Delhi MCD: दिल्ली नगर निगम में विशेष बैठक, मेयर सरदार राजा इकबाल सिंह ने नवनिर्वाचित पार्षदों को दिलाई शपथ
दिल्ली नगर निगम के सदन में एक विशेष बैठक का आयोजन किया गया, जिसमें नवनिर्वाचित पार्षदों को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई गई। यह शपथ ग्रहण समारोह मेयर सरदार राजा इकबाल सिंह की अध्यक्षता में संपन्न हुआ। कार्यक्रम के दौरान निगम के सभी पार्षद, वरिष्ठ अधिकारी और सदन से जुड़े कर्मचारी मौजूद रहे। पूरे समारोह का माहौल गरिमामय, शांत और अनुशासित रहा, जिससे लोकतांत्रिक प्रक्रिया की गंभीरता और महत्त्व स्पष्ट रूप से दिखाई दिया।
शपथ ग्रहण के बाद मेयर सरदार राजा इकबाल सिंह ने नवनिर्वाचित पार्षदों को बधाई दी और उन्हें जनता द्वारा दिए गए विश्वास पर खरा उतरने की जिम्मेदारी का अहसास कराया। उन्होंने कहा कि पार्षद आम जनता के सीधे प्रतिनिधि होते हैं और उनकी सबसे बड़ी जिम्मेदारी नागरिकों की रोजमर्रा की समस्याओं को समझना और उनका समाधान करना है। मेयर ने पार्षदों से अपील की कि वे राजनीतिक मतभेदों को एक तरफ रखकर मिल-जुलकर काम करें ताकि दिल्ली के विकास को नई गति मिल सके।
मेयर ने जानकारी दी कि इस विशेष बैठक के दौरान नागरिक हित से जुड़े कई अहम फैसले भी लिए गए हैं। इन निर्णयों का उद्देश्य नगर निगम की कार्यप्रणाली को और अधिक मजबूत बनाना और दिल्लीवासियों को बेहतर बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि निगम का फोकस साफ-सफाई व्यवस्था को बेहतर करने, स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने, बुनियादी ढांचे के विकास और प्रशासन में पारदर्शिता लाने पर रहेगा।
मेयर ने यह भी कहा कि दिल्ली नगर निगम पहले से ही शहर की सफाई, कूड़ा प्रबंधन, प्राथमिक शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाएं, पार्कों के रखरखाव और सड़कों की मरम्मत जैसी अहम जिम्मेदारियां निभा रहा है। दिल्ली जैसे बड़े और घनी आबादी वाले शहर में नगर निगम की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि आम जनता का सबसे सीधा संपर्क इसी संस्था से होता है।
उन्होंने भरोसा दिलाया कि आने वाले समय में स्वच्छता अभियान को और प्रभावी बनाया जाएगा, निगम स्कूलों की गुणवत्ता सुधार पर विशेष ध्यान दिया जाएगा, डिस्पेंसरियों में इलाज की सुविधाएं बेहतर की जाएंगी, नालों की नियमित सफाई होगी और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी। मेयर ने स्पष्ट कहा कि जनता की शिकायतों को समय पर सुनना और उनका समाधान करना निगम की सर्वोच्च जिम्मेदारी है और इस दिशा में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।



