AATS Delhi: पूर्वी दिल्ली में AATS की कार्रवाई, 21 वर्षीय स्नैचर-कम-ऑटो लिफ्टर गिरफ्तार; 5 मामले सुलझाने का दावा
नई दिल्ली। पूर्वी दिल्ली में स्ट्रीट क्राइम, मोबाइल स्नैचिंग और वाहन चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत AATS ईस्ट डिस्ट्रिक्ट ने एक कथित सक्रिय स्नैचर-कम-ऑटो लिफ्टर को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपी की पहचान 21 वर्षीय रोहित कुमार के रूप में हुई है, जो शाहदरा के जवाला नगर का रहने वाला है। पुलिस ने उसके कब्जे और उसकी निशानदेही पर चोरी की एक Hero Splendor मोटरसाइकिल और चार चोरी के मोबाइल फोन बरामद किए हैं।
पुलिस का दावा है कि आरोपी की गिरफ्तारी और उससे हुई पूछताछ के बाद स्नैचिंग, मोटर व्हीकल चोरी और मोबाइल चोरी से जुड़े कुल पांच मामलों को सुलझाया गया है। इनमें शकरपुर थाना क्षेत्र का एक वाहन चोरी का मामला, कल्याणपुरी थाना क्षेत्र का एक मोबाइल चोरी का मामला और प्रीत विहार थाना क्षेत्र में दर्ज तीन स्नैचिंग के मामले शामिल बताए गए हैं।
आरोपी तक पहुंचने के लिए पुलिस टीम ने स्पेशल इंटेलिजेंस, ह्यूमन इंटेलिजेंस, तकनीकी जानकारी और लगातार फील्ड सर्विलांस का सहारा लिया। जांच के दौरान टीम ने 100 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज का विश्लेषण किया। पुलिस के अनुसार, इन फुटेज में आरोपी और उसके कथित साथियों को अलग-अलग स्नैचिंग की घटनाओं के दौरान देखा गया।
सीसीटीवी फुटेज से मिले संदिग्ध के फोटो को स्थानीय मुखबिर नेटवर्क के साथ साझा किया गया। इसके बाद तकनीकी और मानवीय खुफिया जानकारी के आधार पर आरोपी की पहचान और उसकी गतिविधियों का पता लगाने की कोशिश तेज की गई। पुलिस का कहना है कि इसी प्रक्रिया के दौरान रोहित कुमार के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई।
पुलिस के अनुसार, 21 सितंबर को हेड कांस्टेबल मनोज कुमार और हेड कांस्टेबल राहिश को आरोपी की गतिविधियों से जुड़ी विशेष सूचना मिली थी। सूचना के आधार पर AATS की टीम जिला केंद्र, लक्ष्मी नगर पहुंची। वहां एक मुखबिर ने सीसीटीवी तस्वीरों में दिखाई दे रहे व्यक्ति की पहचान रोहित कुमार के रूप में की।
इसके बाद पुलिस को जानकारी मिली कि रोहित जगतपुरी स्थित होटल ड्रीम प्लेस में ठहरा हुआ है। AATS की टीम ने होटल में पहुंचकर कार्रवाई की। वहां मौजूद एक युवक से पूछताछ की गई और उसने अपनी पहचान रोहित कुमार के रूप में बताई। पुलिस के मुताबिक, पूछताछ के दौरान उसे सीसीटीवी फुटेज और तस्वीरें दिखाई गईं।
पुलिस का दावा है कि इन फुटेज में रोहित को प्रीत विहार थाना क्षेत्र में हुई कुछ स्नैचिंग की घटनाओं के दौरान उसके कथित साथी रॉकी के साथ देखा गया था। पूछताछ में रोहित ने पुलिस के सामने रॉकी और भोला के साथ मिलकर स्नैचिंग की घटनाओं को अंजाम देने की बात बताई। पुलिस के अनुसार, रॉकी और भोला को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है और कथित वारदात में इस्तेमाल स्कूटी भी बरामद की जा चुकी है।
रोहित की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने उसकी निशानदेही पर आगे की कार्रवाई की। टीम होटल क्राउन प्लाजा, मयूर विहार फेज-1 के पीछे स्थित पार्किंग में पहुंची। पुलिस के अनुसार, वहां से काले रंग की एक Hero Splendor मोटरसाइकिल बरामद की गई। यह मोटरसाइकिल शकरपुर थाना क्षेत्र से चोरी की गई बताई गई है।
इसके साथ ही पुलिस ने चार चोरी के मोबाइल फोन भी बरामद किए। पुलिस का कहना है कि बरामद मोटरसाइकिल और मोबाइल फोन की जांच के आधार पर अलग-अलग थाना क्षेत्रों में दर्ज मामलों की कड़ियां आरोपियों से जोड़कर देखी जा रही हैं।
पुलिस के अनुसार, जांच में शकरपुर थाना क्षेत्र का एक मोटर व्हीकल चोरी का मामला, कल्याणपुरी थाना क्षेत्र का एक मोबाइल चोरी का मामला और प्रीत विहार थाना क्षेत्र के तीन स्नैचिंग केस आरोपियों से जुड़े पाए गए हैं। इस तरह पुलिस ने कुल पांच मामलों के सुलझने का दावा किया है।
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, रोहित कुमार के खिलाफ पहले से भी तीन आपराधिक मामले दर्ज हैं। इनमें चांदनी महल, कमला मार्केट और रेलवे थाना क्षेत्र से संबंधित मामले शामिल बताए गए हैं। पुलिस अब उसके पुराने आपराधिक रिकॉर्ड और मौजूदा मामले के बीच संबंधों की भी जांच कर रही है।
पूछताछ के दौरान आरोपी ने कथित तौर पर शराब की लत होने और अपनी गर्लफ्रेंड्स पर पैसे खर्च करने की बात भी बताई है। हालांकि, पुलिस अब उसके बयान और अन्य साक्ष्यों का सत्यापन कर रही है, ताकि उसकी आपराधिक गतिविधियों और कथित वारदातों के पीछे की पूरी स्थिति स्पष्ट हो सके।
पुलिस अब यह भी पता लगाने में जुटी है कि रोहित का पूर्वी दिल्ली और आसपास के इलाकों में हुई अन्य स्नैचिंग तथा वाहन चोरी की घटनाओं में कोई और संबंध है या नहीं। इसके लिए अलग-अलग थानों में दर्ज मामलों की जानकारी का मिलान किया जा रहा है और बरामद मोबाइल फोन तथा वाहन से जुड़े रिकॉर्ड की जांच की जा रही है।
AATS ईस्ट डिस्ट्रिक्ट की इस कार्रवाई की निगरानी ACP ऑपरेशंस अमनदीप कौर ने की, जबकि टीम का नेतृत्व इंस्पेक्टर प्रमोद कुमार ने किया। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, सीसीटीवी कैमरों के व्यापक विश्लेषण, तकनीकी जांच और स्थानीय सूचना तंत्र के संयुक्त इस्तेमाल से आरोपी तक पहुंचने में मदद मिली।
फिलहाल आरोपी से पूछताछ और मामले की आगे की जांच जारी है। पुलिस अन्य संभावित वारदातों में उसकी भूमिका की जानकारी जुटा रही है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हो सकते हैं तथा चोरी किए गए वाहनों और मोबाइल फोन को किस तरह इस्तेमाल या ठिकाने लगाया जाता था।



