Ek Bharat Shreshtha Bharat Scheme: पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय खिचड़ीपुर में भारतीय भाषा संगम कार्यक्रम का आयोजन
नई दिल्ली के पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय खिचड़ीपुर में “एक भारत श्रेष्ठ भारत” अभियान के अंतर्गत भारतीय भाषा संगम कार्यक्रम का भव्य और उत्साहपूर्ण आयोजन किया जा रहा है। यह कार्यक्रम 13 मई 2026 को शुरू हुआ, जिसके तहत इस वर्ष मैथिली भाषा को केंद्र में रखते हुए विद्यार्थियों को भारत की भाषाई और सांस्कृतिक विविधता से परिचित कराया जा रहा है। इस पहल में लगभग 100 छात्र-छात्राएं सक्रिय रूप से भाग ले रहे हैं।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में भारतीय भाषाओं के प्रति सम्मान विकसित करना, राष्ट्रीय एकता की भावना को मजबूत करना और देश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को समझने का अवसर प्रदान करना है। इस विशेष शिविर के माध्यम से बच्चों को मैथिली भाषा बोलने वाले क्षेत्रों की परंपराएं, खान-पान, लोकगीत, वेशभूषा, रीति-रिवाज, साहित्य और इतिहास से परिचित कराया जा रहा है, जिससे वे भारत की विविधता को करीब से समझ सकें।
इस दौरान विभिन्न रचनात्मक गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है, जिनमें भाषा परिचय, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां, समूह चर्चा, प्रश्नोत्तरी, लोकगीत, पोस्टर निर्माण और नाट्य मंचन शामिल हैं। इन गतिविधियों के माध्यम से छात्र-छात्राएं आनंदपूर्ण वातावरण में नई भाषा सीख रहे हैं और सांस्कृतिक ज्ञान को आत्मसात कर रहे हैं। विद्यार्थियों ने विशेष रूप से मैथिली भाषा के सामान्य शब्दों, अभिवादन शैली और लोक परंपराओं को सीखने में गहरी रुचि दिखाई है।
कार्यक्रम का संचालन श्रीमती आरती झा द्वारा किया जा रहा है, जिन्होंने विद्यार्थियों को भारतीय भाषाओं की महत्ता समझाते हुए कहा कि भाषा केवल संवाद का माध्यम नहीं, बल्कि संस्कृति, संस्कार और मूल्यों का वाहक होती है। उनके मार्गदर्शन में छात्रों को भाषाई विविधता के महत्व को समझने का अवसर मिल रहा है।
विद्यालय के प्राचार्य श्री अरविंद कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि भारत की सबसे बड़ी शक्ति उसकी सांस्कृतिक और भाषाई विविधता में निहित है। उन्होंने विद्यार्थियों से “अनेकता में एकता” की भावना को जीवन में अपनाने और भारतीय संस्कृति एवं विरासत को सहेजकर रखने का आह्वान किया। उन्होंने इस तरह के कार्यक्रमों को राष्ट्रीय एकता, भाईचारे और सांस्कृतिक समझ को मजबूत करने वाला बताया।
इस अवसर पर उपप्राचार्य श्री अब्दुल वहाब, श्रीमती सारिका भटनागर, श्रीमती अर्चना मीणा सहित अनेक शिक्षक और अभिभावक उपस्थित रहे। सभी ने विद्यार्थियों के प्रदर्शन की सराहना की और कहा कि ऐसे कार्यक्रम भारतीय संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।



