Stray Dogs: कड़कड़डूमा कोर्ट परिसर में आवारा कुत्तों का आतंक, वकीलों और आम लोगों की सुरक्षा को लेकर बढ़ी चिंता
पूर्वी दिल्ली के कड़कड़डूमा कोर्ट परिसर में आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या को लेकर वकीलों, कर्मचारियों और कोर्ट में आने वाले आम लोगों के बीच चिंता बढ़ती जा रही है। कोर्ट परिसर में लंबे समय से आवारा कुत्तों की मौजूदगी की समस्या बनी हुई है, जिसके चलते यहां आने वाले लोगों को परेशानी के साथ-साथ सुरक्षा संबंधी चिंताओं का भी सामना करना पड़ रहा है।
कड़कड़डूमा कोर्ट पूर्वी दिल्ली का एक महत्वपूर्ण न्यायिक परिसर है, जहां रोजाना बड़ी संख्या में वकील, न्यायिक कर्मचारी, पक्षकार और आम लोग अपने मामलों के सिलसिले में पहुंचते हैं। ऐसे में परिसर में आवारा कुत्तों की मौजूदगी लोगों के लिए असुविधा का कारण बन रही है। कई स्थानों पर कुत्तों के झुंड दिखाई देने के कारण लोगों को परिसर में आवाजाही के दौरान सावधानी बरतनी पड़ती है।
इस मामले को लेकर शाहदरा बार एसोसिएशन के सेक्रेटरी नवीर डबास से भी बातचीत की गई। उन्होंने बताया कि कोर्ट परिसर में आवारा कुत्तों की बढ़ती समस्या को लेकर जिला जज के सामने भी यह मुद्दा उठाया गया है। बार एसोसिएशन की ओर से लगातार प्रयास किया जा रहा है कि समस्या का जल्द समाधान निकाला जाए, ताकि कोर्ट परिसर में आने वाले वकीलों और आम लोगों को किसी तरह की परेशानी या असुरक्षा का सामना न करना पड़े।
नवीर डबास के मुताबिक, इस गंभीर समस्या को दिल्ली हाई कोर्ट के संज्ञान में भी लाया गया है। बार एसोसिएशन का कहना है कि कड़कड़डूमा कोर्ट जैसा संवेदनशील और सार्वजनिक स्थान ऐसी समस्या से प्रभावित नहीं होना चाहिए। यहां रोजाना हजारों लोगों की आवाजाही होती है और ऐसे में आवारा कुत्तों की मौजूदगी से किसी अप्रिय घटना की आशंका बनी रहती है।
बार एसोसिएशन की ओर से संबंधित प्रशासनिक एजेंसियों से प्रभावी कदम उठाने की मांग की जा रही है। एसोसिएशन का कहना है कि समस्या का समाधान इस तरह किया जाना चाहिए, जिससे कोर्ट परिसर में लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित हो और साथ ही संबंधित नियमों एवं मानवीय दृष्टिकोण का भी ध्यान रखा जाए।
वकीलों का कहना है कि कोर्ट परिसर में आने वाले लोगों में बुजुर्ग, महिलाएं, बच्चे और ऐसे लोग भी शामिल होते हैं जो नियमित रूप से परिसर में नहीं आते। ऐसे लोगों के लिए अचानक सामने आने वाले या झुंड में घूमने वाले आवारा कुत्ते परेशानी और डर का कारण बन सकते हैं। इसलिए प्रशासन को मामले को गंभीरता से लेते हुए व्यवस्थित और स्थायी समाधान की दिशा में कदम उठाने की जरूरत है।
फिलहाल शाहदरा बार एसोसिएशन की नजर प्रशासन और संबंधित अधिकारियों की कार्रवाई पर है। बार एसोसिएशन का प्रयास है कि कड़कड़डूमा कोर्ट परिसर में आवारा कुत्तों की समस्या का जल्द समाधान हो और वकीलों, कर्मचारियों, पक्षकारों तथा आम लोगों के लिए सुरक्षित माहौल सुनिश्चित किया जा सके। अब देखना होगा कि इस मामले को लेकर प्रशासन और संबंधित एजेंसियां आने वाले दिनों में क्या कदम उठाती हैं।



