Delhi Police Action: शाहदरा पुलिस ने 30 घंटे में बरामद किया 6 माह का अपहृत बच्चा, महिला आरोपी गिरफ्तार
दिल्ली पुलिस की शाहदरा जिला टीम ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए अपहरण किए गए 6 माह के मासूम बच्चे को महज 30 घंटे के भीतर सकुशल बरामद कर लिया। इस मामले में पुलिस ने 45 वर्षीय महिला आरोपी बॉबी उर्फ कंचन को गिरफ्तार किया है, जिसने बच्चे को अपना बताकर परिवार के सामने पेश करने की योजना बनाई थी। पुलिस की त्वरित कार्रवाई, तकनीकी जांच और लगातार छापेमारी के चलते मासूम को सुरक्षित उसकी मां तक पहुंचा दिया गया।
पुलिस के अनुसार 31 मई 2026 को सीलमपुर निवासी नजरीन ने जीटीबी एन्क्लेव थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में उन्होंने बताया कि कुछ दिन पहले एक महिला उनके घर आई थी और खुद को बच्चों के टीकाकरण में मदद करने वाली बताकर परिवार से परिचित हुई थी। महिला ने भरोसा जीत लिया और परिवार के साथ सामान्य व्यवहार करने लगी।
घटना वाले दिन आरोपी महिला फिर नजरीन के घर पहुंची और उनके 6 माह के बेटे को टीकाकरण के लिए जीटीबी अस्पताल ले जाने की बात कही। भरोसे में आकर नजरीन अपने बच्चे के साथ उसके साथ अस्पताल चली गईं। अस्पताल की एमसीएच न्यू बिल्डिंग में पहुंचने के बाद आरोपी ने कागजी कार्रवाई में मदद करने का बहाना बनाया और मौका मिलते ही बच्चे को लेकर फरार हो गई।
घटना की जानकारी मिलते ही जीटीबी एन्क्लेव थाना पुलिस ने एफआईआर संख्या 154/2026 के तहत धारा 137(2) बीएनएस में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए शाहदरा जिला पुलिस ने तुरंत तीन विशेष टीमों का गठन किया।
जांच के दौरान पुलिस ने अस्पताल और आसपास के इलाकों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले। साथ ही मेट्रो नेटवर्क की निगरानी, तकनीकी सर्विलांस, कॉल डिटेल रिकॉर्ड और स्थानीय खुफिया जानकारी के आधार पर आरोपी की तलाश शुरू की गई। पुलिस टीम लगातार आरोपी की गतिविधियों पर नजर रख रही थी।
सीसीटीवी कैमरों और तकनीकी जांच के जरिए पुलिस को आरोपी की लोकेशन से जुड़े अहम सुराग मिले। लगातार छापेमारी और निगरानी के बाद पुलिस शिवाजी पार्क मेट्रो स्टेशन के पास स्थित एक झुग्गी बस्ती तक पहुंची। यहां विशेष सूचना के आधार पर छापा मारकर पुलिस ने 6 माह के अपहृत बच्चे को सकुशल बरामद कर लिया। मौके से आरोपी महिला बॉबी उर्फ कंचन को भी गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस जांच में आरोपी का आपराधिक इतिहास भी सामने आया है। अधिकारियों के मुताबिक बॉबी उर्फ कंचन पहले भी हत्या और अपहरण के मामले में दोषी पाई जा चुकी है और उसे उम्रकैद की सजा मिली थी। वर्ष 2007 के एक मामले में वह और उसका पति दोषी ठहराए गए थे। पैरोल पर बाहर आने के बाद उसने आत्मसमर्पण नहीं किया और गिरफ्तारी से बचने के लिए झुग्गी बस्ती में रह रही थी।
पूछताछ के दौरान आरोपी ने खुलासा किया कि नवंबर 2025 में उसने जुड़वां बच्चों को जन्म दिया था, लेकिन दोनों बच्चों की मौत हो गई थी। उसने यह बात अपने पति और ससुराल वालों से छिपाकर रखी थी। जब परिवार की ओर से बच्चों को घर लाने का दबाव बढ़ा तो सच सामने आने के डर से उसने किसी दूसरे बच्चे को हासिल करने की योजना बनाई।
इसी योजना के तहत उसने पीड़िता नजरीन का विश्वास जीता और फिर जीटीबी अस्पताल से मासूम बच्चे का अपहरण कर लिया। बाद में उसने उस बच्चे को अपने परिवार के सामने अपना बच्चा बताकर पेश कर दिया।
दिल्ली पुलिस की तेज कार्रवाई और तकनीकी जांच के चलते मासूम बच्चे को सुरक्षित बचा लिया गया। बच्चे के सुरक्षित मिलने के बाद परिवार ने राहत की सांस ली और पुलिस टीम का धन्यवाद किया। पुलिस के अनुसार मामले की आगे की जांच जारी है और आरोपी से पूछताछ की जा रही है।



