Delhi Crime Branch: 12 साल पुराने हत्या मामले में घोषित अपराधी गिरफ्तार
दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच की WR-I टीम ने 12 साल पुराने हत्या के मामले में फरार चल रहे घोषित अपराधी गुलाब सिंह उर्फ विक्की को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। आरोपी लंबे समय से पुलिस की पकड़ से बचता फिर रहा था और लगातार अपने ठिकाने बदल रहा था।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, गुलाब सिंह उर्फ विक्की नंद नगरी थाने में दर्ज हत्या के एक मामले में वांछित था। यह मामला साल 2014 का है, जब नंद नगरी इलाके में मोहम्मद कायम की हत्या कर दी गई थी। घटना के बाद पुलिस ने आरोपी के भाइयों समेत कई अन्य लोगों को गिरफ्तार कर लिया था, लेकिन गुलाब सिंह मौके से फरार हो गया था। लगातार तलाश के बावजूद वह पुलिस के हाथ नहीं लगा, जिसके बाद अदालत ने उसे घोषित अपराधी यानी भगोड़ा करार दे दिया था।
क्राइम ब्रांच की टीम काफी समय से आरोपी की गतिविधियों पर नजर बनाए हुए थी। इसी दौरान पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि आरोपी दिल्ली में मौजूद है और छिपकर रह रहा है। सूचना मिलते ही WR-I टीम ने तकनीकी निगरानी, मोबाइल लोकेशन ट्रैकिंग और लोकल इंटेलिजेंस की मदद से जाल बिछाया। कई दिनों की निगरानी और सटीक प्लानिंग के बाद पुलिस ने आरोपी को दबोच लिया।
गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में आरोपी ने खुलासा किया कि हत्या की वारदात के बाद वह लगातार दिल्ली और आसपास के इलाकों में अपनी पहचान छिपाकर रह रहा था। उसने पुलिस से बचने के लिए कई बार ठिकाने बदले और बेहद सतर्क तरीके से जिंदगी गुजार रहा था। आरोपी अपनी पत्नी के साथ अलग-अलग जगहों पर किराए के मकानों में रहकर गिरफ्तारी से बचने की कोशिश करता रहा।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, आरोपी को इस बात का अंदेशा था कि पुलिस उसकी तलाश में लगातार लगी हुई है, इसलिए वह सार्वजनिक जगहों पर कम ही दिखाई देता था। क्राइम ब्रांच की टीम ने आरोपी की गतिविधियों का विश्लेषण कर उसके नेटवर्क और संपर्कों पर भी काम किया, जिसके बाद आखिरकार उसे पकड़ने में सफलता मिली।
दिल्ली पुलिस का कहना है कि आरोपी से अभी और पूछताछ की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि फरारी के दौरान उसे किस-किस व्यक्ति की मदद मिलती रही और क्या वह किसी अन्य आपराधिक गतिविधि में भी शामिल था। पुलिस अब उसके पुराने रिकॉर्ड और संपर्कों की भी जांच कर रही है।
इस गिरफ्तारी को क्राइम ब्रांच की बड़ी कामयाबी माना जा रहा है, क्योंकि आरोपी पिछले 12 वर्षों से कानून से बचता फिर रहा था। लंबे समय से लंबित इस मामले में आरोपी की गिरफ्तारी से जांच एजेंसियों को राहत मिली है और हत्या के केस में आगे की कानूनी कार्रवाई तेज होने की उम्मीद है।



