Delhi Crime: दिल्ली क्राइम ब्रांच ने हाशिम बाबा गैंग के फरार सदस्य को गाज़ियाबाद से दबोचा, GTB हॉस्पिटल हत्याकांड से जुड़ा मामला
दिल्ली क्राइम ब्रांच ने एक साल से अधिक समय से फरार चल रहे हाशिम बाबा गैंग के सदस्य आया उर्फ बाबा उर्फ अरबाज़ (23) को गाज़ियाबाद, उत्तर प्रदेश से गिरफ्तार कर लिया है। यह गिरफ्तारी 14 जुलाई 2024 को शाहदरा स्थित जीटीबी हॉस्पिटल में हुई उस सनसनीखेज हत्या से जुड़ी है, जिसने राजधानी में सनसनी फैला दी थी।
वारदात के दिन हाशिम बाबा गैंग के शूटरों ने चेनू गैंग के सदस्य वसीम को निशाना बनाने की योजना बनाई थी, जो पहले भी हमलों का शिकार रह चुका था और इलाज के लिए हॉस्पिटल में भर्ती था। लेकिन पहचान में चूक के कारण, हमलावरों ने 35 वर्षीय रियाज़ुद्दीन की गोली मारकर हत्या कर दी, जो इस गैंगवार से किसी भी तरह जुड़ा नहीं था।
जांच में सामने आया कि आया उर्फ बाबा ने 9 से 13 जुलाई 2024 के बीच कई बार हॉस्पिटल की रेकी की थी। वारदात वाले दिन वह हॉस्पिटल परिसर में मौजूद था और उसने हमलावरों को टारगेट की लोकेशन और मूवमेंट की जानकारी दी। घटना के बाद गिरफ्तारी से बचने के लिए उसने अपना मोबाइल फोन बंद कर दिया और भूमिगत हो गया।
हत्याकांड के बाद पुलिस ने 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया, लेकिन अरबाज़ लंबे समय तक फरार रहा। उसका कोई पुराना आपराधिक रिकॉर्ड न होना और सटीक पता न मिलने के कारण तलाश मुश्किल हो गई थी। एसीपी रमेश चंदर लांबा के निर्देशन और इंस्पेक्टर पंकज मलिक व रोहित कुमार की देखरेख में एसआई अमित कुमार, एचसी गजेन्द्र सिंह, एचसी सुखदेव और कॉन्स्टेबल रविन्द्र कुमार की टीम ने मानव खुफिया सूचना और तकनीकी निगरानी के जरिए 13 अगस्त 2025 को गाज़ियाबाद न्यू बस स्टैंड पेट्रोल पंप के पास से उसे पकड़ लिया।
पूछताछ में आरोपी ने खुलासा किया कि वह फैहीम उर्फ बादशाह के जरिए हाशिम बाबा गैंग से जुड़ा और पैसों के लालच में हत्या की साजिश में शामिल हुआ। गैंग के सदस्य एनक्रिप्टेड मैसेजिंग ऐप्स, इंस्टाग्राम और व्हाट्सऐप का इस्तेमाल करते थे और लोकेशन ट्रैकिंग से बचने के लिए फोन बंद कर देते थे।
पुलिस अब गैंग के बाकी नेटवर्क और घटना से जुड़े अन्य पहलुओं की गहन जांच कर रही है।



