिए हर संभावित एंगल से जांच कर रही है।
नंद नगरी थाना पुलिस का कहना है कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। CCTV फुटेज और सर्विलांस से मिलने वाली जानकारी के जरिए आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास जारी है।
फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पीड़ित पक्ष की ओर से घटना को करीब सात साल पुराने विवाद से जोड़ा गया है, लेकिन पथराव की वास्तविक वजह और इसमें शामिल लोगों की भूमिका आरोपियों की पहचान तथा आगे की जांच के बाद ही पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।



