Delhi Lakshmi Yojana: ‘दिल्ली लक्ष्मी योजना’ पर सियासी संग्राम, AAP विधायकों के दफ्तरों पर BJP का प्रदर्शन
नई दिल्ली। दिल्ली में महिलाओं के लिए प्रस्तावित ‘दिल्ली लक्ष्मी योजना’ को लेकर भारतीय जनता पार्टी और आम आदमी पार्टी के बीच सियासी टकराव तेज हो गया है। योजना के तहत महिलाओं को हर महीने 2,500 रुपये की आर्थिक सहायता दिए जाने का प्रावधान बताया जा रहा है। इसी मुद्दे को लेकर बीजेपी ने आम आदमी पार्टी के सभी 22 विधायकों के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए सोमवार को उनके घरों और कार्यालयों के बाहर प्रदर्शन किया।
पूर्वी दिल्ली के कोंडली विधानसभा क्षेत्र में भी बीजेपी कार्यकर्ताओं ने आम आदमी पार्टी के विधायक कुलदीप कुमार के कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन का नेतृत्व दिल्ली प्रदेश बीजेपी उपाध्यक्ष ऋचा पांडेय और मयूर विहार जिला अध्यक्ष विजेंद्र धामा ने किया। इस दौरान बीजेपी कार्यकर्ताओं ने आम आदमी पार्टी के खिलाफ नारेबाजी की और महिलाओं को योजना का लाभ नहीं मिलने का आरोप लगाया।
बीजेपी का आरोप है कि विधायक कुलदीप कुमार ‘दिल्ली लक्ष्मी योजना’ के तहत 2,500 रुपये की आर्थिक सहायता पाने के लिए महिलाओं द्वारा दिए जा रहे फॉर्म पर हस्ताक्षर नहीं कर रहे हैं। बीजेपी ने इसे महिलाओं के साथ अन्याय बताते हुए विधायक की भूमिका पर सवाल उठाए।
दिल्ली प्रदेश बीजेपी उपाध्यक्ष ऋचा पांडेय ने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी के विधायक महिलाओं के 2,500 रुपये वाली योजना के फॉर्म पर हस्ताक्षर नहीं कर रहे हैं। उन्होंने इसे महिलाओं के साथ अन्याय बताते हुए AAP विधायकों पर महिला विरोधी होने का आरोप लगाया।
वहीं, विधायक कार्यालय के बाहर कुछ महिलाएं भी अपनी शिकायत लेकर पहुंचीं। महिलाओं ने दावा किया कि वे मजदूरी करके अपने परिवार का पालन-पोषण करती हैं और पिछले चार दिनों से लगातार विधायक कार्यालय के चक्कर लगा रही हैं। उनका कहना है कि कार्यालय के चक्कर लगाने के कारण वे काम पर भी नहीं जा पा रही हैं, लेकिन इसके बावजूद उनकी समस्या का समाधान नहीं हुआ है।
प्रदर्शन के दौरान एक महिला ने अपनी परेशानी बताते हुए कहा कि वे मजदूरी करती हैं और पिछले चार दिनों से कार्यालय आ रही हैं। लगातार यहां आने के कारण वे काम पर नहीं जा पा रही हैं, फिर भी उनकी समस्या का समाधान नहीं हो रहा है।
इस मामले को लेकर बीजेपी पार्षद मोनिश डेडा ने भी AAP विधायक कुलदीप कुमार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि यदि विधायक महिलाओं के फॉर्म पर हस्ताक्षर नहीं करते हैं तो बीजेपी इन महिलाओं को सांसद हर्ष मल्होत्रा के पास लेकर जाएगी और उनके फॉर्म पर हस्ताक्षर करवाने का प्रयास करेगी।
मोनिश डेडा ने कहा कि बीजेपी महिलाओं को उनका हक दिलाने के लिए उनके साथ खड़ी है। उन्होंने दावा किया कि विधायक द्वारा फॉर्म पर हस्ताक्षर नहीं किए जाने की स्थिति में महिलाओं को सांसद के पास ले जाकर उनकी समस्या का समाधान कराने की कोशिश की जाएगी।
‘दिल्ली लक्ष्मी योजना’ को लेकर शुरू हुआ यह विवाद अब दिल्ली की राजनीति में बड़ा मुद्दा बनता जा रहा है। बीजेपी जहां AAP विधायकों पर महिलाओं के हितों की अनदेखी करने का आरोप लगा रही है, वहीं इस मुद्दे को लेकर दोनों दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप लगातार तेज हो रहे हैं। आने वाले दिनों में योजना को लेकर राजनीतिक टकराव और बढ़ने की संभावना है।



