Nari Vandan Act: महिला आरक्षण कानून के समर्थन में पूर्वी दिल्ली में निकला धन्यवाद मार्च, 2029 से संसद में बढ़ेगी महिलाओं की भागीदारी
भारत की संसद में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए नारी वंदन अधिनियम अब कानून बन चुका है। इस कानून के लागू होने के बाद वर्ष 2029 से संसद में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण मिलेगा, जिससे राजनीति में महिलाओं की हिस्सेदारी में बड़ा इजाफा होने की उम्मीद है। इस फैसले को महिला सशक्तिकरण की दिशा में ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है।
इसी कड़ी में आज पूर्वी दिल्ली के प्रीत विहार से लक्ष्मी नगर तक भारतीय जनता पार्टी की सैकड़ों महिला कार्यकर्ताओं ने धन्यवाद मार्च निकाला। इस मार्च के माध्यम से केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया गया।
इस मौके पर भाजपा के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा और पूर्वी दिल्ली के सांसद व केंद्रीय मंत्री हर्ष मल्होत्रा भी मौजूद रहे। दोनों नेताओं ने मार्च में भाग लिया और महिला कार्यकर्ताओं के साथ कदम से कदम मिलाकर इस ऐतिहासिक फैसले के लिए प्रधानमंत्री का धन्यवाद किया।
मार्च के दौरान महिला कार्यकर्ताओं में खासा उत्साह देखने को मिला। उन्होंने नारी वंदन अधिनियम को महिलाओं को सशक्त बनाने वाला बड़ा निर्णय बताते हुए कहा कि इससे देश की राजनीति में महिलाओं की भूमिका और मजबूत होगी।
नेताओं ने अपने संबोधन में कहा कि यह कानून महिलाओं को निर्णय लेने की प्रक्रिया में भागीदारी बढ़ाने का अवसर देगा और देश के विकास में उनकी भूमिका और महत्वपूर्ण होगी। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में अधिक महिलाएं राजनीति में आगे आएंगी और नेतृत्व की जिम्मेदारी संभालेंगी।
यह धन्यवाद मार्च महिला सशक्तिकरण के प्रति बढ़ती जागरूकता और राजनीतिक भागीदारी के नए दौर की शुरुआत का संकेत माना जा रहा है, जिससे आने वाले वर्षों में देश की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।



